इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में पाकिस्तान के बल्लेबाज इमाम-उल-हक की पिंडली (calf) की चोट की असलियत को लेकर विवाद के बीच, उनके देश की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह पहली बार नहीं है जब इस ओपनर पर चोट का बहाना बनाने का आरोप लगा है। Geo.tv के मुताबिक, 2025 में PCB की एक कमेटी ने इमाम को 'न्यूज़ीलैंड दौरे के दौरान चोट के बारे में गलत जानकारी देने' का दोषी पाया था और उन पर सभी फॉर्मेट में बैन लगाने की सिफारिश की थी।
इंग्लैंड की पहली पारी के दौरान फील्डिंग करते हुए बाएं पैर की पिंडली में 'ग्रेड 1 टियर' (मांसपेशी फटने) की चोट लगने के बाद इमाम लॉर्ड्स टेस्ट की किसी भी पारी में बल्लेबाज़ी नहीं कर पाए; उस पारी में उन्होंने दो अहम कैच भी छोड़े थे। पहले दिन चाय के ब्रेक के बाद उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा और उनकी जगह सलमान अली आगा सब्स्टीट्यूट फील्डर के तौर पर आए। क्रिकइन्फो के अनुसार, इमाम को 10 दिन आराम करने की सलाह दी गई थी। चौथे दिन की शुरुआत से पहले उन्होंने कुछ थ्रोडाउन का अभ्यास करने की कोशिश की, लेकिन जल्द ही सपोर्ट स्टाफ़ के सदस्यों के साथ लंगड़ाते हुए वापस लौट आए।
इंग्लैंड के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ और अब ब्रॉडकास्टर बन चुके स्टुअर्ट ब्रॉड ने यह देखा और कहा कि वह इससे 'प्रभावित नहीं' हुए; उन्होंने इमाम पर चोट का नाटक करने का आरोप लगाया। ब्रॉड ने स्काई स्पोर्ट्स पर कहा कि यह सब दिखावा है। उन्हें मीडिया और शायद अपनी टीम के साथियों से थोड़ी आलोचना झेलनी पड़ी है। जो भी हो। आप यह सब बिना किसी की नज़र में आए इनडोर स्कूल के अंदर कर सकते हैं; आपको शॉर्ट्स और टेप पहनकर इस तरह लंगड़ाते हुए बाहर आने की ज़रूरत नहीं है। मैं इससे प्रभावित नहीं हूँ। माफ़ कीजिए।
Geo.tv की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2025 में इमाम ने पैर की उंगली में चोट लगने का दावा किया था, लेकिन समिति को उन्हें अनफिट घोषित करने के लिए कोई मेडिकल सबूत नहीं मिला, क्योंकि एक्स-रे में न तो कोई फ्रैक्चर और न ही कोई डिसलोकेशन (हड्डी का अपनी जगह से खिसकना) पाया गया।
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लॉर्ड्स में पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने शानदार गेंदबाजी के दम पर 194 रन की बड़ी जीत दर्ज कर तीन मैचों की श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। इंग्लैंड की इस जीत के नायक ओली रॉबिन्सन रहे, जिन्होंने पूरे मुकाबले में आठ विकेट लेकर पाकिस्तान की दूसरी पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई। पाकिस्तान के लिए सऊद शकील ने 97 रन की जुझारू पारी खेली, लेकिन वह टीम को हार से नहीं बचा सके।
389 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम मुश्किल पिच पर 194 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। रॉबिन्सन ने पहली पारी में 11 रन देकर चार विकेट लेने के बाद दूसरी पारी में 24 रन देकर चार विकेट हासिल किए। इस तरह उन्होंने मैच में कुल आठ विकेट अपने नाम किए।
पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। रॉबिन्सन ने चार गेंदों के भीतर दो विकेट लेकर मेहमान टीम को सात रन पर दो झटके दे दिए। इसके बाद तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने कप्तान बाबर आजम को आउट कर पाकिस्तान को 14 रन पर तीन विकेट के संकट में पहुंचा दिया।
हालांकि, सऊद शकील और कप्तान शान मसूद ने कुछ समय तक इंग्लैंड के गेंदबाजों का सामना किया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 97 रन की साझेदारी कर पारी को संभालने की कोशिश की। रॉबिन्सन ने शान मसूद को 26 रन पर पगबाधा कर इस साझेदारी को तोड़ा। मैदानी अंपायर के नॉट आउट फैसले को समीक्षा के बाद बदला गया।
इसके बाद मोहम्मद रिजवान भी रॉबिन्सन की गेंद पर एलबीडबल्यू हो गए। दूसरी ओर शकील ने शानदार संघर्ष जारी रखा। उन्होंने 122 गेंदों पर 97 रन बनाए, जिसमें 13 चौके शामिल थे। उन्होंने जोश टंग की गेंदों पर लगातार आक्रामक शॉट लगाए और छक्के के साथ 86 रन तक पहुंचे। इसके बाद एक और बेहतरीन प्रहार से वह 90 के पार पहुंचे।
हालांकि, शतक से महज तीन रन पहले शकील टंग की गेंद पर डीप स्क्वायर लेग पर हैरी ब्रूक के हाथों कैच हो गए। पवेलियन लौटते समय मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब के सदस्यों ने खड़े होकर उनकी पारी की सराहना की।
गौरतलब है कि पाकिस्तान उस समय 169 रन पर सात विकेट गंवा चुका था। इमाम-उल-हक पिंडली की चोट के कारण बल्लेबाजी के लिए उपलब्ध नहीं थे। जोश टंग ने इसके बाद खुर्रम शहजाद को बोल्ड किया और मोहम्मद अली का कैच हैरी ब्रूक के हाथों स्लिप में कराकर पाकिस्तान की पारी समाप्त कर दी।
इस जीत से इंग्लैंड विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 की तालिका में श्रीलंका को पीछे छोड़कर छठे स्थान पर पहुंच गया है। उसका अंक प्रतिशत 34.44 है। हालांकि, इंग्लैंड के पास अभी चार टेस्ट बाकी हैं और खिताबी मुकाबले में पहुंचने की उसकी राह अब भी मुश्किल है। पाकिस्तान तालिका में सबसे नीचे है और उसका अंक प्रतिशत 19.05 से घटकर 16.67 रह गया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, भारत अगर अपने बाकी सातों टेस्ट जीत लेता है तो इंग्लैंड उसके अंक प्रतिशत से आगे नहीं निकल सकेगा। ऐसे में लॉर्ड्स की जीत के बावजूद इंग्लैंड के लिए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का सफर चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
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