EV Recall: टेस्ला समेत चीनी EV कंपनियों की 30 लाख से ज्यादा कारें रिकॉल, जानें क्या है समस्या
EV Recall: टेस्ला और दूसरी चीनी कार कंपनियां डोर हैंडल से जुड़े सुरक्षा जोखिमों के चलते 30 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक गाड़ियों को रिकॉल कर रही हैं। चीन के स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन फॉर मार्केट रेगुलेशन (SAMR) के मुताबिक, अमेरिकी कंपनी Tesla चीन में बनी और आयातित करीब 30 लाख गाड़ियों को वापस बुला रही है। इस रिकॉल में Model 3, Model Y, Model X और Model S जैसे मॉडल शामिल हैं।
इस साल का सबसे बड़ा रिकॉल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह इस साल चीन में अब तक का सबसे बड़ा वाहन रिकॉल है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब चीनी अधिकारियों ने फरवरी में संकेत दिया था कि अगले साल से इलेक्ट्रिक कारों में इस्तेमाल होने वाले छिपे हुए या फ्लश डोर हैंडल्स पर नए नियम लागू किए जा सकते हैं।
चीन में इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी कुछ दुर्घटनाओं के बाद हिडन और इलेक्ट्रॉनिक डोर हैंडल्स की सुरक्षा को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है। कुछ मामलों में इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम फेल होने के कारण वाहन के दरवाजे खोलने में परेशानी हुई और लोगों के अंदर फंसने का जोखिम सामने आया।
डोर हैंडल को लेकर सेफ्टी वॉर्निंग
चीनी नियामक की वेबसाइट पर जारी नोटिस में बताया गया है कि गंभीर टक्कर के दौरान अगर वाहन का इलेक्ट्रिकल सिस्टम काम करना बंद कर देता है, तो इलेक्ट्रॉनिक डोर हैंडल ठीक से काम नहीं कर सकते। इससे ड्राइवर और यात्रियों के लिए वाहन से जल्दी बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है। वहीं, बाहर मौजूद लोगों के लिए भी कार के दरवाजे खोलकर अंदर पहुंचना मुश्किल हो सकता है।
चाइना पैसेंजर कार एसोसिएशन के प्रमुख कुई डोंगशू ने इस रिकॉल को EV इंडस्ट्री के विकास और सुरक्षा के लिहाज से जरूरी कदम बताया है।
Xiaomi और Leapmotor की गाड़ियां भी शामिल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Tesla के अलावा चीन की Xiaomi और Leapmotor भी डोर हैंडल से जुड़े सुरक्षा जोखिमों के कारण बड़ी संख्या में वाहनों को रिकॉल कर रही हैं। बीजिंग स्थित Xiaomi करीब 3.90 लाख गाड़ियों को वापस बुला रही है, जबकि हांग्जो स्थित Leapmotor 3.70 लाख से ज्यादा वाहनों का रिकॉल करेगी।
रिकॉल के तहत कंपनियां प्रभावित वाहनों में सॉफ्टवेयर अपडेट समेत जरूरी सुधार करेंगी, ताकि डोर हैंडल से जुड़े जोखिम को कम किया जा सके। यह कदम इलेक्ट्रिक वाहनों में सुरक्षा मानकों और इमरजेंसी एग्जिट को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच उठाया गया है।
(मंजू कुमारी)
Car Mileage Tips: बेहतर माइलेज के लिए AC, टायर और ड्राइविंग से जुड़ी बातों का रखें ध्यान
Car Mileage Tips: हर कार मालिक चाहता है कि उसकी कार कम ईंधन में ज्यादा दूरी तय करे। हालांकि, कार का माइलेज सिर्फ इंजन या मॉडल पर निर्भर नहीं करता। एसी का इस्तेमाल, टायर प्रेशर, ड्राइविंग स्टाइल, ड्राइविंग मोड और कार की मेंटेनेंस जैसी कई चीजें फ्यूल एफिशिएंसी को प्रभावित करती हैं। अगर आप पेट्रोल या ईंधन की खपत कम रखना चाहते हैं, तो अपनी रोजाना की ड्राइविंग में कुछ आसान आदतें शामिल कर सकते हैं।
क्या एसी बंद रखने से बचेगा पेट्रोल?
कार का एसी इंजन या इलेक्ट्रिक सिस्टम से ऊर्जा लेता है, इसलिए इसका इस्तेमाल फ्यूल कंजम्पशन पर असर डाल सकता है। खासकर गर्म मौसम में लगातार एसी चलाने पर ईंधन की खपत बढ़ सकती है।
हालांकि, सिर्फ माइलेज बढ़ाने के लिए हमेशा एसी बंद करके चलाना सही तरीका नहीं है। तेज रफ्तार पर खिड़कियां खोलने से हवा का प्रतिरोध बढ़ सकता है। इसलिए एसी का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार करना बेहतर है। केबिन को बहुत कम तापमान पर रखने के बजाय आरामदायक तापमान चुनना ज्यादा व्यावहारिक है।
सही टायर प्रेशर रखें
टायर प्रेशर का भी कार के माइलेज पर असर पड़ता है। कम हवा होने पर रोलिंग रेजिस्टेंस बढ़ सकता है, जिससे इंजन को कार चलाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और ईंधन की खपत बढ़ सकती है।
इसलिए टायर में वही प्रेशर रखें जिसकी सलाह कार निर्माता देता है। यह जानकारी आमतौर पर डोर फ्रेम, फ्यूल लिड या ओनर मैनुअल में दी जाती है।
माइलेज के लिए इस्तेमाल करें Eco Mode
कई आधुनिक कारों में Eco, Normal और Sport जैसे ड्राइविंग मोड मिलते हैं। Eco Mode थ्रॉटल रिस्पॉन्स और गियर शिफ्टिंग जैसे सिस्टम के व्यवहार को बदलकर शांत और ज्यादा एफिशिएंट ड्राइविंग में मदद कर सकता है।
अगर सड़क और ट्रैफिक की स्थिति सामान्य है और आपकी प्राथमिकता माइलेज है, तो Eco Mode उपयोगी हो सकता है।
स्मूद ड्राइविंग से बचाएं ईंधन
माइलेज बेहतर रखने में आपकी ड्राइविंग स्टाइल भी अहम भूमिका निभाती है। बार-बार तेज एक्सेलरेशन और अचानक ब्रेक लगाने से बचें। कोशिश करें कि कार को नियंत्रित और स्थिर गति पर चलाया जाए। इससे अनावश्यक ईंधन खपत को कम करने में मदद मिल सकती है।
कार को बेवजह आइडल न रखें
अगर कार लंबे समय तक खड़ी है और उसे चलाने की जरूरत नहीं है, तो इंजन को बेवजह चालू न छोड़ें। लंबे समय तक आइडलिंग के दौरान बिना दूरी तय किए ही ईंधन खर्च होता रहता है।
इसके अलावा कार में जरूरत से ज्यादा सामान रखने से भी बचें। अतिरिक्त वजन को चलाने के लिए कार को ज्यादा ऊर्जा की जरूरत पड़ सकती है।
समय पर करवाएं कार की सर्विस
कार की नियमित सर्विस को नजरअंदाज न करें। इंजन, टायर और अन्य जरूरी कंपोनेंट्स की सही स्थिति बनाए रखने से कार की फ्यूल एफिशिएंसी बेहतर रखने में मदद मिल सकती है।
इसलिए निर्माता द्वारा बताए गए सर्विस शेड्यूल का पालन करें और समय-समय पर टायर प्रेशर, इंजन ऑयल और कार के अन्य जरूरी हिस्सों की जांच करवाते रहें।
(मंजू कुमारी)
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