किश्तवाड़ में नाबालिग से दुष्कर्म और मौत का मामला, भाजपा ने अपराध शाखा जांच का स्वागत किया
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जम्मू-कश्मीर इकाई ने किश्तवाड़ के छत्रू इलाके में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और उसकी मौत के मामले की जांच अपराध शाखा को सौंपने के फैसले का रविवार को स्वागत किया। पार्टी ने इसे निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और इस घिनौने अपराध के दोषियों को मौत की सजा दिलाने की दिशा में एक अहम कदम बताया। किश्तवाड़ जिले के छत्रू इलाके में 15 साल की आदिवासी लड़की के कथित दुष्कर्म और उसके बाद हुई मौत के मामले की जांच शनिवार को अपराध शाखा को सौंप दी गई।
आरोप है कि लड़की जिस स्कूल में पढ़ती थी उसके प्रधानाध्यापक ने कई महीनों तक उसके साथ दुष्कर्म किया था। किशोरी की 20 अगस्त को कथित तौर पर गर्भपात कराने के दौरान मौत हो गई थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने इस मामले में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक शिक्षक और एक नर्स भी शामिल हैं।
भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई की उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री प्रिया सेठी ने यहां एक बयान में कहा, ‘‘हम जम्मू-कश्मीर प्रशासन के उस फैसले का स्वागत करते हैं, जिसके तहत इस चर्चित मामले को विशेष जांच के लिए अपराध शाखा को सौंपा गया है।’’ उन्होंने भरोसा जताया कि एजेंसी इस मामले की पूरी जांच करेगी और इसमें शामिल लोगों की पूरी कड़ी का पर्दाफाश करेगी, जिसमें वे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने अपराध को दबाने या छिपाने की कोशिश की थी। सेठी ने प्रशासन से आग्रह किया कि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय दिलाने के लिए कानूनी कार्यवाही में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और तब तक कानूनी जवाबदेही के उच्चतम स्तर की मांग करती रहेगी जब तक कि उन्हें पूरा न्याय नहीं मिल जाता।’’ भाजपा नेता ने इस घटना की निंदा करते हुए इस जघन्य अपराध में संलिप्त सभी आरोपियों के लिए मौत की सजा की मांग की।
सेठी ने इस घटना को ‘इंसानियत पर कलंक’ करार देते हुए कहा कि एक मासूम बच्ची के यौन शोषण और असमय मौत के लिए जिम्मेदार लोग मौत की सजा के ही हकदार हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस बर्बर कृत्य ने पूरे समाज की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है... मासूम बच्चों के खिलाफ ऐसी घिनौनी हरकतों में नरमी की कोई गुंजाइश नहीं है। दोषियों को कानून के तहत सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए और एक नजीर पेश करने वाला संदेश दिया जाना चाहिए, ताकि कोई भी हमारी बेटियों के खिलाफ दोबारा ऐसा अपराध करने की हिम्मत न करे।
दिल्ली में RSS मुख्यालय के बाहर युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, अध्यक्ष उदय भानु चिब हिरासत में
भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के कार्यकर्ताओं ने यहां झंडेवालान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने भाजपा और संघ की विचारधारा को ‘भेदभावपूर्ण और जातिवादी’ बताया तथा इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने मनुस्मृति के पन्ने भी जलाए। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने प्रदर्शन की अगुवाई की।
उनके हाथ में संविधान की एक प्रति थी और उन्होंने युवा कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर मनुस्मृति के खिलाफ नारे लगाए। तस्वीरों में प्रदर्शनकारियों को संविधान की प्रस्तावना की प्रतियां, मनुस्मृति का विरोध करने वाले पोस्टर और इस प्राचीन ग्रंथ की प्रतियां लिये हुए देखा गया। कुछ प्रदर्शनकारियों को मनुस्मृति के पन्ने जलाते हुए देखा गया, जबकि आधी जली हुई प्रतियां और ‘मनुस्मृति को नकारो’ लिखे पोस्टर जमीन पर पड़े थे।
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चिब ने आरोप लगाया कि देश में संविधान की विचारधारा और भाजपा-संघ की विचारधारा के बीच लड़ाई चल रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा-संघ की विचारधारा मनुस्मृति से प्रेरित है और ‘‘दलित-विरोधी’’ है। चिब ने कहा, ‘‘यह देश संविधान से चलेगा, मनुस्मृति से नहीं।’’ उन्होंने उत्तराखंड में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक कार्यक्रम के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ की भी आलोचना की।
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उन्होंने कहा कि यह घटना दलितों और संविधान का अपमान है। भारतीय युवा कांग्रेस के अनुसार, विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने चिब को हिरासत में ले लिया और पहाड़गंज पुलिस स्टेशन ले गई। इस मौके पर युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरि कृष्ण और अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे।
युवा कांग्रेस के दावों पर आरएसएस की ओर से तत्काल कोई बयान नहीं आया।
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