नीट पेपर लीक मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट का NTA को कड़ा निर्देश, CBI गवाह बने छात्र का री-नीट रिजल्ट जारी करने का आदेश
NEET paper leak Case: बॉम्बे हाईकोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश देते हुए नीट-यूजी 2026 की दोबारा हुई परीक्षा (री-नीट) का रिजल्ट घोषित करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश एक ऐसे मेडिकल छात्र के पक्ष में दिया गया है, जिसे कथित नीट पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच में आरोपी नहीं बल्कि गवाह के तौर पर शामिल किया गया है।
न्यायमूर्ति रियाज छागला और न्यायमूर्ति फिरदोश पूनीवाला की खंडपीठ ने 25 अगस्त को यह अंतरिम आदेश पारित किया। अदालत ने अपने आदेश में इस बात पर गौर किया कि यदि रिजल्ट को रोका जाता है, तो इससे याचिकाकर्ता छात्र महाराष्ट्र में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्सेस के लिए चल रही केंद्रीकृत प्रवेश प्रक्रिया (CAP) में हिस्सा लेने से वंचित हो जाएगा। इस आदेश की कॉपी गुरुवार को सार्वजनिक की गई।
सीबीआई ने छात्र को बनाया है मामले में गवाह
याचिकाकर्ता छात्र ने अधिवक्ता पूजा थोरात के माध्यम से अदालत का दरवाजा खटखटाया था और मांग की थी कि 21 जून को आयोजित री-नीट-यूजी परीक्षा का उसका परिणाम जारी करने के लिए NTA को निर्देश दिए जाएं। नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के कारण प्रभावित हुए उम्मीदवारों के लिए यह परीक्षा आयोजित की गई थी।
दूसरी ओर, इस मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 20 जुलाई को अपनी चार्जशीट दाखिल की थी। इस चार्जशीट में याचिकाकर्ता को आरोपी के तौर पर नहीं, बल्कि एक गवाह के रूप में उल्लेखित किया गया है। हालांकि, सुनवाई के दौरान सीबीआई ने छात्र का रिजल्ट घोषित किए जाने का विरोध किया। जांच एजेंसी का तर्क था कि याचिकाकर्ता "लीक हुए पेपर का सीधा लाभार्थी" रहा है और इस पर जवाब दाखिल करने के लिए एजेंसी ने समय मांगा।
अडालती बेंच ने स्पष्ट किया कि सीबीआई द्वारा लगाए गए इन आरोपों को उचित कार्यवाही के दौरान साबित करना होगा। पीठ ने इस बात पर भी जोर दिया कि जांच एजेंसी ने याचिकाकर्ता को आरोपी नहीं बनाया है, बल्कि उसे केवल एक गवाह के रूप में नामित किया है। अदालत ने कहा, "हम नीट 2026 परीक्षा में याचिकाकर्ता द्वारा निभाई गई भूमिका पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं।" साथ ही यह भी साफ किया कि इस अंतरिम राहत से सीबीआई की चल रही जांच में कोई बाधा नहीं आएगी।
प्रवेश प्रक्रिया की डेडलाइन को देखते हुए अदालत का फैसला
अदालत ने संशोधित सीएपी-1 (CAP-1) शेड्यूल की वजह से बनी तात्कालिक स्थिति पर भी गंभीरता से विचार किया। प्रवेश प्रक्रिया की शुरुआत 19 अगस्त से हो चुकी थी, जबकि फाइनल मेरिट लिस्ट और ज्वॉइनिंग प्रक्रिया बेहद करीब थी।
खंडपीठ ने NTA को निर्देश दिया कि वह 27 अगस्त को याचिकाकर्ता का री-नीट परिणाम घोषित करे। यदि छात्र आवश्यक क्वालिफाइंग अंकों के साथ परीक्षा पास कर लेता है, तो उसे ऑफलाइन पंजीकरण कराकर और निर्धारित नियमों का पालन करते हुए एमबीबीएस/बीडीएस के लिए सीएपी-1 प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अंतरिम आदेश याचिका के अंतिम फैसले के अधीन रहेगा और इससे याचिकाकर्ता के पक्ष में किसी प्रकार का स्वतः अधिकार (इक्विटी) सृजित नहीं होगा। इस मामले की अगली सुनवाई अब 11 सितंबर को तय की गई है।
आदित्य ठाकरे ने जब भरी अदालत में कहा- जज साहब, दिशा सालियन के पिता से मुझे पूरी सहानुभूति है, लेकिन…
Aditya Thackeray Latest News: दिशा सालियन मौत मामले में आदित्य ठाकरे के वकील ने हाईकोर्ट में पक्ष रखा. उन्होंने याचिका को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता बताया. हाईकोर्ट ने इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi
News18






