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MoTN survey: आज चुनाव होने पर NDA को मिलेंगी कितनी सीटें? विजय को लेकर क्या चौंकाने वाला दावा सामने आया

'मूड ऑफ़ द नेशन' (MOTN) के ताज़ा सर्वे के मुताबिक, अगर आज लोकसभा चुनाव हों तो BJP के नेतृत्व वाला NDA सत्ता में बना रह सकता है, लेकिन उसकी लोकप्रियता में कुछ कमी के संकेत दिख रहे हैं। अपने 12वें साल में चल रहे NDA के लिए आज चुनाव होने पर 326 सीटें जीतने का अनुमान है - यह जनवरी में हुए पिछले MOTN सर्वे के 352 सीटों के अनुमान से 26 सीटें कम है। भले ही यह 2024 के चुनाव प्रचार से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के '400 पार' वाले नारे से काफी दूर हो, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि NDA पर वोटरों का भरोसा कायम है, जबकि 2029 से पहले उसे 'जेन Z' (Gen Z) फैक्टर से निपटने की चुनौती का सामना करना है।

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नतीजतन, जनवरी के MOTN सर्वे की तुलना में INDIA गठबंधन की सीटों की संख्या में कोई खास बढ़ोतरी होने की संभावना नहीं है। जहाँ ताज़ा पोल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन के लिए 185 सीटों का अनुमान लगाया गया है, वहीं जनवरी 2026 के सर्वे में 182 सीटों का अनुमान था। यह 2024 में INDIA गठबंधन द्वारा जीती गई 234 सीटों की तुलना में भारी गिरावट है - जो 2014 के बाद से विपक्ष द्वारा NDA को चुनौती देने का सबसे करीबी मौका था।  'मूड ऑफ़ द नेशन' (MOTN) एक साल में दो बार होने वाला सर्वे है, जिसे इंडिया टुडे ग्रुप पिछले लगभग दो दशकों से करवा रहा है। अगस्त 2026 का सर्वे CVoter ने किया था, जिसमें 1 जुलाई से 25 अगस्त के बीच 25,184 लोगों का सीधा सर्वे किया गया। अगस्त 2026 के MOTN के नतीजे तैयार करने के लिए CVoter की रेगुलर ट्रैकिंग के तहत पिछले छह महीनों में किए गए 91,795 इंटरव्यू का भी इस्तेमाल किया गया।

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MOTN के मुताबिक: BJP को नुकसान, कांग्रेस को बड़ा फ़ायदा

पार्टी-वार आंकड़ों से एक दिलचस्प बात सामने आती है। अगस्त 2026 के MOTN सर्वे के अनुसार, अगर आज चुनाव हों तो BJP को 261 सीटें मिल सकती हैं। सिर्फ़ छह महीने पहले, सर्वे में 287 सीटों का अनुमान लगाया गया था - जो बहुमत के जादुई आंकड़े 272 से काफ़ी ज़्यादा था। फिर भी, यह अनुमान 2024 के चुनावों में मिली 240 सीटों से काफ़ी ज़्यादा है। हालांकि, इससे BJP के समर्थन में थोड़ी कमी का संकेत मिलता है। हाल ही में, परीक्षा के पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों को लेकर पार्टी को 'जेन ज़ी' (Gen Z) की नाराज़गी का सामना करना पड़ा है। जुलाई में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के लगातार विरोध-प्रदर्शन के कारण आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा - जो मोदी के दौर में एक दुर्लभ घटना थी। दूसरी ओर, कांग्रेस के लिए आंकड़े उम्मीद जगाने वाले हैं, क्योंकि राहुल गांधी ने BJP को घेरने के लिए एक नई रणनीति अपनाई है। ताज़ा पोल के अनुसार, पार्टी के 106 सीटें जीतने की उम्मीद है - जो जनवरी के अनुमान में बताई गई 80 सीटों से काफ़ी ज़्यादा है। यह अनुमान अगस्त 2025 के अनुमान में बताई गई 97 सीटों से भी ज़्यादा है। यह अनुमान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस की सक्रियता और चर्चा में रहने की क्षमता काफ़ी बढ़ी है। पार्टी ने महिलाओं के आरक्षण से लेकर 20 जुलाई को छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई जैसे अहम मुद्दों को ज़ोर-शोर से उठाया है।

पीएम पद के लिए अब भी जनता की पहली पसंद मोदी 

सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि राष्ट्रीय राजनीति में प्रधानमंत्री मोदी की पकड़ अभी भी मजबूत है। वहीं राहुल गांधी विपक्ष के सबसे प्रमुख चेहरे के तौर पर अपनी जगह बनाए हुए हैं। प्रधानमंत्री पद की पसंद में तीसरे नंबर का नाम खासा चर्चा में है। दरअसल, तीसरे नंबर पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का नाम सामने आया है। 



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President Murmu ने IFS Officers को दिया 'राष्ट्रहित सर्वोपरि' का मंत्र, जनसेवा पर जोर

(फोटो के साथ) नयी दिल्ली, 27 अगस्त राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के नवनियुक्त अधिकारियों को ‘राष्ट्रहित सर्वोपरि’ का मंत्र देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि दुनिया के साथ भारत का जुड़ाव हमेशा देश के लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए। आईएफएस के प्रशिक्षु अधिकारियों के एक समूह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति दुनिया के साथ देश के जुड़ाव के लिए नयी संभावनाएं पैदा कर रही है। उन्होंने राजनयिकों को निवेश, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में उभरते अवसरों के प्रति सतर्क रहने तथा ऐसी साझेदारियां विकसित करने की सलाह दी, जो भारत के राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाएं।

मुर्मू ने कहा कि कूटनीति को भारत की समृद्धि में सीधे योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया के साथ भारत का जुड़ाव हमेशा देश के लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए -‘राष्ट्रहित सर्वोपरि’। राष्ट्रपति ने कहा कि यह भारतीय विदेश सेवा के अधिकारियों के पेशेवर जीवन का स्थायी सिद्धांत होना चाहिए।

राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, मुर्मू ने कहा कि राजनयिकों को अपने संपर्कों को केवल सरकारी कार्यालयों और आधिकारिक बैठकों तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उन्हें विश्वविद्यालयों, कारोबार जगत, शोधकर्ताओं, नवोन्मेषकों, सांस्कृतिक संस्थानों, नागरिक समाज और स्थानीय समुदायों तक भी पहुंच बनानी चाहिए। उन्होंने प्रवासी भारतीय समुदाय के साथ सार्थक संपर्क कायम करने की सलाह दी, खासकर प्रवासी समुदाय के युवाओं को भारत से जुड़े रहने और देश की विकास यात्रा में योगदान देने के अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित करने पर बल दिया।

कूटनीति के स्वरूप में तेजी से हो रहे बदलाव का उल्लेख करते हुए मुर्मू ने कहा कि प्रौद्योगिकी देशों के संवाद करने, कारोबार के संचालन और नागरिकों के सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंचने के तरीके को बदल रही है। उन्होंने कहा कि विदेशों में स्थित भारत के मिशनों को भी इस बदलाव के साथ कदमताल करनी होगी। मुर्मू ने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल बेहतर शासन और गहरे जुड़ाव के साधन के रूप में किया जाना चाहिए, लेकिन इसे कभी भी मानवीय संवेदना का स्थान नहीं लेना चाहिए।’’ राष्ट्रपति ने राजनयिकों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि जरूरत के समय भारतीय मिशन हमेशा देश के नागरिकों के लिए सुलभ और उपलब्ध रहें।

उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में बड़े पैमाने पर चलाए गए निकासी और मानवीय अभियानों के दौरान प्रदर्शित परंपरा को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। मुर्मू ने कहा, ‘‘मदद मांगने वाले प्रत्येक भारतीय को महसूस होना चाहिए कि उनका मिशन सुलभ, संवेदनशील और भरोसेमंद है।’’ मुर्मू ने कहा कि भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी न केवल हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता वाले देश का प्रतिनिधित्व करते हैं, बल्कि वे एक युवा, गतिशील और आकांक्षी भारत का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने कहा कि शांति, बहुलवाद, संवाद, सह-अस्तित्व और विविधता के प्रति सम्मान भारत की सभ्यतागत सोच ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ में गहराई से निहित हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि तेजी से अनिश्चित और जटिल होती दुनिया में राजनयिकों को चुस्त, जिज्ञासु और लगातार सीखने के लिए तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘सबसे बढ़कर, उन्हें विनम्रता बनाए रखनी चाहिए।’’ मुर्मू ने युवा प्रशिक्षु अधिकारियों से विदेश यात्रा के दौरान हमेशा यह याद रखने का आग्रह किया कि वे केवल भारत सरकार का ही नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों और उनकी उम्मीदों तथा आकांक्षाओं का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। मुर्मू ने अधिकारियों को ईमानदारी, सत्यनिष्ठा और पेशेवर आचरण के उच्चतम मानदंड बनाए रखने की सलाह दी।

भारतीय विदेश सेवा के 2025 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों और भूटान के दो राजनयिकों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की। ये सभी यहां सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान में वर्तमान में प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं।

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IND vs SL: पडिक्कल या सुथार नहीं, 30 साल के इस स्टार को मिला 'इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द सीरीज' मेडल

prasidh krishna impact player of the series: तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा को श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए 'इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द सीरीज' मेडल दिया गया. भारतीय क्रिकेट टीम के परफॉर्मेंस एनालिस्ट हरी प्रसाद मोहन ने प्रसिद्ध को यह मेडल पहनाया. प्रसिद्ध ने सीरीज में 7 विकेट अपने नाम किए. उन्होंने कई अहम मौकों पर टीम को सफलताएं दिलाईं. Fri, 28 Aug 2026 17:46:28 +0530

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