अक्षय ओबेरॉय और हेली दारूवाला स्टारर ‘लव लॉटरी’ का रोमांटिक गाना ‘नज़र लग जाएगी’ रिलीज़
अक्षय ओबेरॉय और हेली दारूवाला अभिनीत आगामी हिंदी कोर्टरूम सस्पेंस थ्रिलर फ़िल्म ‘लव लॉटरी’ का रोमांटिक गाना ‘नज़र लग जाएगी’ रिलीज़ हो गया है. जावेद अली और राधिका भिड़े की आवाज़ में सजे इस खूबसूरत गीत का संगीत वरुण मिश्रा और अरविंद पांडे ने तैयार किया है, जबकि इसके बोल अरविंद पांडे ने लिखे हैं. गाने में अक्षय ओबेरॉय और हेली दारूवाला के बीच की सहज और खूबसूरत केमिस्ट्री देखने को मिलती है, वहीं उत्तराखंड की प्राकृतिक खूबसूरती और मनमोहक वादियां इस गाने को एक अलग ही एहसास देती हैं.
गाना किरदारों के रिश्ते के भावनात्मक और रोमांटिक पहलू को लाता है सामने
उत्तराखंड की खूबसूरत लोकेशंस पर फिल्माया गया ‘नज़र लग जाएगी’ कहानी के किरदारों के रिश्ते के भावनात्मक और रोमांटिक पहलू को सामने लाता है. पहाड़ों की खूबसूरती, शांत माहौल और प्रकृति के बीच फिल्माए गए रोमांटिक पल अक्षय और हेली की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को और निखारते हैं. दोनों की सहज मौजूदगी गाने को बिना किसी बनावटीपन के एक स्वाभाविक और खूबसूरत एहसास देती है. गाने की सिनेमैटोग्राफी नवीन वी. मिश्रा ने की है, जबकि इसकी कोरियोग्राफी देवेंद्र चतुर्वेदी ‘डेविड’ ने की है, जिन्होंने गाने के रोमांटिक मूड और भावनाओं को सहज अंदाज़ में पर्दे पर उतारा है.
अक्षय और हेली के बीच की केमिस्ट्री दिखी नेचुरल
गाने और फ़िल्म को लेकर निर्देशक एवं संगीत निर्देशक अरविंद पांडे कहते हैं, “नज़र लग जाएगी के जरिए हम अपने किरदारों के रिश्ते के भावनात्मक और रोमांटिक पहलू को बहुत सहज तरीके से दिखाना चाहते थे. उत्तराखंड की खूबसूरती ने हमें इसके लिए बिल्कुल सही माहौल दिया. वहां की सादगी, शांति और प्राकृतिक सुंदरता पर्दे पर अपने आप एक खूबसूरत एहसास पैदा करती है. अक्षय और हेली के बीच की केमिस्ट्री भी बहुत स्वाभाविक है और हमने कोशिश की है कि वह गाने में बिना किसी बनावटीपन के नजर आए. संगीत के स्तर पर भी हमारा प्रयास एक ऐसी धुन तैयार करने का रहा, जो किरदारों की भावनाओं से सीधे जुड़ सके.”
'लव लॉटरी' फिल्म पुरुषों के कानूनी अधिकारों की करती है बात
फ़िल्म के निर्माता कुलदीप भार्गव ‘तुषार’ कहते हैं, “लव लॉटरी का विषय संवेदनशील है और हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी थी कि इसे संतुलन और समझदारी के साथ दर्शकों के सामने रखा जाए. फिल्म इस बात को तलाशती है कि प्यार, भरोसा और शादी का रिश्ता कभी-कभी किस तरह एक अप्रत्याशित मोड़ ले सकता है. लव लॉटरी बॉलीवुड की पहली फ़िल्म है जो पुरुषों के कानूनी अधिकारों की बात करती है. ‘नज़र लग जाएगी’ दर्शकों को कहानी के उस हिस्से की झलक देता है, जहां रिश्ते में प्यार और भावनाएं मौजूद हैं, इससे पहले कि कहानी एक जटिल और नाटकीय मोड़ ले. हम चाहते थे कि यह गाना खूबसूरत होने के साथ-साथ भावनात्मक रूप से भी लोगों से जुड़े और उत्तराखंड की प्राकृतिक खूबसूरती ने इसे और खास बना दिया है.”
जावेद अली और राधिका भिड़े ने गाया 'नजर लग जाएगी' गाना
जावेद अली और राधिका भिड़े की आवाज़ इस रोमांटिक गीत के एहसास को और गहराई देती है. वरुण मिश्रा और अरविंद पांडे के संगीत तथा अरविंद पांडे के बोलों के साथ तैयार यह गीत किरदारों के बीच की नज़दीकियों और उनके रिश्ते की भावनात्मक परत को सामने लाता है. खूबसूरत संगीत, उत्तराखंड की प्राकृतिक पृष्ठभूमि और अक्षय ओबेरॉय व हेली दारूवाला की सहज केमिस्ट्री मिलकर ‘नज़र लग जाएगी’ को फ़िल्म की कहानी का एक अहम भावनात्मक हिस्सा बनाते हैं.
‘लव लॉटरी’ का निर्देशन अरविंद पांडे ने किया
सिनेमा गंज फिल्म्स के बैनर तले कुलदीप भार्गव ‘तुषार’ द्वारा निर्मित ‘लव लॉटरी’ का निर्देशन अरविंद पांडे ने किया है और इसकी कहानी व लेखन अंकुर खत्री का है. फ़िल्म की सिनेमैटोग्राफी नवीन वी. मिश्रा, कोरियोग्राफी देवेंद्र चतुर्वेदी ‘डेविड’ और एडिटिंग प्रकाश झा ने की है. फ़िल्म में अक्षय ओबेरॉय, हेली दारूवाला और कबीर दुहन सिंह प्रमुख भूमिकाओं में हैं, जबकि विजयांत कोहली, संतोष शुक्ला, हेमंत पांडे, इंदिरा कृष्णन, अग्नि अय्यारी, विक्रम शर्मा, कुमार सौरभ, अश्वंत लोधी और अर्शदीप संधू सहित कई कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे. जहां ‘नज़र लग जाएगी’ फ़िल्म के रिश्तों और भावनाओं की नरम परत को सामने लाता है, वहीं ‘लव लॉटरी’ प्यार, भरोसे और शादी के रिश्ते से जुड़े जटिल सवालों को सस्पेंस, संघर्ष और कानूनी लड़ाई की पृष्ठभूमि में पेश करती है. अरविंद पांडे के निर्देशन में बनी यह फ़िल्म 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 'पीएम-प्रगति' के तहत टीबी खत्म करने की कोशिशों की समीक्षा की
नई दिल्ली, 31 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के साथ पीएम-प्रगति के तहत टीबी खत्म करने की कोशिशों की समीक्षा की। इस दौरान टीबी मुक्त भारत अभियान के लिए अलग-अलग मंत्रालयों के बीच तालमेल को और बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।
स्वास्थ्य मंत्रायल की ओर से बताया गया कि समीक्षा में बीमारी का जल्द पता लगाने, रोकथाम, सामुदायिक जागरूकता, स्क्रीनिंग और लगातार सामुदायिक भागीदारी के जरिए ठोस नतीजों और जमीनी स्तर पर असरदार बदलाव लाने पर जोर दिया गया।
युवा मामले और खेल मंत्रालय, माई भारत वॉलंटियर्स के जरिए और रक्षा मंत्रालय, एनसीसी कैडेट्स के जरिए जमीनी स्तर पर लोगों तक पहुंचने और जागरूकता बढ़ाने का काम मजबूत कर रहे हैं। शिक्षण संस्थानों और कार्यस्थलों को भी इस राष्ट्रीय प्रयास में शामिल किया जा रहा है, जिसमें ईएसआईसी श्रमिकों के लिए टीबी स्क्रीनिंग और सहायता को मजबूत कर रहा है।
सरकार और समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का यह तरीका, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप टीबी मुक्त भारत की दिशा में भारत की सामूहिक कोशिशों को और तेज करेगा।
वहीं, जेपी नड्डा ने सोमवार को नजफगढ़ स्थित ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र की प्रगति आकलन बैठक की अध्यक्षता की और केंद्र में रोगी देखभाल, आधारभूत अवसंरचना, मानव संसाधन, शैक्षणिक गतिविधियों और डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली मजबूत बनाने के उद्देश्य से आरंभ पहल के कार्यान्वयन की समीक्षा की।
नड्डा ने 13 अप्रैल, 2026 को हुई बैठक के बाद कार्यों में हुई प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित एजेंसियों और संस्थानों को चल रहे कार्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया और योजनाबद्ध पहल से समन्वित कार्यान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने तय किये गए कामों की कड़ी निगरानी, मानव संसाधन और उपकरणों की समय पर उपलब्धता और गुणवत्तापूर्ण रोगी देखभाल और चिकित्सा प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया।
केंद्र का बाह्य रोगी विभाग-ओपीडी और आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह संचालित हैं, साथ ही संक्रमित जानवरों के काटने पर लगाए जाने वाले रेबीज रोधी टीकाकरण केंद्र, सर्प विष रोधी केंद्र और जन औषधि केंद्र, केंद्रीय रोगाणु-मुक्ति सेवा विभाग-सीएसडी, जांच प्रयोगशाला और एम्बुलेंस सेवाएं सहित अन्य सहायक सुविधाएं भी संचालित हैं। वहां लघु शल्य चिकित्सा कक्ष भी कार्यान्वित है।
ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र नजफगढ़ को मेडिको-लीगल एग्जामिनेशन एंड पोस्ट मॉर्टम रिपोर्टिंग-मेडलीप आर से भी जोड़ा गया है, जिससे रोगियों की इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुविधा उपलब्ध होगी। यह केन्द्र आयुष्मान भारत के तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना- पीएम-जेएवाई योजना से भी जोड़ा गया है, जिससे पात्र लाभार्थियों को इसकी सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। यह ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाणीकरण और मॉडल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है।
इस ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र में मासिक आधार पर औसतन, लगभग 47,000 ओपीडी परामर्श और 9,000 आपातकालीन मामलों के अलावा अगस्त 2026 में 221 लघु इलाज प्रक्रियाएं संचालित हुईं। टीबी (तपेदिक) मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी के लक्षणों की जांच नियमित ओपीडी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा जांच सलाह में शामिल किया गया है।
--आईएएनएस
एमएस/
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