हैदराबाद में नर्स की हत्या और दुष्कर्म मामले में मैकेनिक अरेस्ट
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक नर्स से दुष्कर्म और उसकी हत्या के मामले में पुलिस ने बिहार के 34 वर्षीय बाइक मैकेनिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय से ताल्लुक रखने वाली महिला ठुक्कुगुड़ा इलाके के एक अस्पताल में नर्स के रूप में काम करती थी।
उसका शव 29 अगस्त को अस्पताल परिसर में स्थित आवासीय कमरे में मिला था। मृतका की एक रिश्तेदार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। शमशाबाद जोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) बी. राजेश ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि जांच के दौरान जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों और विशेष जानकारी के आधार पर पुलिस ने शनिवार शाम आरोपी को पकड़ लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी बिहार के बेगूसराय जिले का रहने वाला है और ठुक्कुगुड़ा में एक मैकेनिक की दुकान पर काम करता था। वह घटनास्थल के पास स्थित उसी दुकान में रह रहा था। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘पूछताछ के बाद आरोपी ने दुष्कर्म और हत्या की बात कबूल कर ली।’’ डीसीपी ने बताया कि आरोपी को शराब पीने और मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो एवं तस्वीरें देखने की आदत थी।
उन्होंने कहा कि घटना से करीब एक महीने पहले आरोपी ने मैकेनिक की दुकान की पीछे वाली खिड़की से महिला को देखा था और उसके प्रति गलत भावना विकसित कर ली थी। इसके बाद वह उसकी गतिविधियों पर नजर रखने लगा। पुलिस के अनुसार, आरोपी को जब पता चला कि महिला अस्पताल में नर्स के रूप में काम करती है और वहीं बने आवासीय परिसर में रहती है, तो उसने कथित तौर पर उससे दुष्कर्म करने की योजना बनाई।
पुलिस ने बताया कि 28 और 29 अगस्त की दरमियानी रात आरोपी खिड़की के रास्ते महिला के कमरे में घुस गया। महिला के जागने और शोर मचाने पर आरोपी ने कथित तौर पर अपने बाएं हाथ से उसका मुंह दबा दिया और दाएं हाथ से उसका गला पकड़ लिया। डीसीपी ने बताया, ‘‘संघर्ष के दौरान महिला ने आरोपी की बाएं हाथ की छोटी उंगली पर काट लिया और उसके गले तथा छाती के बाईं ओर खरोंच के निशान बनाए।
इससे गुस्साए आरोपी ने कथित तौर पर उसके चेहरे पर हमला किया, उसे नीचे गिरा दिया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने कथित तौर पर उससे दुष्कर्म किया और खिड़की बंद कर मौके से फरार हो गया।’’ उन्होंने बताया कि पुलिस कानून के अनुसार वैज्ञानिक, तकनीकी और अन्य साक्ष्य जुटाने एवं उनका विश्लेषण करने के लिए जांच जारी रखे हुए है। पुलिस ने बताया कि उन्हें आशंका है कि आरोपी ने महिला के बेहोश होने के बाद उससे दुष्कर्म किया।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा रिपोर्ट का इंतजार है। पुलिस के अनुसार मृतका की एक सहकर्मी ने 29 अगस्त को फोन कर उसकी रिश्तेदार को बताया था कि महिला सुबह से कमरे से बाहर नहीं आई है और कई बार खटखटाने के बावजूद कोई जवाब नहीं दे रही है। इसके बाद सहकर्मी और शिकायतकर्ता खिड़की के रास्ते कमरे में दाखिल हुए, जहां महिला का शव मिला।
उसके चेहरे पर चोट और खून के निशान थे। पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता ने आशंका जताई थी कि किसी व्यक्ति ने किसी अज्ञात वस्तु से हमला कर महिला की हत्या की है। मामले की जांच जारी है।
Explainer: बॉलीवुड स्टार्स अपने बच्चों को कैमरों की नजरों से क्यों रखते हैं दूर? जानिए क्या है इसकी असली वजह
Bollywood Stars Children Privacy: बॉलीवुड फिल्म स्टार की लाइफ हमेशा चकाचौंध से भरी होती है. एयरपोर्ट हो, फिल्म की शूटिंग हो, कोई पार्टी हो या फिर सोशल मीडिया, स्टार्स की एक झलक पाने के लिए फैंस और पैपराजी बेसब्र रहते हैं. लेकिन जब बात उनके बच्चों की आती है तो कई सेलिब्रिटी पैरेंट्स अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी सीरियस हो जाते हैं. कुछ स्टार्स अपने बच्चों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर नहीं करते, तो कुछ सेलिब्रिटी पैरेंट्स साफ तौर पर पैपराजी से मना कर देते हैं कि उनकी बच्चों की फोटो ना लें. आखिर ऐसा क्यों है? क्या सेलिब्रिटी पैरेंट्स अपने बच्चों को हमेशा के लिए लाइमलाइट से दूर रखना चाहते हैं या इसके पीछे किसी तरह की सोच होती है. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.
बचपन नॉर्मल बच्चे की तरह जीने का मौका मिले
किसी एक्टर या एक्ट्रेस ने फिल्मों में काम करके पॉपुलैरिटी हासिल की है, इसलिए लोगों की उनके बारे में जानने में दिलचस्पी होना नेचुरल है. लेकिन उनके बच्चे ने अभी कोई फिल्म नहीं की है और न ही उसने खुद पब्लिक लाइफ चुनी है. यही वजह है कि सेलिब्रिटी पैरेंट्स मानते हैं कि बच्चे की पहचान उनकी पॉपुलैरिटी से अलग होनी चाहिए. इसका सबसे बड़ा उदाहरण रानी मुखर्जी और आदित्य चोपड़ा की बेटी आदिरा हैं.दोनों ने शुरुआत से ही अपनी बेटी को मीडिया की नजरों से दूर रखा है. रानी ने 2023 में 'Koffee With Karan' में बताया था कि उन दोनों ने मिलकर लिया फैसला था. उनका मानना था कि आदिरा स्कूल में खुद को बाकी बच्चों से अलग या ज्या स्पेशल ना महसूस करे और उसे नॉर्मेल बच्चों की तरह बड़ा होने का मौका मिले. यानी मामला सिर्फ उन्हें कैमरों की नजरों से छिपाने का नहीं है बल्कि इसके पीछे यह सोच है कि बच्चे को छोटी उम्र से ही Celebrity Kid की पहचान के साथ न जीना पड़े.
रानी मुखर्जी ने बेटी आदिरा को क्यों रखा कैमरों से दूर?
रानी मुखर्जी का नाम उन सितारों में आता है जिन्होंने अपनी बेटी की प्राइवेसी को लेकर शुरुआत से ही साफ कर दिया था. उन्होंने पैपराजी से आदिरा की तस्वीरें नहीं लेने के लिए कह रखा है और पैपराजी ने भी उनकी बात का सम्मान किया. रानी पुराने इंटरव्यू में बता चुकी हैं कि उन्होंने और आदित्य चोपड़ा ने मिलकर तय किया था कि आदिरा की तस्वीरें पब्लिक नहीं की जाएंगी. उनका मानना था कि स्कूल और नॉर्मल लाइफ में उसे अपने पैरेट्स की पॉपुलैरिटी ज्यादा फायदा या अंटेशन न मिले. यह फैसला आज भी देखने को मिलता है. पिछले महीने भी रानी मुंबई एयरपोर्ट पर अपनी बेटी को कैमरों की नजरों से प्रोटेक्ट करती हुईं नजर आई थीं.
अनुष्का शर्मा और विराट कोहली भी रखते हैं अपने बच्चों को लाइमलाइट से दूर
बॉलीवुड और क्रिकेट की सबसे पॉपुलर जोड़ियों में शामिल अनुष्का शर्मा और विराट कोहली भी अपने बच्चों की प्राइवेसी को लेकर साफ रहे हैं. दोनों ने अपनी बेटी वामिका और बेटे अकाय को मीडिया की लगातार नजरों से दूर रखने की कोशिश की है.विराट ने एक बार सोशल मीडिया पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा था कि उन्होंने और अनुष्का ने फैसला कर रखा है कि वे अपने बच्चे को सोशल मीडिया के सामने तब तक नहीं लाएंगे, जब तक वह खुद सोशल मीडिया खुद नहीं समझने और अपने बारे में फैसला लेने की उम्र में ना आ जाएं. वामिका की तस्वीरें कई मौकों पर कैमरे में कैद होने के बाद भी दोनों ने लोगों से उनकी फोटो न शेयर करने की अपील की.
सोशल मीडिया ने प्राइवेसी को बनाया मुश्किल
पहले किसी सेलिब्रिटी के बच्चे की फोटो छपने के लिए मैगजीन या अखबार की जरूरत होती थी. अब सिचुएशन पूरी तरह बदल चुकी है. किसी एयरपोर्ट, स्कूल के बाहर, रेस्टोरेंट या हॉलीडे पर ली गई एक फोटो कुछ ही मिनट में वायरल हो सकती है. यही वजह है कि कई स्टार्स अपने बच्चों की फोटो खुद भी सोशल मीडिया पर फोटो नहीं करते हैं. समस्या यह है कि एक बार फोटो इंटरनेट पर आ जाने के बाद उसे पूरी हटाना मुश्किल होता है. इसके अलावा बच्चे की उम्र बढ़ने के साथ उसकी अपनी Social Media Identity भी बन सकती है. सेलिब्रिटी पैरेंट्स का मानना हो सकता है कि बच्चे को खुद फैसला लेने का राइट होना चाहिए कि वह पब्लिक लाइफ जीना चाहता है या नहीं.
क्या हर Celebrity कैमरों की नजर छिपाते हैं बच्चे
ऐसा बिल्कुल नहीं है. यह हर फैमिला का पर्सनल फैसला है. कुछ सेलिब्रिटी अपने बच्चों को कैमरों से पूरी तरह दूर रखते हैं, जबकि कुछ सेलिब्रिटी बच्चों की फोटो पब्लिक होने को लेकर उतने सख्त नहीं होते. उदाहरण के लिए करीना कपूर खान और सैफ अली खान के बड़े बेटे तैमूर बचपन से ही पैपराजी की नजरों में रहे हैं. करीना ने बताया था कि उन्होंने और सैफ ने तैमूर को कैमरों से छिपाने की कोशिश नहीं की. उनका मानना था कि अगर वे हर टाइम बच्चे का चेहरा ढकेंगे तो इसका असर उसके मन पर ज्यादा पड़ सकता है. इससे पता चलता है कि Celebrity Parenting का कोई एक फॉर्मूला नहीं है. कोई परिवार Privacy को प्राइऑरिटी देता है, कोई बच्चे को कैमरों के साथ सहज बनाता है और कोई दोनों के बीच बैलेंस बनाने की कोशिश करता है.
आखिर क्यों जरूरी है सेलिब्रिटी किड्स की प्राइवेसी?
इस पूरे मामले को आसान भाषा में समझें तो स्टार्स अपने बच्चों को कैमरों से इसलिए दूर रखते हैं क्योंकि बच्चे ने खुद सेलिब्रिटी बनने का फैसला नहीं किया है. पैरेट्मस चाहते हैं कि उनके बच्चों को नॉर्मल बचपन मिले, स्कूल और दोस्तों के बीच उसे अलग तरह का व्यवहार न झेलना पड़े और इंटरनेट पर उसकी फोटो उसकी मर्जी के बिना हमेशा के लिए मौजूद न रहें. रानी मुखर्जी-आदित्य चोपड़ा और अनुष्का शर्मा-विराट कोहली जैसी फैमिली को देखकर समझा सकता है कि सेलिब्रिटी होने का मतलब यह नहीं है कि फैमिली का हर सदस्य पब्लिक लाइफ का हिस्सा बने. वहीं करीना कपूर और सैफ अली खान की फैमिली प्राइवेसी को अलग तरह से दिखती है.
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