जालंधर लेक्चरर हत्याकांड, गर्लफ्रेंड के पति के खुलासे:बोले- प्रेगा किट, स्टेमिना बढ़ाने के कैप्सूल मिले, अलमारी में थी सेक्सी ड्रेस, रात भर मिलते
जालंधर की लेक्चरर नेहा की हत्या मामले में परतें खुलती जा रही हैं। उमंग बस्सी की प्रेमिका को लेकर पति ने कई अहम खुलासे किए हैं। विकास शर्मा ने बताया कि उमंग और उनकी पत्नी सतपाल कौर के बीच रिश्ते बहुत करीबी हो चुके थे। विकास शर्मा ने पत्नी के कमरे की कुछ ऐसी तस्वीरें शेयर की हैं, जिनसे पता चलता है कि उमंग और सतपाल के बीच क्या चल रहा था। विकास ने कहा कि पत्नी ने उसे मारने की प्लानिंग तो बनाई ही थी साथ में आगे की भी फैमिली प्लानिंग कर रही थी। विकास ने बताया कि पत्नी के कमरे से उमंग और उसकी तस्वीरों के साथ कंडोम, स्टेमिना बढ़ाने के कैप्सूल, स्पर्म लगी रूई और प्रेग्नेंसी चेक करने वाली किट मिली है। 3 फरवरी 2026 को जब वह हैदराबाद से अचानक घर आया तो पत्नी के हाव-भाव से उसे शक हो गया था। 206 पन्ने की चैट मिली को शक विश्वास में बदल गया। जब और गहरी छानबीन की और पत्नी की अलमीरा खोलकर देखी तो वह हैरान रह गया। विकास ने कहा कि ये सब देखने के बाद एक पति कैसे बर्दाश्त कर सकता था। उसने सतपाल कौर से परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर लव मैरिज की थी। उसे प्यार में धोखा मिला। PHOTO शेयर कर बयां की प्यार में धोखे की कहानी पति की थाने में दी कंप्लेंट में क्या… *********** इस मामले से जुड़ी ये 3 खबरें भी पढ़ें… 1. जालंधर में महिला की टॉयलेट क्लीनर पिलाकर हत्या:पति-सास ने हार्पिक पिलाया, फिर अस्पताल में छोड़कर भागे; आखिरी VIDEO सामने आया 2. जालंधर में लेक्चरर की हत्या करने वाले पति-सास गिरफ्तार:उज्जैन में छुपे थे, बेटी भी रिकवर; गर्लफ्रेंड का पति बोला- 15 दिन से थी प्लानिंग 3. जालंधर लेक्चरर हत्याकांड,पति की गर्लफ्रेंड से 206 पन्नों की चैट:बेबी-शोना, सीक्रेट मीटिंग की बातें, खुद के हसबैंड के कत्ल की भी प्लानिंग
लॉरेंस का घर पूछा तो झिझका दुकानदार:बुजुर्ग बोले- 110 किल्ले जमीन, 3-4 कोठियां, लैंडलॉर्ड का बेटा; चंडीगढ़ जाकर गलत संगत में पड़ा
पंजाब के अबोहर का दुतारांवाली गांव। बाहर गांव का बोर्ड, अंदर जाती सड़क के दोनों तरफ खेत। कहीं बैलगाड़ी गुजर रही है तो कहीं पेड़ के नीचे ताश खेलते बुजुर्ग। यही गैंगस्टर लॉरेंस का गांव है। लॉरेंस इस वक्त अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद है और कई गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी है। गांव में पहुंचते ही लॉरेंस का घर पूछा तो किराना दुकानदार थोड़ा झिझका, फिर रास्ता बता दिया। आगे मंदिर के पास मिले बुजुर्गों से बात हुई तो जुर्म की चर्चा से पहले लॉरेंस के बचपन की बातें सामने आईं- क्रिकेट, स्कूल और गांव का खेल का मैदान। ग्रामीणों के मुताबिक, लॉरेंस के परिवार के पास करीब 110 किल्ले जमीन और 3-4 कोठियां हैं। एक ग्रामीण ने कहा, 'उसे फिरौती मांगने की जरूरत नहीं थी।' ग्रामीणों के मुताबिक, आखिरी बार लॉरेंस को 10-12 साल पहले गांव में देखा गया था। तब से वह सिर्फ मीडिया में ही नजर आता है। वहीं, ग्राउंड में खेल रहे बच्चों ने लॉरेंस के बारे में कैमरे पर बात करने से इनकार कर दिया। घर पूछने पर दुकानदार झिझका, फिर मंदिर का रास्ता बताया गांव में लॉरेंस का घर और उसके दादा की याद में बना मंदिर तलाशने के लिए टीम ने एक किराना की दुकान पर रुककर रास्ता पूछा। दुकानदार पहले थोड़ा झिझका, लेकिन बाद में मंदिर की तरफ जाने का रास्ता बता दिया। आगे बढ़ने पर मंदिर के पास पेड़ के नीचे कुछ बुजुर्ग ताश खेलते मिले। टीम ने अपना परिचय दिया तो उन्होंने बातचीत शुरू की। दादा की याद में मंदिर, यहीं मिले गांव के बुजुर्ग दुतारांवाली में लॉरेंस के दादा की याद में मंदिर बना हुआ है। इसी मंदिर के पास मिले बुजुर्गों से बातचीत में लॉरेंस के बचपन की बातें सामने आईं। बुजुर्गों ने बताया कि बचपन में लॉरेंस खेलकूद में आगे रहता था। उसे क्रिकेट का शौक था। क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए घर से पैसे लाता था गांव निवासी अशोक कुमार ने लॉरेंस के बचपन को याद करते हुए कहा कि वह खेलकूद में ज्यादा ध्यान देता था। अशोक के मुताबिक, लॉरेंस गांव में क्रिकेट टूर्नामेंट करवाने के लिए अपने घर से पैसे लगाता था। लॉरेंस हमारे गांव में बहुत अच्छा लड़का था। लॉरेंस नशे के खिलाफ रहता था और नशा करने वाले युवाओं को रोकता-समझाता था 5वीं तक साथ पढ़े, तब कोई गैंग या ग्रुप नहीं था लॉरेंस के साथ पांचवीं कक्षा तक पढ़े दर्शी राज ने भी उसके बचपन की बातें बताईं। उन्होंने कहा कि उस समय लॉरेंस खेलकूद में रहता था और बच्चों को खेलवाने के लिए अपने घर से पैसे लगाता था। दर्शी राज ने बताया कि वह खुद मध्यम परिवार से हैं। उनके मुताबिक, लॉरेंस ने उन्हें भी अपनी तरफ से खेलवाने के लिए पैसे दिए थे। उन्होंने कहा कि लॉरेंस पढ़ाई में भी अच्छा था और स्कूल के शिक्षकों के साथ उसका रिश्ता पिता-पुत्र जैसा था। बचपन में उसका कोई गैंग या ग्रुप नहीं था। वह खेल की भावना में रहता था। परिवार के पास 110 किले जमीन, 3-4 कोठियां बातचीत में लॉरेंस के परिवार की संपत्ति का भी जिक्र आया। ग्रामीणों के मुताबिक, परिवार के पास करीब 110 किले जमीन और 3-4 कोठियां हैं। उसके पिता खेती से जुड़े रहे हैं। गांव निवासी कृष्ण कुमार ने कहा कि परिवार आर्थिक रूप से संपन्न है। उन्होंने कहा कि जब परिवार के पास अपनी जमीन-जायदाद है तो लॉरेंस को किसी से रंगदारी मांगने की जरूरत नहीं थी। उन्होंने गांव में जरूरतमंद परिवारों की मदद और लड़कियों की शादी में पैसे देने की बात भी कही। कृष्ण कुमार ने कहा कि लॉरेंस के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी थी। उनका कहना है कि परिवार के पास अपनी जमीन थी, इसलिए लॉरेंस को किसी से रंगदारी मांगने की जरूरत नहीं थी। कृष्ण कुमार के मुताबिक, लॉरेंस पढ़ाई में अच्छा था। चंडीगढ़ जाने के बाद उसकी जिंदगी बदल गई। उन्होंने कहा- लॉरेंस ईमानदार लड़का था और अच्छी पढ़ाई कर रहा था। चंडीगढ़ गया और वहां किसी गलत संगत में पड़ गया। इसके बाद उसकी जिंदगी बदलती चली गई। आखिरी बार करीब 10-12 साल पहले देखा गांव निवासी शालू के मुताबिक, उन्होंने लॉरेंस को करीब 10-12 साल पहले आखिरी बार देखा था। शालू ने बताया कि उस समय लॉरेंस क्रिकेट खेलने के लिए ग्राउंड की तरफ जा रहा था। मंदिर के पास मुलाकात हुई तो उन्होंने लॉरेंस से हाथ भी मिलाया था। इसके बाद वह गांव नहीं आया। बच्चे ग्राउंड में खेलते मिले, लेकिन लॉरेंस पर बात नहीं की गांव के ग्राउंड में बच्चे खेलते मिले। टीम ने उनसे लॉरेंस के बारे में बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कैमरे पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया। उन्होंने ऐसा क्यों किया, इसकी वजह उन्होंने नहीं बताई। चंडीगढ़ से साबरमती जेल तक: लॉरेंस की कहानी ****************** ये खबर भी पढ़ें… लॉरेंस के भाई बोले- गैंगस्टर इमेज से फैमिली परेशान:सलमान खान ने माफी को मुद्दा बनाया; डाकू-आतंकियों जैसे सुधरने का मौका मिले सलमान खान मुकाम धाम आकर माफी मांग ले तो बिश्नोई समाज और लॉरेंस उसे माफ कर देंगे,लेकिन न जाने उसके दिमाग में क्या बैठा है, माफी को इश्यू बना दिया, काले हिरण के शिकार केस में फंसे बॉलीवुड एक्टर के लिए ये कहना है लॉरेंस के चचेरे भाई रमेश बिश्नोई का। अमेरिकी जांच एजेंसी FBI इन्वेस्टिगेशन के लिए लॉरेंस को अमेरिका ले जाने की बात कह चुकी है। इसको लेकर लॉरेंस के पारिवारिक सदस्य ने दैनिक भास्कर से एक्सक्लूसिव बातचीत की। रमेश बिश्नोई ने कहा कि लॉरेंस हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है तो वहां से नेटवर्क कैसे चला रहा, अमेरिकी जांच एजेंसी का दावा हिंदुस्तान के खिलाफ साजिश है (पढ़ें पूरी खबर)
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