एंडोकॉन 2026 : दिल्ली में 28 से 30 अगस्त तक एसजीईआई के 26वें राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन
नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। आर्यावर्त अस्पताल की तरफ से सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी ऑफ इंडिया (एसजीईआई) का 26वां राष्ट्रीय सम्मेलन एंडोकॉन 2026 28 से 30 अगस्त तक नई दिल्ली के अंदाज एयरोसिटी में आयोजित किया जा रहा है।
श्रेया मेडिकेयर प्राइवेट लिमिटेड की इकाई आर्यावर्त अस्पताल एक बहु-विशेषज्ञता अस्पताल है। आर्यवर्त नैदानिक उत्कृष्टता, उन्नत चिकित्सा पद्धतियों, प्रौद्योगिकी और निरंतर व्यावसायिक विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए व्यापक, रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
अस्पताल की एमडी मृदुला शर्मा ने बताया कि एसजीईआई का 26वां राष्ट्रीय सम्मेलन, एंडोकॉन 2026, आर्यवर्त अस्पताल द्वारा सम्मेलन के आयोजन अध्यक्ष डॉ. मलय शर्मा के नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है।
तीन दिवसीय सम्मेलन में 1,200 से अधिक प्रतिनिधियों और स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों के एक साथ आने की उम्मीद है, जिसमें 45 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय संकाय और लगभग 500 राष्ट्रीय संकाय के साथ-साथ भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रमुख गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, एंडोस्कोपिस्ट, सर्जन, चिकित्सक और संबद्ध स्वास्थ्य सेवा पेशेवर भाग लेंगे।
यह सम्मेलन गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी में नवीनतम विकास पर अकादमिक आदान-प्रदान, नैदानिक शिक्षा, ज्ञान साझाकरण और चर्चा के लिए एक मंच प्रदान करेगा। एंडोकॉन 2026 का एक प्रमुख घटक प्रस्तुतियों का आयोजन होगा।
आर्यवर्त अस्पताल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी पर विशेष ध्यान देता है, जिसमें उन्नत एंडोस्कोपी सुविधाएं और नैदानिक शिक्षा, प्रशिक्षण और ज्ञान साझा करने की प्रतिबद्धता है।
सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी ऑफ इंडिया (एसजीईआई) एक पेशेवर संगठन है, जो शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और पेशेवर सहयोग के माध्यम से भारत में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। एसजीईआई गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, एंडोस्कोपिस्ट और संबद्ध स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों को एक साथ लाता है और एंडोस्कोपी तकनीशियनों और नर्सों सहित संपूर्ण एंडोस्कोपी टीम में कौशल और ज्ञान के विकास को बढ़ावा देता है।
--आईएएनएस
एमएस/एबीएम
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नेपाल बाढ़ में पत्नी संग फंसे परिणीता एक्टर खराज मुखर्जी:शूटिंग के लिए गए थे, बंगाली एक्ट्रेस भी फंसी; एक्टर अंकुर रतन बाल-बाल बचे
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद अब तक 332 शव बरामद किए जा चुके हैं। बॉलीवुड फिल्म परिणीता और कहानी में नजर आ चुके पॉपुलर बंगाली एक्टर खराज मुखर्जी और उनकी पत्नी प्रतिभा मुखर्जी भी नेपाल बाढ़ में फंसे हैं। वह एक फिल्म की शूटिंग के लिए नेपाल गए थे। खराज मुखर्जी लगातार परिवार के संपर्क में थे, फिर बाढ़ के बाद अचानक उनका नंबर बंद हो गया। उनके साथ शूटिंग यूनिट के कई और साथी भी थे। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में एक्टर के परिवार के सदस्य के अनुसार लिखा गया है, खराज और उनकी पत्नी अब सुरक्षित हैं, हालांकि आसपास की स्थिति बिगड़ी हुई है। वह नेपाल से नहीं निकल पा रहे हैं। खराज के साथ एक्टर रजताभ दत्ता भी फंसे हुए हैं। काठमांडू में मौजूदा हालात के कारण उनका ग्रुप वहां से उड़ान नहीं भर सका। अब उनकी योजना सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर पहुंचने की है। इसके बाद वे गोरखपुर से कोलकाता के लिए फ्लाइट लेंगे। कौन हैं खराज मुखर्जी? बंगाली एक्ट्रेस भी बाढ़ में फंसी नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बीच बांग्लादेशी अभिनेत्री अपु बिस्वास फंस गई हैं। वह एक फिल्म की शूटिंग के लिए नेपाल में थीं। उन्होंने बताया कि वह फिलहाल पोखरा में सुरक्षित हैं और ढाका लौटने की तैयारी कर रही हैं। एक्टर अंकुर रतन बाढ़ से बाल-बाल बचे एक्टर अंकुर रतन नेपाल की बाढ़ से बाल-बाल बचने के बाद भी यकीन नहीं कर पा रहे हैं। कई वेब सीरीज और ‘माई’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके रतन बुधवार को आई बाढ़ से एक दिन पहले नेपाल के रसुवा जिले में थे। बुधवार को यहां आई भयानक बाढ़ में कई लोगों की मौत हुई, जबकि 500 से ज्यादा लोग लापता हैं। अंकुर रतन 22 अगस्त को काठमांडू पहुंचे थे। वे महाराष्ट्र के रजिस्टर्ड क्लब SAAD माउंटेनियर्स के ग्रुप के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर हैं। उनके साथ उनकी पत्नी शिल्पा सुचक और उनकी कजिन सोनाली कपाड़िया भी यात्रा पर हैं। रतन ने कहा कि वे तीनों बाढ़ वाली जगह से 12 से 16 घंटे पहले वहां से गुजर चुके थे। अंकुर रतन ने गुरुवार को द इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “हम सभी कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर बहुत उत्साहित थे। सिर्फ एक दिन पहले मेरी पत्नी, एक कजिन और मैं वहां तस्वीरें ले रहे थे।” SAAD माउंटेनियर्स के संस्थापक सदस्य राजन देशमुख ने कहा, “सिर्फ 18 घंटे पहले हम इसी जगह पर थे। क्या नसीब है अपना।” SAAD ग्रुप के सदस्य पुणे के एडवोकेट सुरेंद्र दातार और सोनल दातार ने भी कहा कि वे इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि हादसे से सिर्फ 7 से 8 घंटे पहले वे उसी जगह पर थे। 332 शव बरामद, कई लोगों से संपर्क टूटा नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ के बाद अब तक 332 शव बरामद किए जा चुके हैं। सबसे ज्यादा 121 शव चितवन जिले से बरामद हुए हैं। बड़ी संख्या में डेड-बॉडी मिलने से उन्हें सुरक्षित रखने के लिए जगह कम पड़ रही है। चितवन की मॉर्चुरी (शवगृह) में सिर्फ 50 डेड-बॉडी रखने की सुविधा है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव और लापता लोगों की तलाश जारी है। करीब 1,500 लोगों की तलाश की जा रही है। भारत के 288 नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 73 भारतीय भी शामिल हैं। बाढ़ में फंसे 21 भारतीयों को बचाया गया है, जिनमें से 11 की पहचान हो चुकी है। नेपाल में सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।
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