श्रीलंका के स्पिन गेंदबाज प्रभात जयसूर्या के लिए भारत के खिलाफ कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दौरान हुई एक घटना भारी पड़ गई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने उन्हें आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया है। जयसूर्या पर मैच के दौरान क्रिकेट उपकरण के अनुचित इस्तेमाल से जुड़े नियम का उल्लंघन करने के लिए आधिकारिक फटकार लगाई गई है और उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक नकारात्मक अंक भी जोड़ा गया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार 24 अगस्त को दिन के खेल की आखिरी गेंद के बाद हुई। जयसूर्या दिन की अंतिम गेंद पर आउट हुए थे। पवेलियन लौटते समय उन्होंने बल्ले से सीमा रेखा के पास लगे सुरक्षा अवरोधकों पर प्रहार किया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने इसे क्रिकेट उपकरण या मैदान से जुड़े सामान के अनुचित इस्तेमाल के नियम के दायरे में माना है।
जयसूर्या पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की आचार संहिता की धारा 2.2 के तहत कार्रवाई की गई है। यह प्रावधान अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के दौरान क्रिकेट उपकरण, कपड़ों या मैदान से जुड़े सामान और सुविधाओं के दुरुपयोग से संबंधित है। जयसूर्या ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट की ओर से प्रस्तावित सजा को भी मान लिया। इसलिए मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।
यह जयसूर्या का पिछले 24 महीनों में पहला ऐसा अपराध है। इसी वजह से उन्हें केवल आधिकारिक फटकार और एक नकारात्मक अंक की सजा दी गई है। मैदान पर मौजूद अंपायर एहसान रजा, शरफुद्दौला इब्ने शाहिद, तीसरे अंपायर रॉड टकर और चौथे अंपायर प्रगीथ रम्बुकवेला ने जयसूर्या के खिलाफ आरोप लगाए थे।
गौरतलब है कि कोलंबो टेस्ट में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की कार्रवाई का सामना करने वाले जयसूर्या तीसरे खिलाड़ी हैं। इससे पहले भारत के यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के असिथा फर्नांडो पर भी पहले दिन की घटना के बाद कार्रवाई की जा चुकी है। दोनों खिलाड़ियों पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया था और उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक-एक नकारात्मक अंक जोड़ा गया था।
पहले दिन भारत की पहली पारी के 17वें ओवर में असिथा फर्नांडो ने यशस्वी जायसवाल को आउट किया था। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ कहासुनी हुई। यशस्वी फर्नांडो की ओर बढ़े और दोनों के बीच बातचीत हुई। इसी दौरान फर्नांडो ने अपना सिर यशस्वी की ओर बढ़ाया। जवाब में यशस्वी भी आगे झुके और दोनों के सिर आपस में टकरा गए थे।
बता दें कि भारत और श्रीलंका के बीच यह मुकाबला विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र का हिस्सा है। मैच में पहले ही अनुशासन से जुड़े कई मामले सामने आने के कारण खिलाड़ियों की गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की निगरानी बढ़ी हुई है। जयसूर्या पर हुई कार्रवाई के बाद कोलंबो टेस्ट में अब तक तीन खिलाड़ी आचार संहिता के उल्लंघन के लिए दंडित किए जा चुके हैं।
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क्रिकेट से दोबारा जुड़ने की उम्मीद कर रही अनाया बांगर के लिए ऑस्ट्रेलिया से अच्छी खबर सामने आई है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगर की संतान अनाया को ऑस्ट्रेलिया में महिला सामुदायिक क्रिकेट खेलने की अनुमति मिल गई है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की ओर से मिली मंजूरी के बाद वह तत्काल प्रभाव से सामुदायिक स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकती हैं।
अनाया ने मार्च 2026 में लिंग-पुष्टिकरण से जुड़ी शल्य चिकित्सा कराई थी। इसके बाद उनके लिए क्रिकेट में वापसी का रास्ता आसान नहीं था। अनाया ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि एक समय उन्हें लगा था कि वह शायद दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाएंगी, लेकिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें फिर से मैदान पर उतरने का मौका दिया है। उन्होंने इस फैसले को अपने लिए बेहद खास दिन बताया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, अनाया पहले मुंबई की आयु वर्ग की क्रिकेट टीम में खेल चुकी हैं। उस दौरान उन्होंने सरफराज खान और उनके भाई मुशीर खान के साथ भी क्रिकेट खेला था। क्रिकेट से उनका जुड़ाव नया नहीं है और यही वजह है कि ऑस्ट्रेलिया में सामुदायिक क्रिकेट खेलने की अनुमति उनके लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हालांकि, अनाया के लिए शीर्ष स्तर की महिला क्रिकेट में खेलने की राह फिलहाल अलग नियमों से जुड़ी हुई है। महिला बिग बैश लीग जैसी विशिष्ट प्रतियोगिताओं में खेलने के लिए उन्हें क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की लिंग-पार और लिंग-विविध खिलाड़ियों से संबंधित विशिष्ट क्रिकेट नीति के तहत खिलाड़ी के रक्त में सीरम टेस्टोस्टेरोन का स्तर लगातार कम से कम 12 महीने तक 10 नैनोमोल प्रति लीटर से नीचे रहना जरूरी है। अनाया की विशिष्ट क्रिकेट में पात्रता मार्च 2027 से इस शर्त के पूरा होने पर निर्भर करेगी।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की अखंडता प्रमुख जैकी पार्ट्रिज ने अनाया को भेजे पत्र में कहा है कि मार्च 2027 में विशिष्ट क्रिकेट के लिए पात्रता का आकलन उनके ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर कराए जाने वाले रक्त परीक्षण और नीति की अन्य शर्तों के आधार पर होगा। जांच में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उनका टेस्टोस्टेरोन स्तर निर्धारित सीमा के भीतर है।
गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने 2023 में महिला वर्ग की विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को लेकर ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की पात्रता संबंधी नीति में बदलाव किया था। इसके तहत पुरुष यौवन की अवस्था से गुजर चुके ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को महिला वर्ग की विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलने से बाहर रखा गया था।
वहीं, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के फैसले में सामुदायिक और विशिष्ट क्रिकेट के बीच स्पष्ट अंतर रखा गया है। जैकी पार्ट्रिज के अनुसार, मार्च 2027 तक अनाया ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र की प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकती हैं, क्योंकि इन्हें सामुदायिक क्रिकेट की श्रेणी में रखा गया है।
इस फैसले के साथ अनाया के लिए क्रिकेट में वापसी का तत्काल रास्ता खुल गया है। अब उनकी नजर मैदान पर वापसी और सामुदायिक क्रिकेट में अपने प्रदर्शन के जरिए आगे बढ़ने पर है।
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