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रांची की कुंजन, छोटे कमरे से शुरू किया, आज 32000 लोगों को सिखा रही हैं कुकिंग

Success Story: झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली कुंजन बताती हैं कि एक समय था, जब वह अपने एक छोटे से रूम में लोगों को खाना बनाना सीखाना शुरू किया था, लेकिन आज उनका खुद का कुकिंग स्टूडियो है, जहां पर वह अपना वीडियो भी शूट करती हैं, वह इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर डालती हैं. जहां पर उनके आज हज़ारों फॉलोअर्स हैं. चाइनीस, इटालियन, कॉन्टिनेंटल हर तरीके का वह खाना बनाना लोगों को सिखाती हैं. आज वह एक प्रोफेशनल शेफ हैं.

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Sugar Crisis Explained: 10 साल बाद भारत क्यों मंगाएगा विदेश से चीनी? 2 महीने में 40% बढ़े दाम, जानें 3 बड़ी वजहें

India Sugar Crisis Explained: भारत करीब एक दशक बाद बड़ी मात्रा में चीनी आयात करने जा रहा है। केंद्र सरकार ने घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने और बढ़ती कीमतों पर काबू पाने के लिए 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है। यह फैसला ऐसे समय हुआ है जब देश में चीनी के दाम पिछले दो महीनों में करीब 40% बढ़ चुके हैं और त्योहारी सीजन से पहले मांग बढ़ने की उम्मीद है।

चीनी की कीमतों में तेजी के पीछे कम उत्पादन, घटता शुरुआती स्टॉक, एथेनॉल के लिए गन्ने का डायवर्जन और घरेलू बाजार में tight supply जैसे कई कारण हैं। आखिर भारत, जो दुनिया के बड़े चीनी उत्पादकों में है, उसे एक दशक बाद आयात की जरूरत क्यों पड़ी? समझिए पूरी वजह।

चीनी की कीमतें बढ़ने के 3 बड़े कारण

1. चीनी का उत्पादन अनुमान से कम रहा
द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल देश में चीनी का उत्पादन पिछले साल के मुकाबले काफी कम रहने का अनुमान है। जब देश में चीनी का उत्पादन कम होता है, लेकिन लोगों और कारोबारियों की मांग लगभग उतनी ही रहती है, तो बाजार में उपलब्ध चीनी घटने लगती है। यही वजह है कि इस साल चीनी के स्टॉक पर दबाव बढ़ा है।

2. एथेनॉल के लिए गन्ने का डायवर्जन बढ़ा
गन्ने का पूरा इस्तेमाल चीनी बनाने में नहीं होता। इसका एक हिस्सा एथेनॉल उत्पादन के लिए डायवर्ट किया जाता है। इससे चीनी की संभावित उपलब्धता कम हो जाती है। जब उत्पादन पहले ही अनुमान से कम हो, तब एथेनॉल के लिए होने वाला डायवर्जन घरेलू चीनी आपूर्ति पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।

3. घटते स्टॉक और त्योहारी मांग ने बढ़ाया दबाव
सरकार ने 2025-26 सीजन में पहले 15 लाख टन चीनी निर्यात की अनुमति दी थी। बाद में कुल अनुमत मात्रा बढ़ाकर करीब 20 लाख टन की गई। हालांकि, वास्तविक निर्यात इस quota से काफी कम रहा। इस बीच उत्पादन और उपलब्ध स्टॉक को लेकर अनुमान कमजोर होते गए, जिससे घरेलू बाजार में सप्लाई का दबाव बढ़ा।

Sugar Price Hike

दो महीने में 40% तक बढ़े चीनी के दाम
चीनी की कीमतों में तेजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले दो महीनों में घरेलू बाजार में इसके दाम करीब 40% तक बढ़ गए हैं। मंगलवार को चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब 52.3 रुपये प्रति किलो रही। यह एक साल पहले की कीमत से करीब 13% ज्यादा है। जुलाई में भी चीनी के दाम 9% से ज्यादा बढ़े थे। कीमतों में इस तेजी की एक बड़ी वजह बाजार में कम सप्लाई और आगे मांग बढ़ने की आशंका है।

चीनी का स्टॉक कितना रह गया?
उद्योग के अलग-अलग अनुमानों के मुताबिक, घरेलू खपत और एथेनॉल के लिए डायवर्जन के बाद सीजन के अंत में carry-forward stock सामान्य स्तर से कम रहने की आशंका है। इससे नए सीजन की शुरुआत तक बाजार में उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ी है।

उद्योग के अनुमान के मुताबिक, एथेनॉल बनाने के लिए चीनी अलग करने के बाद 2025-26 में करीब 2.79 करोड़ टन नेट चीनी उपलब्ध हुई। देश में शुरुआती स्टॉक करीब 47 लाख टन था। यानी कुल उपलब्ध चीनी करीब 3.26 करोड़ टन रही। इसमें से करीब 2.8 करोड़ टन घरेलू खपत में चली गई और करीब 8 लाख टन चीनी का निर्यात हुआ।

Indian Festival

त्योहारों से पहले बढ़ी चिंता
आने वाले त्योहारों के दौरान मिठाई, बेकरी और दूसरे खाद्य उत्पादों में चीनी की मांग बढ़ सकती है। ऐसे में सरकार को चिंता है कि अगर अभी बाजार में सप्लाई नहीं बढ़ाई गई तो कीमतें और बढ़ सकती हैं। उद्योग से जुड़े लोगों के मुताबिक, कुछ खरीदार सामान्य 10-15 दिन की जरूरत के बजाय ज्यादा चीनी खरीदकर रख रहे हैं। इससे बाजार में सप्लाई को लेकर दबाव और बढ़ रहा है। इसी वजह से सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी आयात करने का फैसला लिया है, ताकि बाजार में पर्याप्त चीनी उपलब्ध रहे।

चीनी उत्पादन के अनुमान क्यों बदले?
सीजन की शुरुआत में चीनी उत्पादन को लेकर अनुमान काफी बेहतर थे, लेकिन बाद में उत्पादन और उपलब्ध स्टॉक को लेकर तस्वीर कमजोर होती गई। मौसम, गन्ने की उपलब्धता और एथेनॉल के लिए डायवर्जन जैसे कारणों से अलग-अलग उद्योग संगठनों ने समय-समय पर अपने अनुमान संशोधित किए। इससे घरेलू सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी।

Sugar Crisis

सरकार ने चीनी का स्टॉक जमा करने पर भी लगाई रोक
हर महीने 10 मीट्रिक टन से ज्यादा चीनी की खपत करने वाले 1 सितंबर से 30 नवंबर तक अपने पास 15 दिन की जरूरत से ज्यादा स्टॉक नहीं रख सकेंगे। इससे पहले सरकार ने चीनी डीलर्स के लिए भी 1 अगस्त से 30 नवंबर तक स्टॉक रखने की सीमा लागू की थी। डीलर्स को अपने स्टॉक की जानकारी घोषित कर उसे हर सप्ताह अपडेट करना होगा।

अब आगे क्या होगा?
10 लाख टन आयात से घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने में मदद मिल सकती है, लेकिन इसका असर इस बात पर निर्भर करेगा कि आयातित चीनी कितनी जल्दी बाजार में पहुंचती है। सरकार के सामने फिलहाल कीमतों को नियंत्रित रखने, त्योहारी मांग पूरी करने और अगले चीनी सीजन तक पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने की चुनौती है।

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  Sports

Ollie Robinson के 8 विकेट से ढहा Pakistan, England ने Lord's Test जीतकर सीरीज पर जमाया कब्जा

लॉर्ड्स में पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने शानदार गेंदबाजी के दम पर 194 रन की बड़ी जीत दर्ज कर तीन मैचों की श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। इंग्लैंड की इस जीत के नायक ओली रॉबिन्सन रहे, जिन्होंने पूरे मुकाबले में आठ विकेट लेकर पाकिस्तान की दूसरी पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई। पाकिस्तान के लिए सऊद शकील ने 97 रन की जुझारू पारी खेली, लेकिन वह टीम को हार से नहीं बचा सके।

389 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम मुश्किल पिच पर 194 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। रॉबिन्सन ने पहली पारी में 11 रन देकर चार विकेट लेने के बाद दूसरी पारी में 24 रन देकर चार विकेट हासिल किए। इस तरह उन्होंने मैच में कुल आठ विकेट अपने नाम किए।

पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। रॉबिन्सन ने चार गेंदों के भीतर दो विकेट लेकर मेहमान टीम को सात रन पर दो झटके दे दिए। इसके बाद तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने कप्तान बाबर आजम को आउट कर पाकिस्तान को 14 रन पर तीन विकेट के संकट में पहुंचा दिया।

हालांकि, सऊद शकील और कप्तान शान मसूद ने कुछ समय तक इंग्लैंड के गेंदबाजों का सामना किया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 97 रन की साझेदारी कर पारी को संभालने की कोशिश की। रॉबिन्सन ने शान मसूद को 26 रन पर पगबाधा कर इस साझेदारी को तोड़ा। मैदानी अंपायर के नॉट आउट फैसले को समीक्षा के बाद बदला गया।

इसके बाद मोहम्मद रिजवान भी रॉबिन्सन की गेंद पर एलबीडबल्यू हो गए। दूसरी ओर शकील ने शानदार संघर्ष जारी रखा। उन्होंने 122 गेंदों पर 97 रन बनाए, जिसमें 13 चौके शामिल थे। उन्होंने जोश टंग की गेंदों पर लगातार आक्रामक शॉट लगाए और छक्के के साथ 86 रन तक पहुंचे। इसके बाद एक और बेहतरीन प्रहार से वह 90 के पार पहुंचे।

हालांकि, शतक से महज तीन रन पहले शकील टंग की गेंद पर डीप स्क्वायर लेग पर हैरी ब्रूक के हाथों कैच हो गए। पवेलियन लौटते समय मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब के सदस्यों ने खड़े होकर उनकी पारी की सराहना की।

गौरतलब है कि पाकिस्तान उस समय 169 रन पर सात विकेट गंवा चुका था। इमाम-उल-हक पिंडली की चोट के कारण बल्लेबाजी के लिए उपलब्ध नहीं थे। जोश टंग ने इसके बाद खुर्रम शहजाद को बोल्ड किया और मोहम्मद अली का कैच हैरी ब्रूक के हाथों स्लिप में कराकर पाकिस्तान की पारी समाप्त कर दी।

इस जीत से इंग्लैंड विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 की तालिका में श्रीलंका को पीछे छोड़कर छठे स्थान पर पहुंच गया है। उसका अंक प्रतिशत 34.44 है। हालांकि, इंग्लैंड के पास अभी चार टेस्ट बाकी हैं और खिताबी मुकाबले में पहुंचने की उसकी राह अब भी मुश्किल है। पाकिस्तान तालिका में सबसे नीचे है और उसका अंक प्रतिशत 19.05 से घटकर 16.67 रह गया है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, भारत अगर अपने बाकी सातों टेस्ट जीत लेता है तो इंग्लैंड उसके अंक प्रतिशत से आगे नहीं निकल सकेगा। ऐसे में लॉर्ड्स की जीत के बावजूद इंग्लैंड के लिए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का सफर चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
Mon, 31 Aug 2026 19:38:00 +0530

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