Responsive Scrollable Menu

नेपाल में आम के एक पेड़ ने कैसे बचाई बिवेक की जान? पढ़िए बाढ़ से बचे 24 साल के मजदूर की आपबीती

Nepal floods: नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बाढ़ देश में काफी तबाही मचाई है. अभी तक करीब 350 से ज्यादा लोगों के शव बरामद हो चुके हैं. वहीं नेपाल, भारत समेत कई देशों के सैकड़ों नागरिक अभी तक गुम हैं. सरकार युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है. इसी बीच एक मजदूर बिवेक के बचने की मार्मिक कहानी सामने आई है. 

नेपाल में आई भीषण बाढ़ की भयावहता की एक और कहानी सामने आई है. 24 वर्षीय मजदूर बिबेक कुमाल बाढ़ के तेज बहाव में बह गए थे. पानी, कीचड़ और चट्टानों के बीच बहते हुए वह एक आम के पेड़ में फंस गए, जिसकी वजह से उनकी जान बच सकी. 

द काठमांडू पोस्ट के अनुसार, कुमाल बुधवार को बिदुर इलाके में एक नए बने घर के बाहर करीब 5 फीट गहरा शौचालय का गड्ढा खोद रहे थे. उनके चार साथी गड्ढे के ऊपर खड़े थे. इसी दौरान उन्हें अचानक तेज आवाज सुनाई दी. साथियों ने उन्हें तुरंत बाहर निकलकर भागने को कहा. कुमाल जैसे ही गड्ढे से बाहर निकले, तभी पानी, कीचड़ और चट्टानों का तेज बहाव उनकी तरफ आ गया। उनके साथी भाग चुके थे, लेकिन कुमाल इसकी चपेट में आ गए. 

यह भी पढ़ें: Nepal Flood Live Updates: नेपाल में मृतकों का आंकड़ा बढ़ा, शाम 4.55 बजे तक 332 की मौत

 

दूर तक बहाया, फिर पेड़ में फंसे

कुमाल ने काठमांडू के राष्ट्रीय ट्रॉमा सेंटर में बताया कि पानी की एक दीवार भूकंप जैसी आवाज के साथ मेरी तरफ आई और मुझे बहाकर ले गई. तेज बहाव उन्हें काफी दूर तक बहाकर ले गया. इसी दौरान वह एक आम के पेड़ में फंस गए. कुमाल ने कहा कि अगर वहां आम का पेड़ नहीं होता तो मैं बहकर मर जाता. बाद में पुलिस ने उन्हें पेड़ से सुरक्षित बाहर निकाला. पानी और एक बड़े पत्थर की चपेट में आने से उनके दाहिने पैर में चोट आई है.

देखते ही देखते गायब हो गया घर

कुमाल ने बताया कि पेड़ से चिपके रहने के दौरान उन्होंने उस घर को अपनी आंखों के सामने गायब होते देखा, जहां वह काम कर रहे थे. बाढ़ के तेज बहाव में मिट्टी और चट्टानों का बड़ा हिस्सा नदी में आ गया था, जिससे आसपास के इलाके में भारी तबाही मची.

अभी तक 350 लोगों की मौत

नेपाल में आई इस बाढ़ में कम से कम 350 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं. इनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. अधिकारियों के मुताबिक 114 से ज्यादा लोगों को बचाया जा चुका है और उनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है.

 

कुमाल के साथ अस्पताल में 11 वर्षीय रिहाना लामिछाने का भी इलाज चल रहा है. रिहाना ने बताया कि वह स्कूल में थी, तभी बाढ़ के कारण स्कूल बंद कर दिया गया. घर लौटते समय जब वह नदी पार कर रही थी, तभी अचानक पानी का बहाव तेज हो गया. रिहाना के सीने और पैर में चोट आई है. उसने कहा कि वह सुरक्षित है, इससे उसे खुशी है, लेकिन उसे अपने दोस्तों के बारे में पता नहीं है. उसकी मां रीटा ने बताया कि बेटी के बाढ़ में फंसने की खबर मिलने के बाद वह तुरंत उसे ढूंढने के लिए निकल पड़ीं। बेटी को सुरक्षित देखकर उन्हें बड़ी राहत मिली.

नेपाल में हर साल मानसून के दौरान बाढ़ और भूस्खलन से भारी नुकसान होता है. पहाड़ी इलाकों में बसे होने के कारण देश भूस्खलन और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से भी बेहद संवेदनशील है.

यह भी पढ़ें: नेपाल में फिर मचेगी तबाही! चीन ने दी नई चेतावनी, अब ये झील बनेगी 'काल'

 

Continue reading on the app

एंडोकॉन 2026 : दिल्ली में 28 से 30 अगस्त तक एसजीईआई के 26वें राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। आर्यावर्त अस्पताल की तरफ से सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी ऑफ इंडिया (एसजीईआई) का 26वां राष्ट्रीय सम्मेलन एंडोकॉन 2026 28 से 30 अगस्त तक नई दिल्ली के अंदाज एयरोसिटी में आयोजित किया जा रहा है।

श्रेया मेडिकेयर प्राइवेट लिमिटेड की इकाई आर्यावर्त अस्पताल एक बहु-विशेषज्ञता अस्पताल है। आर्यवर्त नैदानिक ​​उत्कृष्टता, उन्नत चिकित्सा पद्धतियों, प्रौद्योगिकी और निरंतर व्यावसायिक विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए व्यापक, रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

अस्पताल की एमडी मृदुला शर्मा ने बताया कि एसजीईआई का 26वां राष्ट्रीय सम्मेलन, एंडोकॉन 2026, आर्यवर्त अस्पताल द्वारा सम्मेलन के आयोजन अध्यक्ष डॉ. मलय शर्मा के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है।

तीन दिवसीय सम्मेलन में 1,200 से अधिक प्रतिनिधियों और स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों के एक साथ आने की उम्मीद है, जिसमें 45 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय संकाय और लगभग 500 राष्ट्रीय संकाय के साथ-साथ भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रमुख गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, एंडोस्कोपिस्ट, सर्जन, चिकित्सक और संबद्ध स्वास्थ्य सेवा पेशेवर भाग लेंगे।

यह सम्मेलन गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी में नवीनतम विकास पर अकादमिक आदान-प्रदान, नैदानिक ​​शिक्षा, ज्ञान साझाकरण और चर्चा के लिए एक मंच प्रदान करेगा। एंडोकॉन 2026 का एक प्रमुख घटक प्रस्तुतियों का आयोजन होगा।

आर्यवर्त अस्पताल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी पर विशेष ध्यान देता है, जिसमें उन्नत एंडोस्कोपी सुविधाएं और नैदानिक ​​शिक्षा, प्रशिक्षण और ज्ञान साझा करने की प्रतिबद्धता है।

सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी ऑफ इंडिया (एसजीईआई) एक पेशेवर संगठन है, जो शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और पेशेवर सहयोग के माध्यम से भारत में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। एसजीईआई गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, एंडोस्कोपिस्ट और संबद्ध स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों को एक साथ लाता है और एंडोस्कोपी तकनीशियनों और नर्सों सहित संपूर्ण एंडोस्कोपी टीम में कौशल और ज्ञान के विकास को बढ़ावा देता है।

--आईएएनएस

एमएस/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

  Sports

10 में से 10 अंक... 8 गेंदबाज भी श्रीलंका को नहीं कर सके ऑलआउट, फिर भी कप्तान ने खिलाड़ियों की थपथपाई पीठ

Shubman gill 10 out of 10: श्रीलंका के खिलाफ दूसरा टेस्ट मैच ड्रॉ होने पर भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने निराशा जताई, लेकिन खिलाड़ियों के प्रयास और इरादे को '10 में से 10' अंक दिए. पांचवें दिन सोनल दिनुशा की नाबाद 133 रन की पारी ने भारत को जीत से रोक दिया. गिल ने मोहम्मद सिराज की फिटनेस पर सफाई देते हुए प्रसिद्ध कृष्णा के प्रदर्शन की सराहना की. उन्होंने विश्वास जताया कि टीम न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी सीरीज जीतकर डब्ल्यूटीसी फाइनल में जगह पक्की करेगी. Thu, 27 Aug 2026 21:14:06 +0530

  Videos
See all

Mohan Bhagwat के कार्यक्रम पर इमरान मसूद का बयान | #breakingnews #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-27T16:14:17+00:00

Aar Paar With Amish Devgan: हिंदुत्व की शान, ममदानी परेशान ! | #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-27T16:12:51+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers