भारत-उज्बेकिस्तान के बीच 11 समझौते, 5 बड़ी योजनाओं का ऐलान, व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदले संबंध
ताशकंद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी के बीच उज्बेकिस्तान और भारत के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं. पीएम मोदी के दो दिवसीय दौरे पर भारत और उज्बेकिस्तान के बीच 11 ज्ञापन समझौते और 5 योजनाओं का ऐलान हुआ है. विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, भारत सरकार और उज्बेकिस्तान की सरकार के बीच वर्ष 2026-30 के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम के आदान-प्रदान पर मुहर लगी.
सांस्कृतिक विरासत एजेंसी के बीच समझौता
उज्बेकिस्तान के टर्मेज में स्थित फयाज टेपा और कारा टेपा के प्राचीन बौद्ध स्थलों के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए भारत के विदेश मंत्रालय और उज्बेकिस्तान की सांस्कृतिक विरासत एजेंसी के बीच समझौता. भारत के संस्कृति मंत्रालय और राष्ट्रीय अभिलेखागार एवं उज्बेकिस्तान के न्याय मंत्रालय के तहत एजेंसी उजआर्काइव के बीच अभिलेखीय कार्य के क्षेत्र में सहयोग को लेकर समझौता ज्ञापन एक्सचेंज हुआ.
भूविज्ञान मंत्रालय के बीच समझौता ज्ञापन तय हुआ
आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा की अन्य प्रणालियों के क्षेत्र में सहयोग पर भारत सरकार और उज्बेकिस्तान की सरकार के बीच समझौता ज्ञापन फाइनल हुआ. भूविज्ञान और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में सहयोग पर भारत के खान मंत्रालय और उज्बेकिस्तान के खनन उद्योग और भूविज्ञान मंत्रालय के बीच समझौता ज्ञापन तय हुआ.
डिप्लोमैटिक अकादमी के बीच समझौता ज्ञापन
पर्यटन के क्षेत्र में 2026-28 के लिए भारत के पर्यटन मंत्रालय और उज्बेकिस्तान की पर्यटन समिति के बीच सहयोग पर साझेदारी कार्यक्रम पर बात बनी. भारत के विदेश मंत्रालय के सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्रालय के विश्व अर्थव्यवस्था और कूटनीति विश्वविद्यालय में डिप्लोमैटिक अकादमी के बीच समझौता ज्ञापन हुआ.
जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय समिति के बीच समझौता
आर्थिक और वित्तीय संवाद के लिए भारत के वित्त मंत्रालय और उज्बेकिस्तान के अर्थव्यवस्था और वित्त मंत्रालय के बीच समझौता ज्ञापन हुआ. पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सहयोग पर भारत के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और उज्बेकिस्तान की पारिस्थितिकी और जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय समिति के बीच समझौता हुआ.
सहयोग समझौता पर मुहर लगी
उच्च शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग पर भारत सरकार और उज्बेकिस्तान की सरकार के बीच समझौता ज्ञापन हुआ. साझेदारी संबंधों की स्थापना के लिए भारत के गुजरात राज्य और उज्बेकिस्तान के समरकंद क्षेत्र के बीच सहयोग समझौता पर मुहर लगी.
इसके अलावा भारत-उज्बेकिस्तान रणनीतिक साझेदारी को एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदलने का ऐलान हुआ. अरल सागर क्षेत्र में वनरोपण के लिए 1 मिलियन अमरीकी डॉलर के अनुदान की घोषणा हुई. लाल बहादुर शास्त्री हिंदी भाषा छात्रवृत्ति (100 छात्रवृत्तियां) की घोषणा हुई. ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज में आईसीसीआर संस्कृत चेयर की घोषणा हुई.
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उपेंद्र से किच्चा सुदीप और ऋषभ शेट्टी तक, कन्नड़ सिनेमा ने रॉकिंग स्टार यश की ‘टॉक्सिक' की जमकर तारीफ
उपेंद्र और किच्चा सुदीप से लेकर ऋषभ शेट्टी, रक्षित प्रेम, आशिका रंगनाथ, सान्वी सुदीप और विजय प्रकाश तक, कन्नड़ सिनेमा की कई बड़ी और दमदार आवाज़ें रॉकिंग स्टार यश और उनकी फिल्म ‘टॉक्सिक: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ की जमकर तारीफ कर रही हैं. फिल्म के भव्य स्केल, हटकर कहानी कहने के अंदाज़, यश की शानदार परफॉर्मेंस और यश व गीतू मोहनदास की क्रिएटिव विज़न ने इंडस्ट्री के इन दिग्गजों का ध्यान खींचा है.
इन रिएक्शन को क्या खास बनाता है?
इन रिएक्शन्स को खास बनाता है यश और गीतू मोहनदास का उस स्टीरियोटाइपिकल ‘लार्जर दैन लाइफ’ हीरो इमेज से बाहर निकलने का फैसला. ‘केजीएफ: चैप्टर 2’ की ज़बरदस्त कामयाबी के बाद यश के पास वही आज़माया हुआ रास्ता चुनने का पूरा मौका था, लेकिन उन्होंने आसान और प्रेडिक्टेबल रास्ते के बजाय ‘टॉक्सिक’ के साथ एक डार्क, लेयर्ड और बिल्कुल अलग किरदार और सिनेमैटिक दुनिया को एक्सप्लोर करना चुना.
ऐसे वक्त में, जब ‘टॉक्सिक’ को लेकर असामान्य रूप से तेज़ नेगेटिविटी देखने को मिली है, जिसे कई ऑब्ज़र्वर्स पूरी तरह ऑर्गेनिक नहीं मान रहे थे, वहीं कन्नड़ सिनेमा से आ रही यह तारीफ एक स्ट्रॉन्ग काउंटरपॉइंट बनकर सामने आई है. इंडस्ट्री के बड़े नामों ने फिल्म को लेकर चल रही बहस से इतर उसके एम्बिशन, स्केल, परफॉर्मेंस और यश व गीतू मोहनदास की क्रिएटिव विज़न पर फोकस किया है.
'टॉक्सिक एक फेयरी टेल है…'
कन्नड़ सिनेमा के वेटरन स्टार उपेंद्र भी फिल्म और इसे बनाने में लगी मेहनत की तारीफ करने वालों में शामिल रहे. एक्स पर अपना रिएक्शन शेयर करते हुए उन्होंने लिखा: “टॉक्सिक एक फेयरी टेल है… लेकिन ग्रोन-अप्स के लिए?? ‘टॉक्सिक’ देखी. वाह! क्या फिल्म है! एक नई दुनिया और बिल्कुल नया एक्सपीरियंस! हर आर्टिस्ट और टेक्नीशियन की मेहनत, डेडिकेशन और पैशन वाकई काबिल-ए-तारीफ है! यश और पूरी टीम को सलाम!
'इसे करने की हिम्मत चाहिए'
किच्चा सुदीप ने यश के उस फैसले को हाईलाइट किया, जिसमें उन्होंने अपने पिछले कमर्शियल फॉर्मूले को दोहराने के बजाय कुछ बिल्कुल अलग करने का रास्ता चुना. एक्स पर अपने विचार शेयर करते हुए उन्होंने लिखा:
“बस इतना कहना चाहता हूं, @TheNameIsYash — आपने वाकई कुछ आउट ऑफ द बॉक्स करने की कोशिश की है, बजाय इसके कि अपनी पिछली कमर्शियल ब्लॉकबस्टर के बाद वही प्रेडिक्टेबल रास्ता अपनाते और एक रेगुलर, एक्सपेक्टेड और फॉर्मूला बेस्ड फॉलो-अप बनाते. ऐसा कुछ करने के लिए एक अलग माइंडसेट, कन्विक्शन और सबसे ज़रूरी चीज़, इसे करने की हिम्मत चाहिए. #टॉक्सिक एक अनयूज़ुअल और काबिल-ए-तारीफ कोशिश है. फिल्म के कई हिस्से वाकई इंट्रिगिंग हैं, जो शानदार डिबेट, डिस्कशन और लर्निंग का रास्ता खोलते हैं. कन्वेंशनल से हटकर एक्सपेरिमेंट करने की हिम्मत दिखाने के लिए आपको सलाम.”
दिल की गहराइयों से ज़िंदा करने की कोशिश करते हैं
‘कांतारा’ स्टार ऋषभ शेट्टी ने भी यश के कन्विक्शन की तारीफ की, खासकर उनके किरदार की विशालता और उसकी इमोशनल कॉम्प्लेक्सिटी को लेकर. सोशल मीडिया पर उन्होंने कहा:
“एक आर्टिस्ट के तौर पर जब आप कोई किरदार निभाते हैं, तो उसे दिल की गहराइयों से ज़िंदा करने की कोशिश करते हैं. और यहां मैं उस कन्विक्शन से वाकई इम्प्रेस हुआ हूं, जिसके साथ एक ताकतवर इंसान के संघर्ष को दिखाया गया है. हो सकता है कि फिल्म का प्लॉट और उसके ड्राइविंग कैरेक्टर्स उस आम ट्रैक पर न चलते हों, जिस पर ज़्यादातर फिल्में चलती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह ट्रैक गलत है.
किसी कहानी को कहने में जो मेहनत लगती है और दिमाग में आए एक आइडिया से लेकर उसे स्क्रीन पर फिल्म बनाने तक का सफर, वह बहुत बड़ा होता है. यश सर, आपने जिस तरह खुद को एक ऐसे किरदार और दुनिया के हवाले किया है, जो एक लार्जर दैन लाइफ परफॉर्मेंस की मांग करता है, उसके लिए सलाम. मैं इसे हर एक सीन में साफ महसूस कर सकता था.
ऑडियंस को यह एक्सपीरियंस देना आसान नहीं है कि गिल्ट किस तरह बढ़ता जाता है और जिंदगी में टॉक्सिसिटी को और गहरा करता जाता है. सर, इस डेयरिंग एक्सपेरिमेंट को करने के लिए मैं आपके साथ खड़ा हूं. हमें आपसे उस प्यार के लिए भी प्यार है, जो आपको कन्नड़ सिनेमा को ग्लोबल स्टेज तक ले जाने के लिए है.”
रक्षित प्रेम ने यश पर जताया गर्व
रक्षित प्रेम ने भी यश और एक आर्टिस्ट के तौर पर उनके सफर पर गर्व जताते हुए इंस्टाग्राम पर लिखा: “मेरा प्यार ‘टॉक्सिक’ के लिए है. @thenamesiyash, आप हमें प्राउड कराते हैं… बेहद प्राउड! और एक आर्टिस्ट के तौर पर आपने खुद को जिस तरह तराशा है, वह कमाल है. ‘टॉक्सिक’ देखिए, क्योंकि मुझे पता है कि आपको भी यही फील होगा. इस पूरी टीम को और ताकत मिले.”
एक्ट्रेस आशिका रंगनाथ ने फिल्म को एक खास इंट्रोस्पेक्टिव नज़रिए से देखा. उन्होंने इस बात पर गौर किया कि किस तरह गिल्ट, ट्रॉमा और रिग्रेट फिल्म के प्रोटैगोनिस्ट के सफर का अहम हिस्सा बन जाते हैं. उनके रिएक्शन में किरदार की इमोशनल डेप्थ और एक ताकतवर इंसान के भीतर चल रही लड़ाई को एक्सप्लोर करने की फिल्म की कोशिश साफ नज़र आई.
सान्वी सुदीप ने यश की परफॉर्मेंस की तारीफ की
सान्वी सुदीप ने खास तौर पर यश की परफॉर्मेंस को लेकर अपनी तारीफ जाहिर की. इंस्टाग्राम पर उन्होंने लिखा: “फिनॉमिनल शब्द भी ‘टॉक्सिक’ में उन्होंने जो किया है, उसे बयान करने के लिए काफी नहीं है. उन्होंने सिर्फ एक्ट नहीं किया, बल्कि हर फ्रेम में मैजिक भर दिया. ऐसी परफॉर्मेंस जो क्रेडिट्स खत्म होने के बाद भी आपके साथ रहती है. उन्होंने वाकई सबको दिखा दिया कि वह कितने इनक्रेडिबल आर्टिस्ट हैं.”
सिंगर विजय प्रकाश ने भी फिल्म की इमोशनल और सिनेमैटिक एम्बिशन की तारीफ करते हुए इंस्टाग्राम पर लिखा:
“जब हमें सूरज की रोशनी पसंद नहीं आती, तो हम पर्दे लगा देते हैं. लेकिन पर्दे सिर्फ सूरज की रोशनी को हमारे घर में आने से रोक सकते हैं, सूरज फिर भी पूरी चमक के साथ चमकता रहता है. ‘टॉक्सिक’ प्योर सिनेमा है, एक ऐसी फिल्म जो शानदार परफॉर्मेंस और गहरी इंसानी भावनाओं से चलती है और जिसकी कहानी गैंग वॉर की पृष्ठभूमि में सामने आती है. न कुछ ज़्यादा, न कुछ कम. प्योर सिनेमा. यश और पूरी टीम को सलाम!”
क्रिएटिव चॉइसेज़ ने कन्नड़ सिनेमा को किया इम्प्रेस
इन सभी रिएक्शन्स से एक बात साफ उभरकर सामने आती है कि यश और गीतू मोहनदास की क्रिएटिव चॉइसेज़ ने कन्नड़ सिनेमा को इम्प्रेस किया है. ‘टॉक्सिक’ में यश उस कन्वेंशनल लार्जर दैन लाइफ हीरो इमेज से आगे निकलते दिखाई देते हैं, जिसके साथ उन्हें अक्सर जोड़ा जाता है, और ऐसे किरदार व दुनिया को अपनाते हैं जो एक आर्टिस्ट के तौर पर उनसे कुछ बिल्कुल अलग डिमांड करती है.
कन्नड़ सिनेमा से मिल रही इस तारीफ की गूंज कर्नाटक से बाहर फिल्म के ऑडियंस रिस्पॉन्स में भी दिखाई दे रही है. हिंदी बेल्ट में ‘टॉक्सिक’ ने सिर्फ चार दिनों में ₹112 करोड़ नेट का आंकड़ा पार कर लिया है, जो दिखाता है कि ऑडियंस ने भी यश के इस नए अवतार को खुलकर अपनाया है.
रॉकिंग स्टार यश, नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी स्टारर ‘टॉक्सिक: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है. फिल्म को वेंकट के. नारायण ने केवीएन प्रोडक्शंस और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के बैनर तले प्रोड्यूस किया है. फिल्म दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ हो चुकी है.
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