NEET UG Counselling 2026: राउंड 2 काउंसलिंग का शेड्यूल जारी, 3 सितंबर से शुरू होंगे रजिस्ट्रेशन
NEET UG Counselling 2026: मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने नीट यूजी 2026 काउंसलिंग के दूसरे चरण (Round 2) का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है। ऑल इंडिया कोटा (AIQ), डीम्ड और सेंट्रल यूनिवर्सिटीज के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया आगामी 3 सितंबर 2026 से शुरू होगी, जो 11 सितंबर तक चलेगी। दूसरे दौर की काउंसलिंग में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवारों को तय समयसीमा के भीतर अपना रजिस्ट्रेशन, चॉइस फिलिंग और अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसके अलावा, अलॉटेड सीटों पर ज्वॉइनिंग की अंतिम तिथि 18 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।
राउंड 2 काउंसलिंग की महत्वपूर्ण तिथियां
MCC द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, दूसरे चरण की पूरी समय सारणी इस प्रकार है:
- टेंटेटिव सीट मैट्रिक्स का सत्यापन: 1 से 2 सितंबर 2026
- रजिस्ट्रेशन और भुगतान: 3 से 8 सितंबर 2026 (रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 8 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक और फीस भुगतान शाम 6 बजे तक)
- चॉइस फिलिंग: 3 से 9 सितंबर 2026 (अंतिम तिथि 9 सितंबर को सुबह 10 बजे तक)
- चॉइस लॉकिंग: 8 सितंबर को शाम 4 बजे से 9 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे तक
- सीट आवंटन प्रक्रिया: 9 से 10 सितंबर 2026
- सीट अलॉटमेंट रिजल्ट: 11 सितंबर 2026
- रिपोर्टिंग/ज्वॉइनिंग: 12 से 18 सितंबर 2026
- संस्थानों द्वारा डेटा सत्यापन: 19 सितंबर 2026
काउंसलिंग बॉडी ने यह भी स्पष्ट किया है कि तय शेड्यूल के मुताबिक प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए शनिवार, रविवार और राजपत्रित अवकाशों (gazetted holidays) को भी कार्य दिवस माना जाएगा।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने की पूरी प्रक्रिया
उम्मीदवार आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं:
- एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर जाएं।
- 'New Registration 2026' के विकल्प पर क्लिक करें।
- दिए गए निर्देशों को ध्यान से पढ़ें और अपनी सहमति दें।
- अपनी जानकारी दर्ज करें और अपना अकाउंट बनाएं/लॉगिन करें।
- पासवर्ड सेट करके विवरण सबमिट करें।
- अपना व्यक्तिगत और शैक्षणिक विवरण दर्ज करें।
- निर्धारित फॉर्मेट में जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
- काउंसलिंग शुल्क का भुगतान करें।
- फॉर्म सबमिट करने के बाद कंफर्मेशन पेज का प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।
श्रेणीवार रजिस्ट्रेशन फीस और सिक्योरिटी डिपॉजिट
15% AIQ और सेंट्रल यूनिवर्सिटीज के लिए:
- सामान्य वर्ग (General): ₹1,000 नॉन-फंड्बल फीस + ₹10,000 रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट।
- SC/ST/OBC/PwD: ₹500 नॉन-फंड्बल फीस + ₹5,000 रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट।
डीम्ड यूनिवर्सिटीज (Deemed Universities) के लिए:
- सभी वर्ग (General/SC/ST/OBC/PwD): ₹5,000 नॉन-रिफंडेबल फीस + ₹2,00,000 रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट।
चॉइस फिलिंग के स्टेप्स और सीट ज्वॉइनिंग की डेडलाइन
दूसरे राउंड में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स के लिए नए सिरे से चॉइस फिलिंग करनी होगी। इसी आधार पर सीटों का आवंटन किया जाएगा:
- वेबसाइट mcc.nic.in पर विजिट करें।
- UG Medical counselling टैब पर क्लिक करें।
- अपने नीट रोल नंबर और पासवर्ड/क्रेडेंशियल्स की मदद से लॉगिन करें।
- 'Available Choices' पर जाएं।
- अपने पसंद के कॉलेज और कोर्स चुनें।
- चॉइस सेव करें और अपनी प्रेफरेंस ऑर्डर की जांच करें।
- फॉर्म सबमिट कर अपनी पसंद को लॉक कर दें।
राउंड 2 में सीट पाने वाले छात्रों को 18 सितंबर 2026 तक संबंधित कॉलेज में रिपोर्ट कर एडमिशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद 19 सितंबर को संस्थानों द्वारा छात्रों के डेटा का सत्यापन किया जाएगा।
नीट पेपर लीक मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट का NTA को कड़ा निर्देश, CBI गवाह बने छात्र का री-नीट रिजल्ट जारी करने का आदेश
NEET paper leak Case: बॉम्बे हाईकोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश देते हुए नीट-यूजी 2026 की दोबारा हुई परीक्षा (री-नीट) का रिजल्ट घोषित करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश एक ऐसे मेडिकल छात्र के पक्ष में दिया गया है, जिसे कथित नीट पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच में आरोपी नहीं बल्कि गवाह के तौर पर शामिल किया गया है।
न्यायमूर्ति रियाज छागला और न्यायमूर्ति फिरदोश पूनीवाला की खंडपीठ ने 25 अगस्त को यह अंतरिम आदेश पारित किया। अदालत ने अपने आदेश में इस बात पर गौर किया कि यदि रिजल्ट को रोका जाता है, तो इससे याचिकाकर्ता छात्र महाराष्ट्र में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्सेस के लिए चल रही केंद्रीकृत प्रवेश प्रक्रिया (CAP) में हिस्सा लेने से वंचित हो जाएगा। इस आदेश की कॉपी गुरुवार को सार्वजनिक की गई।
सीबीआई ने छात्र को बनाया है मामले में गवाह
याचिकाकर्ता छात्र ने अधिवक्ता पूजा थोरात के माध्यम से अदालत का दरवाजा खटखटाया था और मांग की थी कि 21 जून को आयोजित री-नीट-यूजी परीक्षा का उसका परिणाम जारी करने के लिए NTA को निर्देश दिए जाएं। नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के कारण प्रभावित हुए उम्मीदवारों के लिए यह परीक्षा आयोजित की गई थी।
दूसरी ओर, इस मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 20 जुलाई को अपनी चार्जशीट दाखिल की थी। इस चार्जशीट में याचिकाकर्ता को आरोपी के तौर पर नहीं, बल्कि एक गवाह के रूप में उल्लेखित किया गया है। हालांकि, सुनवाई के दौरान सीबीआई ने छात्र का रिजल्ट घोषित किए जाने का विरोध किया। जांच एजेंसी का तर्क था कि याचिकाकर्ता "लीक हुए पेपर का सीधा लाभार्थी" रहा है और इस पर जवाब दाखिल करने के लिए एजेंसी ने समय मांगा।
अडालती बेंच ने स्पष्ट किया कि सीबीआई द्वारा लगाए गए इन आरोपों को उचित कार्यवाही के दौरान साबित करना होगा। पीठ ने इस बात पर भी जोर दिया कि जांच एजेंसी ने याचिकाकर्ता को आरोपी नहीं बनाया है, बल्कि उसे केवल एक गवाह के रूप में नामित किया है। अदालत ने कहा, "हम नीट 2026 परीक्षा में याचिकाकर्ता द्वारा निभाई गई भूमिका पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं।" साथ ही यह भी साफ किया कि इस अंतरिम राहत से सीबीआई की चल रही जांच में कोई बाधा नहीं आएगी।
प्रवेश प्रक्रिया की डेडलाइन को देखते हुए अदालत का फैसला
अदालत ने संशोधित सीएपी-1 (CAP-1) शेड्यूल की वजह से बनी तात्कालिक स्थिति पर भी गंभीरता से विचार किया। प्रवेश प्रक्रिया की शुरुआत 19 अगस्त से हो चुकी थी, जबकि फाइनल मेरिट लिस्ट और ज्वॉइनिंग प्रक्रिया बेहद करीब थी।
खंडपीठ ने NTA को निर्देश दिया कि वह 27 अगस्त को याचिकाकर्ता का री-नीट परिणाम घोषित करे। यदि छात्र आवश्यक क्वालिफाइंग अंकों के साथ परीक्षा पास कर लेता है, तो उसे ऑफलाइन पंजीकरण कराकर और निर्धारित नियमों का पालन करते हुए एमबीबीएस/बीडीएस के लिए सीएपी-1 प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अंतरिम आदेश याचिका के अंतिम फैसले के अधीन रहेगा और इससे याचिकाकर्ता के पक्ष में किसी प्रकार का स्वतः अधिकार (इक्विटी) सृजित नहीं होगा। इस मामले की अगली सुनवाई अब 11 सितंबर को तय की गई है।
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