'लगातार ठिकाने बदल रहे थे आरोपी,' अंकित बालियान शूटर एनकाउंटर में DGP ने खोले बड़े राज
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या और उसकी हत्या के आरोपियों में से दो के एकाउंटर ने उत्तर प्रदेश में सनसनी मचा दी है. इस मामले में लगातार अपडेट सामने आ रहे हैं. वहीं उत्तर प्रदेश के डीजीपी ने इस मामले में एक प्रेस वार्ता की और अहम जानकारियां दीं. डीजीपी राजीव कृष्णा ने बताया कि अंकित बालियान की हत्या सोजी समझी साजिश के तहत की गई. उन्होंने बताया कि किस तरह आरोपी लगातार अंकित की मूवमेंट पर नजर रख रहे थे. यही नहीं वह लगातार अपने लोकेशन यानी ठिकाने भी बदल रहे थे.
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2027 विधानसभा चुनाव पर मायावती का फोकस, जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों के साथ चुनावी रणनीति पर की चर्चा
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती सोमवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में संगठन की अहम बैठक कर रही हैं. इस बैठक में दिवंगत बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के बेटे प्रिंस युकेश सिंह भी पहली बार शामिल हुए हैं. बैठक की शुरुआत में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उमाशंकर सिंह को श्रद्धांजलि दी. इस दौरान दो मिनट का मौन रखा गया.
2027 के चुनाव पर मायावती का फोकस
लखनऊ में हो रही इस बैठक में उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों से पार्टी के जिलाध्यक्ष, मंडल स्तर के पदाधिकारी और विधानसभा प्रभारियों समेत 600 से ज्यादा कार्यकर्ता और नेता पहुंचे हैं. बैठक का मुख्य एजेंडा 2027 में होने वाला उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव है. इसमें पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, विधानसभा क्षेत्रों में गतिविधियां बढ़ाने और संभावित प्रत्याशियों के चयन जैसे मुद्दों पर चर्चा की जा रही है. मायावती पिछली बैठकों में पदाधिकारियों को दिए गए निर्देशों की भी समीक्षा कर रही हैं. माना जा रहा है कि बैठक के दौरान वह नेताओं को आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति को लेकर नए निर्देश दे सकती हैं.
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आकाश आनंद बैठक में नहीं पहुंचे
मायावती के भतीजे और बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद सोमवार की बैठक में मौजूद नहीं हैं. बताया जा रहा है कि आज की बैठक पूरी तरह उत्तर प्रदेश में पार्टी की तैयारियों पर केंद्रित है. आकाश आनंद के 3 सितंबर को होने वाली बसपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने की संभावना है.
कौन हैं प्रिंस युकेश सिंह?
दिवंगत बसपा विधायक उमाशंकर सिंह बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रहे थे. लंबे समय से ब्रेन कैंसर से जूझने के बाद 5 अगस्त को उनका निधन हो गया था. उनके परिवार में पत्नी पुष्पा सिंह, बेटी यामिनी और बेटा प्रिंस युकेश सिंह हैंउमाशंकर सिंह ने अपने बेटे युकेश की शादी 2024 में यूपी सरकार में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह की भतीजी कनिका सिंह से कराई थी. इस शादी में मायावती भी शामिल हुई थीं. युकेश फिलहाल अपने पिता की कंपनी ‘CS इंफ्राकंस्ट्रक्शन लिमिटेड’ में CEO की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह अब तक सक्रिय राजनीति में ज्यादा नजर नहीं आए हैं. हालांकि, उमाशंकर सिंह के निधन के बाद से उन्हें परिवार की राजनीतिक विरासत का संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा है.
#WATCH | Lucknow, UP: BSP chief Mayawati holds a meeting regarding the upcoming Uttar Pradesh elections. All state-level office bearers of the UP BSP have arrived for the meeting. District presidents from all 75 districts of the UP BSP are present. Mayawati sought feedback on the… pic.twitter.com/Qe3LLwojgA
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) August 31, 2026
मायावती ने पहले भी दिया था संकेत
उमाशंकर सिंह के निधन के बाद मायावती ने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा था कि उमाशंकर उन्हें अपनी सगी बहन की तरह मानते थे. उन्होंने यह भी कहा था कि उमाशंकर ने मुश्किल समय में भी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा. मायावती ने उस समय संकेत दिया था कि अगर परिवार की इच्छा होगी तो उनके बेटे को राजनीति में आगे बढ़ने का अवसर दिया जाएगा और उन्हें वही सम्मान देने की कोशिश की जाएगी, जो उमाशंकर सिंह को पार्टी में मिला था. इसी बयान के बाद से युकेश के सक्रिय राजनीति में आने की संभावनाओं को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं. सोमवार को बसपा की अहम बैठक में उनकी मौजूदगी ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है.
30 से ज्यादा सीटों पर प्रभारी घोषित
बसपा ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं. पार्टी अब तक 30 से ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारी घोषित कर चुकी है. वहीं, करीब 50 से अधिक संभावित नामों को शॉर्टलिस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है. जिन विधानसभा क्षेत्रों में प्रभारी घोषित किए जा चुके हैं, वहां पार्टी ने जनसंपर्क और संगठन से जुड़ी गतिविधियां भी शुरू कर दी हैं. आकाश आनंद भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी की गतिविधियों को गति दे रहे हैं. वह हाथरस की सादाबाद और जेवर में चुनावी कार्यक्रमों में हिस्सा ले चुके हैं. इसके अलावा पश्चिमी यूपी के प्रभारी मुनकाद अली और प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल भी अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ता सम्मेलनों के जरिए संगठन को सक्रिय करने में जुटे हैं. अब नजर इस बात पर है कि बसपा 2027 के विधानसभा चुनाव में किस रणनीति के साथ मैदान में उतरती है और क्या मायावती अपने पुराने नेताओं के राजनीतिक उत्तराधिकारियों को भी पार्टी में नई जिम्मेदारियां देती हैं.
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