Responsive Scrollable Menu

Monsoon में नमी से खराब हो सकते हैं TV और Router, इलेक्ट्रॉनिक Gadgets को बचाने के लिए अपनाएं ये Smart Tips

अक्सर मानसून के मौसम में नमी अधिक होने से वाई-फाई राउटर, टीवी, स्पीकार और लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस को भारी नुकसान झेलना पड़ता है। असल में दीवारों और खिड़कियों के पास नमी जमने के कारण पोर्ट्स खराब होने और बंद कैबिनेट में वेंटिलेशन ना मिलने से डिवाइस के अंदरूनी पार्ट्स खराब होने का डर है।
इस लेख में हम आपको बरसात के मौसम में वाई-फाई राउटर और घर के दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान को ठीक रहने के कुछ तरीके बताए हैं। 

दीवार और खिड़कियों के पास ना रखें टीवी-राउटर
बरसात के दिनों में दीवारें नमी के संपर्क में रहती है, लेकिन यह ऊपर से सूखी नजर आती है। बारिश के मौसम में खिड़कियों पर भाप जम जाती है। इस वजह से खिड़कियों या दीवारों के पास राउटर, टीवी या स्पीकर रखने से समय के साथ-साथ उनके पोर्ट्स में नमी पहुंच जाती है और वे खराब हो जाती है। इसलिए इस दौरान घर के अंदर बनी शेल्फ या टेबल पर इन चीजों को रखना सेफ होगा।

बंद कैबिनेट में खराब हो सकते हैं पार्ट्स
अक्सर बंद जगहों पर नमी तेजी से बढ़ती है। इसलिए राउटर को कैबिनेट के अंदर या फर्नीचर के पीछे रखा जाए, तो इसके आसपास गर्म और नमी वाली हवा जमा हो जाती है और इसे बाहर निकलने की जगह मिल जाती है। डिवाइस को खुली जगह पर रखने से, हवा को अच्छा बहाव मिल जाता है, जो कि नमी से डिवाइस के अंदर के पोर्ट्स धीरे-धीरे खराब हो सकती हैं।

एक्सेसरीज के साथ रखें सिलिका जेल पैके
जिन गैजेट का इस्तेमाल रोजाना नहीं होता है, उनका आप हफ्तों तक दराज या स्टोरेड बॉक्स में रख देते हैं। लेकिन इनमें नमी जमा होने की संभावना अधिक होती है। ऐसे बॉक्स में सिलिका जेल पैकेट डालकर रखें। यह आसपास की हवा से अतिरिक्त नमी सोख लेती हैं और स्टोरेज वाली जगह को सूखा रखते हैं। ये खास तौर पर कैमरे, हेडफोन, पोर्टेबल हार्ड ड्राइव और गेमिंग एक्सेसरीज के लिए काम की होती है। 

Continue reading on the app

मानव सेवा से जुड़े वालेंटियरों का सम्मान जरूरी

कुदरती आपदाएं हों या मानवीय हिमाकतों से उपजी विभिन्न किस्म की समस्याएं, प्रत्येक संकटों के वक्त ईश्वर हर मानव को मानवता दिखाने का अवसर देता है। भगवान की इस अदृश्य परीक्षा में कुछ पास होते हैं तो कुछ असफल। आज ‘विश्व मानवतावादी दिवस’ है जो प्रत्येक मानव को मानवता दिखाने के लिए प्रेरित और जागरूक करता है। प्रतिवर्ष 19 अगस्त की तारीख को समूचे संसार में एक साथ ये दिवस मनाया जाता है। दिवस उन मानवीय सहायता कर्मियों, शांति सैनिकों, सिविल डिफेंस, सुरक्षाकर्मियों, को समर्पित है, जो विकराल संकटों में निर्बलों और असहायों की मदद के लिए अपने प्राणों को दांव पर लगाकर औरों के जीवन को बचाते हैं। पर, अफसोस अब आए दिन ऐसे सुरक्षाकर्मियों पर भी हमले होने लगे हैं। जबकि, रक्षाकर्मी सदैव सम्मान के पात्र रहे हैं। मानवतावाद, मानवीय प्रणाली के सभी भागीदारों को एकजुट करके संकट से प्रभावित लोगों के अस्तित्व, कल्याण और गरिमा के लिए मानवीय कार्यकर्ताओं की सुरक्षा और संरक्षण की वकालत करता है। पूरे भारत में करीब 11 करोड़ सिविल डिफेंस कर्मी हैं। सिर्फ दिल्ली में एक लाख 34 हजार वाॅलंटियर्स हैं। इसके अलावा विभिन्न गैर-सरकारी संस्थाओं से भी लोग जुड़े हैं। वैश्विक धरा पर शांति सैनिकों की संख्या 60 करोड़ के आसपास है।
 
मानवतावादी दिवस की शुरुआत 2008 में संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के बाद हुई थी। प्रस्तावना बगदाद में घटी 19 अगस्त 2003 को एक हृदय विदारक घटना को आधार बनाकर हुई। बगदाद शहर के प्रसिद्ध पांच सितारा होटल ‘कैनाल ब्लू’ में आतंकियों ने सुबह के समय भयानक बम ब्लास्ट किया, जिसमें करीब 22 होटल कर्मी मारे गए और दर्जनों गंभीर रूप से घायल हुए। ब्लास्ट किचन एरिया और सर्वेंट रूमों के अलावा उन जगहों पर किया गया जहां होटल कर्मियों की ही मौजूदगी थी। ब्लास्ट की आवाज सुनकर होटल में रह रहे लोग मदद को भागे। होटल में 208 कमरें थे और सभी में मेहमानों की मौजूदगी थी। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना ना सिर्फ 85 कर्मियों को बचाया, बल्कि मानवीय सिद्वांतों की अलख जगाकर पूरे विश्व में संदेश दिया कि विकट परिस्थिियों में मदद के लिए कभी मुंह नहीं मोड़ना चाहिए। मानवीय गरिमा को बनाए रखने में प्रत्येक मानव को खुद की जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। इसलिए पहला धर्म यही है कि नागरिकों, मानवीय सहायता कर्मियों और शांति सैनिकों का सम्मान करके उनकी रक्षा जनमानस को करनी चाहिए।

इसे भी पढ़ें: 80th Independence Day: लाल किले से Viksit Bharat का संकल्प और Vande Mataram के 150 साल का गौरवशाली इतिहास

अभी हाल में लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों पर हमले हुए थे, जिसकी भारत सरकार ने भी कड़ी निंदा की और कहा है कि शांति सैनिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथानेनी हरीश ने इसको लेकर संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक प्रस्ताव पेश करने का आह्वान भी किया है। भारत, शांति सैनिकों के खिलाफ अपराधों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने के प्रयासों में अग्रणी रहा है। इस संदर्भ में भारत ने नई दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2589 का नेतृत्व भी किया है, जिसका उद्देश्य शांति सैनिकों के विरुद्ध अपराधों के लिए जवाबदेही तय करना है। 

आज का दिन जनमानस को मानवतावादी कार्यकर्ताओं को सम्मान देने और वैश्विक संकट से जूझते लोगों की मदद के लिए खड़े होने का आहवान करता है। सुरक्षाकर्मियों पर होने वाले हमले बेहद निंदनीय और किसी भी देश की कानून-व्यवस्था पर घोर आघात जैसा है। शांति बनाए रखने वाले जवानों पर हिंसा समाज और लोकतंत्र पर कालिख समान है। मानवीय सहायता कर्मियों पर हमलों के परिणाम प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित व्यक्तियों से कहीं अधिक व्यापक होते हैं। ये हमले खाद् आपूर्ति, स्वास्थ्य देखभाल, सुरक्षा और अन्य जीवन रक्षक सेवाओं को बाधित करते हैं, जिससे समुदायों के पास जीवित रहने और उबरने के साधन और भी कम हो जाते हैं। इसलिए सभी को आज के दिन संकल्पित होना चाहिए कि मदद के वक्त खड़ा होना चाहिए और सुरक्षाकर्मियों को सम्मान प्रदान करना चाहिए।

- डॉ. रमेश ठाकुर
सदस्य, राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान (NIPCCD), भारत सरकार!

Continue reading on the app

  Sports

Video: श्रीलंका में भारतीय टीम के प्रदर्शन का रिपोर्ट कार्ड, पूर्व सेलेक्टर सबा करीम की नजर से

भारत-श्रीलंका टेस्ट ड्रॉ के बाद टीम इंडिया की रणनीति पर सवाल उठे हैं। फॉलो-ऑन न देने, सिराज की धीमी गेंदबाजी और कुलदीप के आत्मविश्वास की कमी पर चर्चा हुई। पडिक्कल-जुरेल का प्रदर्शन भारत के लिए उम्मीद जगाता है। जानें विशेषज्ञों की राय और आगे की चुनौतियां। Mon, 31 Aug 2026 17:37:45 +0530

  Videos
See all

Garjana I Rubika Liyaquat: शुद्धिकरण विवाद पर CM धामी की सफाई #garjana #rubikaliyaquat #cmdhami #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-31T12:45:16+00:00

Garjana I Rubika Liyaquat: राहुल गांधी के खिलाफ किन धाराओं में कराई शिकायत #rubikaliyaquat #garjana #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-31T12:39:54+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers