भारत से 1630 KM दूर से PM मोदी ने साधा साउथ इंडिया, उज्बेकिस्तान में प्रधानमंत्री ने तमिल ग्रंथ तिरुक्कुरल का क्यों किया जिक्र?
PM Modi Kyrgyzstan-Uzbekistan Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों विदेश यात्रा पर हैं. वह उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की 4 दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे. उज्बेकिस्तान के ताशकंद के बाद पीएम मोदी सोमवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में रहे. इस दौरान उन्होंने तमिल ग्रंथ का जिक्र किया.
बिश्केक में एक कार्यक्रम को पीएम मोदी ने संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि सदियों पहले तमिल भाषा में लिखा गया 'तिरुक्कुरल' आज भी जीवन के हर क्षेत्र में प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बना हुआ है, इसमें आध्यात्मिकता, दर्शन और व्यावहारिक समझ शामिल है. कहा कि अपनी 80वीं वर्षगांठ मनाते हुए, क्या आप 'तिरुक्कुरल' का उज्बेक भाषा में अनुवाद करने के किसी मिशन के बारे में सोच सकते हैं? इससे यहां के ज्ञान-भंडार में सचमुच बढ़ोतरी होगी. यह रचना बहुत प्रभावशाली है और आप इससे गहरा जुड़ाव महसूस करेंगे.
#WATCH | Bishkek, Uzbekistan: Prime Minister Narendra Modi says, "The Thirukkural, written in Tamil centuries ago, remains a profound source of inspiration across all walks of life today—encompassing spirituality, philosophy, and practical wisdom. As you celebrate your 80th… https://t.co/82iAbj6Atp pic.twitter.com/0XeWPgZqeO
— ANI (@ANI) August 31, 2026
'यह संस्थान सिर्फ डिग्री हासिल करने की जगह नहीं'
PM मोदी ने कहा कि दुनिया की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक में मौजूद विचारों के जरिए, हम इंसानी सोच की उस गहराई को समझ सकते हैं जो हमारी विकास यात्रा की शुरुआत से ही मौजूद रही है. यह संस्थान सिर्फ डिग्री हासिल करने की जगह नहीं है. यह समर्पित प्रयास की जगह है, एक ऐसी जगह जो ज्ञान के विशाल सागर में डूबने का मौका देती है. किताबों के जरिए नई पीढ़ी तक यह ज्ञान पहुंचाने और उन लोगों तक पहुंचने के लिए जो इस भाषा से परिचित नहीं हैं, आपके प्रयास सचमुच तारीफ के काबिल हैं.
1630 किमी से पीएम मोदी ने साधा साउथ
अक्सर साउथ इंडिया को शिकायत रहती है कि वह दिल्ली की नजरों से दूर रहता है या नजरअंदाज रहता है. नेताओं के विदेश दौरों में भी नेताओं को महज दिल्ली से जोड़कर देखा जाता है. इस बार पीएम मोदी ने दक्षिण भारत की शिकायत को दूर करने का प्रयास किया है. दिल्ली और बिश्केक के बीच दूरी करीब 1630 किमी है. पीएम मोदी ने विदेश की जमीन से दक्षिण भारत का जिक्र किया है.
वित्त मंत्री सीतारमण ने भारत को वैश्विक विनिर्माण और नवाचार केंद्र के रूप में विकसित करने पर दिया जोर
नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनी 3एम से भारत में अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी), उन्नत विनिर्माण और स्थानीय आपूर्ति शृंखला विकास में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से प्रौद्योगिकी, नवाचार और वैश्विक विनिर्माण के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है और वैश्विक कंपनियों के लिए यहां व्यापक अवसर उपलब्ध हैं।
वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने यह बात अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना के एशविल में आयोजित जी-20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक के दौरान 3एम के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विलियम ब्राउन के साथ हुई बैठक में कही। यह मुलाकात बैठक के इतर आयोजित विभिन्न द्विपक्षीय कार्यक्रमों का हिस्सा थी।
दोनों पक्षों के बीच हुई चर्चा का मुख्य विषय भारत में 3एम की भागीदारी को और मजबूत बनाना था। बैठक में इस बात पर विचार किया गया कि भारत अब केवल एक बड़े उपभोक्ता बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्नत विनिर्माण, प्रौद्योगिकी विकास और नवाचार-आधारित उत्पादन का वैश्विक मंच बनता जा रहा है।
मंत्रालय ने बताया कि बैठक के दौरान डेटा सुरक्षा, तकनीकी विकास तथा भारतीय प्रतिभा को घरेलू औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र में अधिक प्रभावी ढंग से शामिल करने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत के पास कुशल मानव संसाधन, मजबूत विनिर्माण क्षमता और तेजी से विकसित हो रहा औद्योगिक ढांचा है, जिसका लाभ उठाकर 3एम अपने अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास कार्यक्रमों का विस्तार कर सकती है।
निर्मला सीतारमण ने 3एम से स्थानीयकरण बढ़ाने, अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों का विस्तार करने और नई प्रौद्योगिकियों के विकास में अधिक निवेश करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत में विकसित नवाचार केवल घरेलू बाजार की जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र और वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं को भी मजबूत कर सकते हैं।
उन्होंने कंपनी से उन्नत विनिर्माण क्षमताओं, स्थानीय आपूर्ति शृंखला नेटवर्क और आरएंडडी केंद्रों में निवेश बढ़ाने की अपील की। वित्त मंत्री का कहना था कि भारत की बढ़ती औद्योगिक क्षमता और विशाल प्रतिभा आधार वैश्विक कंपनियों को दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्रदान कर सकता है।
वहीं 3एम के चेयरमैन एवं सीईओ विलियम ब्राउन ने भारत में उपलब्ध विशाल प्रतिभा संसाधन की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत में प्रौद्योगिकी विकास और स्थानीय बाजार दोनों के क्षेत्र में पर्याप्त अवसर मौजूद हैं। ब्राउन ने भारत सरकार द्वारा आर्थिक और संरचनात्मक सुधारों के माध्यम से उद्योगों को दिए जा रहे समर्थन की भी प्रशंसा की।
वित्त मंत्री ने 3एम द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था में जताए गए विश्वास का स्वागत किया और कंपनी की भारत में मौजूदगी को और विस्तार देने के संभावित क्षेत्रों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार वैश्विक कंपनियों के लिए एक अनुकूल और प्रतिस्पर्धी कारोबारी वातावरण तैयार करने के लिए लगातार सुधारों पर काम कर रही है।
गौरतलब है कि निर्मला सीतारमण अगले दो दिनों तक एशविल में जी-20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक तथा उससे जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। इससे पहले वह दक्षिण कैरोलिना के ग्रीनविल-स्पार्टनबर्ग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचीं, जहां अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने उनका स्वागत किया।
--आईएएनएस
डीबीपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation








