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फूल, गुब्बारे और 'LOVE YOU' बोर्ड..: ट्रेन में दिखा अनोखा नजारा, जानिए वायरल वीडियो की पूरी कहानी

क्या आपने कभी चलती ट्रेन के अंदर किसी होटल के हनीमून सूट जैसी सजावट देखी है? सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में फर्स्ट एसी ट्रेन कूपे को फूलों, गुब्बारों, फेयरी लाइट्स और गुलाब की पंखुड़ियों से इस तरह सजाया गया कि लोग देखते ही रह गए। वीडियो सामने आते ही इंटरनेट पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई और कई यूजर्स ने इसे 'पहियों पर हनीमून' का नाम दे दिया।

क्या वाकई हनीमून के लिए सजाया गया था?

वीडियो में दिखाई दे रही सजावट को देखकर अधिकांश सोशल मीडिया यूजर्स इसे नवविवाहित जोड़े का हनीमून कूपे बता रहे हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह भी संभव है कि सजावट किसी सालगिरह, जन्मदिन या खास अवसर के लिए की गई हो।

किस ट्रेन का है वीडियो?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किए गए वीडियो के साथ कुछ यूजर्स ने दावा किया कि यह सजावट राजधानी एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कूपे की है। लेकिन, वायरल क्लिप में ट्रेन का नाम, नंबर या रूट साफ दिखाई नहीं देता। ऐसे में यह दावा नहीं किया जा सकता कि यह किस ट्रेन का फर्स्ट एसी कूपे है। 

भारतीय रेलवे या आईआरसीटीसी की ओर से भी इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो किस ट्रेन का है और सजावट किस अवसर पर की गई थी।

रेलवे नियम जानिए: क्या ट्रेन के AC कूपे को ऐसे सजाया जा सकता है?

वायरल वीडियो देखने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या ट्रेन के फर्स्ट AC कूपे को फूलों, गुब्बारों और रोमांटिक थीम से सजाना रेलवे नियमों के खिलाफ है?

जवाब है- जरूरी नहीं।

दरअसल, फर्स्ट AC कूपे भारतीय रेलवे का सबसे प्राइवेट ट्रैवल स्पेस माना जाता है। इसमें आमतौर पर दो बर्थ वाला बंद केबिन मिलता है, जो यात्रियों के लिए रिजर्व रहता है। ऐसे में कई यात्री जन्मदिन, सालगिरह या खास मौकों पर अपने कूपे को अपनी पसंद के अनुसार सजाते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, यदि सजावट से सुरक्षा नियमों का उल्लंघन नहीं होता और रेलवे संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचता, तो रेलवे आमतौर पर इसमें हस्तक्षेप नहीं करता।

हालांकि, ज्वलनशील सामग्री, खुली आग, धुआं पैदा करने वाली वस्तुएं या ऐसी सजावट जिससे अन्य यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित हो, परेशानी का कारण बन सकती हैं।

क्या याद रखें?

  • फूल, गुब्बारे और हल्की सजावट आमतौर पर विवाद का विषय नहीं बनती।
  • फर्स्ट AC कूपे यात्री के निजी उपयोग के लिए आरक्षित होता है।
  • रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाना नियमों के खिलाफ है।
  • खुली मोमबत्ती या आग जैसी चीजें सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकती हैं।

यही वजह है कि वायरल वीडियो में दिख रही सजावट को देखकर लोग हैरान जरूर हैं, लेकिन रेलवे नियमों के हिसाब से यह पूरी तरह असंभव या प्रतिबंधित नहीं माना जाता।

फैक्ट्स 

क्या First AC Coupe को सजाया जा सकता है?
हां, यदि सुरक्षा और रेलवे संपत्ति को नुकसान न पहुंचे।

क्या रेलवे खुद ऐसी सजावट कराता है?
नहीं, वायरल वीडियो में ऐसा कोई आधिकारिक दावा नहीं है।

क्या यह नियमों का उल्लंघन है?
सामान्य सजावट नहीं, लेकिन सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है।

क्या मोमबत्तियां इस्तेमाल करना सही है?
सुरक्षा के लिहाज से इस पर सवाल उठ सकते हैं।

Fact Check

सवाल    स्थिति
क्या यह हनीमून के लिए सजाया गया था?  आधिकारिक पुष्टि नहीं
क्या यह राजधानी एक्सप्रेस है? सोशल मीडिया दावा, पुष्टि नहीं
ट्रेन नंबर/रूट पता चला? नहीं
रेलवे का आधिकारिक बयान? नहीं
वीडियो असली है?  वीडियो वास्तविक दिख रहा है, लेकिन संदर्भ अपुष्ट

First AC Coupe क्यों है खास?

  • केवल 2 बर्थ वाला प्राइवेट केबिन
  • अंदर से लॉक होने वाला दरवाजा
  • ज्यादा प्राइवेसी
  • लंबी दूरी की यात्रा के लिए प्रीमियम विकल्प
  • नवविवाहित जोड़ों और परिवारों की पहली पसंद

सोशल मीडिया पर यूजर्स के मजेदार कमेंट्स

  •  "भाई ने ट्रेन को होटल से भी आगे निकाल दिया"
  •  "इसे ही कहते हैं Honeymoon Express"
  • "IRCTC का नया प्रीमियम पैकेज आ गया क्या?"
  •  "अब तो ट्रेन में भी बॉलीवुड वाला रोमांस मिलेगा"
  •  "सजावट शानदार है, लेकिन बाद में सफाई कौन करेगा?"
  • "मोमबत्ती देखकर TTE भी डर गया होगा"
  • "जिसने भी सजाया है, दिल जीत लिया"
  • "ट्रेन कम, चलती-फिरती वेडिंग सूट ज्यादा लग रही है"

कुछ यूजर्स ने इसे 'Honeymoon on Wheels' बताया।
कई लोगों ने सजावट की तारीफ की और कहा कि यह किसी फिल्मी सीन जैसा लग रहा है।
कुछ लोगों ने रेलवे सुरक्षा नियमों और सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल भी उठाए।

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Special Train: तिरुपति, अरुणाचलम और श्रीरंगम के लिए नई साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन शुरू, जानें पूरा शेड्यूल

Tirupati Arunachalam Srirangam special train: दक्षिण भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा अब पहले से ज्यादा आसान हो गई है। साउथ सेंट्रल रेलवे ने चर्लपल्ली और तिरुचिरापल्ली के बीच नई साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन शुरू की है। इस ट्रेन के जरिए यात्री एक ही सफर में तिरुपति, अरुणाचलम (तिरुवन्नामलाई) और श्रीरंगम जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के दर्शन कर सकेंगे।

7 जुलाई से शुरू हुई नई स्पेशल ट्रेन
साउथ सेंट्रल रेलवे के अनुसार, चर्लपल्ली से तिरुचिरापल्ली के लिए यह साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 7 जुलाई से शुरू हो गई है। वहीं, तिरुचिरापल्ली से चर्लपल्ली की वापसी सेवा 8 जुलाई से शुरू होगी। इस नई ट्रेन से खासकर तीर्थयात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

हर हफ्ते चलेगी ट्रेन

हर हफ्ते चलेगी ट्रेन 

यह स्पेशल ट्रेन नियमित साप्ताहिक सेवा के रूप में चलाई जाएगी। चर्लपल्ली से तिरुचिरापल्ली के लिए ट्रेन हर मंगलवार चलेगी। जबकि तिरुचिरापल्ली से चर्लपल्ली के लिए वापसी ट्रेन हर बुधवार रवाना होगी।

ट्रेन में होंगे 22 कोच
यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन में कुल 22 कोच लगाए गए हैं। इनमें

  • 3 सेकंड एसी कोच
  • 5 थर्ड एसी कोच
  • 10 स्लीपर कोच
  • 4 जनरल सेकंड क्लास कोच शामिल हैं।


जानें पूरा टाइम टेबल

ट्रेन नंबर 17077 (चर्लपल्ली–तिरुचिरापल्ली) 
यह ट्रेन हर मंगलवार शाम 5:20 बजे चर्लपल्ली से रवाना होगी। अगले दिन सुबह 8:50 बजे तिरुपति, दोपहर 1:20 बजे तिरुवन्नामलाई (अरुणाचलम), शाम 4:30 बजे श्रीरंगम पहुंचेगी और शाम 6:45 बजे तिरुचिरापल्ली में अपनी यात्रा पूरी करेगी।

ट्रेन नंबर 17078 (तिरुचिरापल्ली–चर्लपल्ली)
वापसी में यह ट्रेन हर बुधवार रात 9:30 बजे तिरुचिरापल्ली से रवाना होगी। इसके बाद रात 9:52 बजे श्रीरंगम, रात 1:28 बजे तिरुवन्नामलाई, अगले दिन सुबह 7:05 बजे तिरुपति पहुंचेगी और रात 10:20 बजे चर्लपल्ली पहुंचेगी।

तीर्थयात्रियों को होगा बड़ा फायदा

तीर्थयात्रियों को होगा बड़ा फायदा

हैदराबाद से तिरुपति के लिए पहले से कई सीधी ट्रेनें उपलब्ध हैं, लेकिन अरुणाचल के लिए सीधी रेल सेवा सीमित थी। नई साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन शुरू होने से अब यात्रियों को ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक ही सफर में तिरुपति, अरुणाचलम और श्रीरंगम की यात्रा करना आसान हो जाएगा। इससे समय की बचत होगी और यात्रा भी अधिक सुविधाजनक बनेगी।

नई साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन दक्षिण भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए पहले से अधिक आसान और सुविधाजनक बनाएगी। 

यह भी पढ़ें: अमिताभ बच्चन के ट्वीट पर क्यों भड़के यूज़र्स? फ्रांस की FIFA वर्ल्ड कप 2026 टीम को लेकर छिड़ी बहस

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