Nepal Floods का गहरा असर: Sonauli Border पर 16 किमी लंबा जाम, ठप हुआ India-Nepal Trade और सप्लाई चेन
नेपाल में बाढ़ का असर भारत-नेपाल सीमा के बीच व्यापार पर पड़ने लगा है। सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से काठमांडू समेत नेपाल के अन्य हिस्सों में मालवाहक वाहनों की आवाजाही बाधित हुई है। सोनौली बॉर्डर पर भारतीय सीमा में करीब 16 किलोमीटर लंबी मालवाहक ट्रकों की कतार लग गई है, जो नेपाल में प्रवेश का इंतजार कर रहे हैं।
लंबे समय से आवाजाही बाधित होने से ट्रक चालकों और व्यापारियों की परेशानी बढ़ रही है, वहीं वाहनों की बढ़ती संख्या से सीमावर्ती क्षेत्र में यातायात प्रबंधन पर दबाव बढ़ गया है। काठमांडू के अलावा नेपाल के अन्य हिस्सों में जाने वाले मालवाहक ट्रक भी देरी का सामना कर रहे हैं, क्योंकि पड़ोसी देश में कई मार्गों पर यातायात प्रभावित है। वाहनों की कतार नौतनवा क्षेत्र तक बढ़ गई है, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात को लेकर चिंता बढ़ गई है। सीमा क्षेत्र में तैनात सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस कर्मी स्थिति पर नजर रख रहे हैं और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने में जुटे हैं।
अधिकारियों ने कहा कि यदि नेपाल में सड़क संपर्क जल्द बहाल नहीं हुआ तो स्थिति और बिगड़ सकती है, जिससे दोनों देशों के बीच माल की आवाजाही और आपूर्ति में देरी हो सकती है। क्षेत्राधिकारी बसंत सिंह ने बताया कि सोनौली बॉर्डर पर निगरानी बढ़ा दी गई है और सीमावर्ती थानों के प्रभारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नेपाल में बाढ़ ने वहां काम करने वाले महराजगंज के निवासियों को भी प्रभावित किया है।
सोनौली थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव निवासी राज कुमार गौतम करीब एक साल से काठमांडू में फर्नीचर का काम कर रहे थे और बाढ़ के हालात से बचकर घर लौट रहे हैं। गौतम ने फोन पर परिवार को बताया कि स्थिति भयावह है, कई परिवार बर्बाद हो गए हैं और लोग घबराहट में सुरक्षित स्थानों की ओर भाग रहे हैं। उनकी बेटी अंकिता ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे पिता से बात हुई थी। उन्होंने बताया कि वह बिहार के रास्ते बस से घर लौट रहे हैं।
गौतम परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं। उधर, पड़ोसी जिले कुशीनगर में अधिकारियों ने नरवाजोत और अहिरौली के बीच 17.5 किलोमीटर लंबे तटबंध पर निगरानी बढ़ा दी है। राजस्व, पुलिस और बाढ़ नियंत्रण टीमें संवेदनशील हिस्सों पर नजर रख रही हैं। अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा ने कहा कि नदी किनारे बसे गांवों में चौकसी बढ़ा दी गई है।
छितौनी और वाल्मीकिनगर के पास रहने वाले लोगों ने बताया कि उन्होंने गैस सिलेंडर, बिस्तर और रेफ्रिजरेटर जैसे घरेलू सामान को तेज बहाव में बहते देखा, जिसे कुछ स्थानीय लोगों ने बाहर निकाला। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें गांवों में तैनात हैं, जबकि पीएसी और जल पुलिस (पुलिस की विशेष इकाई) को भी अलर्ट पर रखा गया है। अन्य छोटी मौसमी नदियों और नालों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।
Nepal Flood Updates : अबतक 469 लोगों को लील चुकी है नेपाल की बाढ़, 1000 लोगों का अभी तक कोई पता नहीं
Nepal Flood Updates : नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 469 हो गई. आपदा के बाद तीसरे दिन भी तलाश एवं बचाव अभियान जारी है. अभी भी करीब 1,000 लोग लापता हैं.
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