Kangana Ranaut: कंगना-रामदेव की दुश्मनी हुई खत्म? रक्षाबंधन पर बाबा ने भेजी मिठाई, एक्ट्रेस बोलीं- ‘बड़े भाई का प्रेम स्वीकार’
Kangana Ranaut Baba Ramdev Controversy: रक्षाबंधन के मौके पर अकंगना रनौत और योग गुरु बाबा रामदेव के बीच चल रही जुबानी जंग का रुख बदल गया। दोनों ने पुराने मतभेद भुलाकर एक-दूसरे के प्रति नरम रवैया अपनाया। रामदेव ने कंगना को बहन बताते हुए मिठाई और तोहफा भेजने की बात कही, वहीं कंगना ने भी उन्हें अपना बड़ा भाई बताते हुए उनका स्नेह स्वीकार कर लिया।
रामदेव ने कंगना के लिए भेजा रक्षाबंधन का तोहफा
Haridwar, Uttarakhand: Yoga Guru Baba Ramdev says, "I am sending this gift and these sweets to our sister, Kangana Ranaut, by post. There should be no hatred in the country for any reason, and there should be no hostility towards one another. That is why we have completely given… pic.twitter.com/MXZu07EUzv
— IANS (@ians_india) August 28, 2026
रक्षाबंधन पर बाबा रामदेव ने कंगना रनौत के लिए खास संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वह अपनी बहन कंगना के लिए डाक के जरिए मिठाई और उपहार भेज रहे हैं। रामदेव ने इस मौके पर कहा कि किसी भी मुद्दे को लेकर लोगों के बीच नफरत या दुश्मनी नहीं बढ़नी चाहिए।
उन्होंने साफ किया कि कंगना के साथ उनके जो भी मतभेद थे, उन्हें अब पीछे छोड़ दिया गया है। रामदेव ने कहा कि विवादों को आगे बढ़ाने के बजाय बातचीत के जरिए उनका हल निकालना बेहतर है। उन्होंने कंगना को त्योहार की शुभकामनाएं देने के लिए फोन करने की बात भी कही।
कंगना ने कहा- बड़े भाई का प्यार स्वीकार है
रामदेव के इस बदले हुए रुख पर कंगना ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि त्योहार पुराने गिले-शिकवे और गलतफहमियां दूर करने का मौका देते हैं। कंगना ने रामदेव की बात का जवाब देते हुए कहा, "मेरे भाई बाबा रामदेव जी ने बहुत अच्छा कहा कि विवाद नहीं, संवाद होना चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा, "आज रक्षाबंधन के दिन मैं उनकी मिठाई और बड़े भाई का प्रेम दोनों स्वीकार करती हूं। बहुत धन्यवाद। ईश्वर आपको लंबी आयु दे।" इस तरह दोनों की सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानबाजी से शुरू हुई तनातनी फिलहाल खत्म होती दिखाई दे रही है।
‘जनरेशन गटर’ टिप्पणी से शुरू हुई थी तकरार
कंगना और बाबा रामदेव के बीच विवाद की शुरुआत कंगना की एक विवादित टिप्पणी के बाद हुई थी। जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कंगना ने प्रदर्शनकारियों के लिए ‘जनरेशन गटर’ शब्द का इस्तेमाल किया था। उनके इस बयान पर काफी विरोध और आलोचना हुई थी।
इसी टिप्पणी पर बाबा रामदेव ने भी कंगना पर निशाना साधा था। उन्होंने अभिनेत्री की पुरानी जिंदगी और उनके अनुभवों का जिक्र करते हुए उनकी टिप्पणी पर सवाल उठाए थे।
रामदेव की टिप्पणी के बाद कंगना ने भी किया पलटवार
बाबा रामदेव की टिप्पणी के बाद मामला और गरमा गया था। कंगना ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें जवाब देते हुए उनकी जवानी और निजी जिंदगी को लेकर तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने रामदेव से जुड़े पुराने विवादों का भी जिक्र किया और उन पर निशाना साधा। इसके बाद दोनों के बीच बयानबाजी का दौर देखने को मिला।
रामदेव ने कहा- बातचीत से दूर हो सकते हैं मतभेद
रक्षाबंधन के महत्व पर बात करते हुए बाबा रामदेव ने सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि यह त्योहार केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के बीच प्रेम और सद्भाव बढ़ाने का अवसर भी है।
रामदेव ने समाज में जाति और समुदाय के नाम पर भेदभाव से बचने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि आपसी मतभेदों को दुश्मनी में बदलने के बजाय बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश करनी चाहिए। रक्षाबंधन पर कंगना और रामदेव के बीच बदले इस रिश्ते ने पुराने विवाद पर फिलहाल विराम लगा दिया है।
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Nepal Floods का गहरा असर: Sonauli Border पर 16 किमी लंबा जाम, ठप हुआ India-Nepal Trade और सप्लाई चेन
नेपाल में बाढ़ का असर भारत-नेपाल सीमा के बीच व्यापार पर पड़ने लगा है। सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से काठमांडू समेत नेपाल के अन्य हिस्सों में मालवाहक वाहनों की आवाजाही बाधित हुई है। सोनौली बॉर्डर पर भारतीय सीमा में करीब 16 किलोमीटर लंबी मालवाहक ट्रकों की कतार लग गई है, जो नेपाल में प्रवेश का इंतजार कर रहे हैं।
लंबे समय से आवाजाही बाधित होने से ट्रक चालकों और व्यापारियों की परेशानी बढ़ रही है, वहीं वाहनों की बढ़ती संख्या से सीमावर्ती क्षेत्र में यातायात प्रबंधन पर दबाव बढ़ गया है। काठमांडू के अलावा नेपाल के अन्य हिस्सों में जाने वाले मालवाहक ट्रक भी देरी का सामना कर रहे हैं, क्योंकि पड़ोसी देश में कई मार्गों पर यातायात प्रभावित है। वाहनों की कतार नौतनवा क्षेत्र तक बढ़ गई है, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात को लेकर चिंता बढ़ गई है। सीमा क्षेत्र में तैनात सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस कर्मी स्थिति पर नजर रख रहे हैं और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने में जुटे हैं।
अधिकारियों ने कहा कि यदि नेपाल में सड़क संपर्क जल्द बहाल नहीं हुआ तो स्थिति और बिगड़ सकती है, जिससे दोनों देशों के बीच माल की आवाजाही और आपूर्ति में देरी हो सकती है। क्षेत्राधिकारी बसंत सिंह ने बताया कि सोनौली बॉर्डर पर निगरानी बढ़ा दी गई है और सीमावर्ती थानों के प्रभारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नेपाल में बाढ़ ने वहां काम करने वाले महराजगंज के निवासियों को भी प्रभावित किया है।
सोनौली थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव निवासी राज कुमार गौतम करीब एक साल से काठमांडू में फर्नीचर का काम कर रहे थे और बाढ़ के हालात से बचकर घर लौट रहे हैं। गौतम ने फोन पर परिवार को बताया कि स्थिति भयावह है, कई परिवार बर्बाद हो गए हैं और लोग घबराहट में सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं। उनकी बेटी अंकिता ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे पिता से बात हुई थी। उन्होंने बताया कि वह बिहार के रास्ते बस से घर लौट रहे हैं।
गौतम परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं। उधर, पड़ोसी जिले कुशीनगर में अधिकारियों ने नरवाजोत और अहिरौली के बीच 17.5 किलोमीटर लंबे तटबंध पर निगरानी बढ़ा दी है। राजस्व, पुलिस और बाढ़ नियंत्रण टीमें संवेदनशील हिस्सों पर नजर रख रही हैं। अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा ने कहा कि नदी किनारे बसे गांवों में चौकसी बढ़ा दी गई है।
छितौनी और वाल्मीकिनगर के पास रहने वाले लोगों ने बताया कि उन्होंने गैस सिलेंडर, बिस्तर और रेफ्रिजरेटर जैसे घरेलू सामान को तेज बहाव में बहते देखा, जिसे कुछ स्थानीय लोगों ने बाहर निकाला। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें गांवों में तैनात हैं, जबकि पीएसी और जल पुलिस (पुलिस की विशेष इकाई) को भी अलर्ट पर रखा गया है। अन्य छोटी मौसमी नदियों और नालों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।
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