Nepal Flood में Britain देगा 50 लाख पाउंड की आर्थिक मदद, बचावकर्मियों की भी पेशकश की
अदिति खन्ना लंदन, 27 अगस्त ब्रिटेन ने नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मची तबाही के बाद बृहस्पतिवार को 50 लाख पाउंड की सहायता और आपातकालीन बचावकर्मियों की मदद की पेशकश की। इस बाढ़ में सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है और 1,000 से अधिक लोग लापता हैं, जिनमें करीब 33 ब्रिटिश नागरिक भी शामिल हैं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने क्षेत्र से सामने आ रहे हालात को ‘‘बेहद भयावह’’ बताया और संकट में फंसे ब्रिटिश नागरिकों से स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि ब्रिटेन ने तत्काल कार्रवाई के तहत प्रभावित क्षेत्र में वाणिज्य दूतावास संबंधी सहायता कर्मियों को तैनात किया है, ताकि ब्रिटिश नागरिकों को चौबीसों घंटे सहायता उपलब्ध कराई जा सके। बर्नहम ने साउथ वेल्स के दौरे के दौरान संवाददाताओं से कहा, ‘‘नेपाल में जो कुछ हुआ है, उसकी जो तस्वीर सामने आ रही है, वह बेहद भयावह है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘क्षेत्र में आपातकालीन बचावकर्मियों को भेजने की पेशकश की गई है, लेकिन यह फैसला नेपाल सरकार को करना है। इसके अलावा, हमने राहत और बचाव प्रयासों में मदद के लिए 50 लाख पाउंड की सहायता की भी पेशकश की है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘फिलहाल कई ब्रिटिश नागरिकों के लापता होने की आशंका है।
ऐसी बेहद दुखद और भयावह स्थिति में हम उनके परिवारों को हरसंभव सहायता मुहैया कराएंगे।’’ ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास कार्यालय (एफसीडीओ) ने कहा कि वह नेपाल सरकार के अनुरोध के बाद मानवीय सहायता मुहैया कराने की दिशा में काम कर रहा है। नेपाल सरकार ने भोजन, आश्रय और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मदद मांगी है। ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने कहा, ‘‘मैंने बृहस्पतिवार सुबह नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल से बात की और वहां आई आपदा पर ब्रिटेन की एकजुटता और गहरी संवेदना व्यक्त की।
UK Citizenship हासिल करने में भारतीय सबसे आगे, ब्रिटेन में स्थायी निवास में भी 51% उछाल
अदिति खन्ना लंदन, 27 अगस्त ब्रिटेन में बसने और नागरिकता पाने के इच्छुक लोगों में भारतीय नागरिकों की संख्या सबसे अधिक रही। बृहस्पतिवार को जारी गृह कार्यालय के आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है। ब्रिटेन में स्थायी रूप से बसने के अधिकार से जुड़े नियमों के तहत, वर्तमान में वैध वीजा वाले लोगों को पांच साल बाद यह अधिकार मिल जाता है।
लेकिन गृह मंत्री शबाना महमूद के प्रस्तावों के तहत इस अवधि को इस वर्ष के अंत से बढ़ाकर दोगुना करने का प्रस्ताव है। पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान जारी किए गए आव्रजन संबंधी नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि अनिश्चितकालीन निवास अनुमति (आईएलआर) के आवेदन मंजूर होने में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसे स्थायी निवास के रूप में भी जाना जाता है, जिससे आगे चलकर ब्रिटिश नागरिकता के लिए आवेदन करने का रास्ता भी खुलता है।
गृह कार्यालय ने कहा, ‘‘जून 2026 को समाप्त हुए वर्ष में, भारतीय नागरिकों को स्थायी निवास की अनुमति दिए जाने के मामले में वे सबसे बड़ा राष्ट्रीयता समूह बने रहे। इस दौरान 35,384 भारतीय नागरिकों को स्थायी निवास की अनुमति मिली, जो पिछले वर्ष की तुलना में 51 प्रतिशत अधिक है।’’ इसने कहा, ‘‘यह मुख्य रूप से उन भारतीय नागरिकों की बढ़ती संख्या को दर्शाता है, जो हाल के वर्षों में रोजगार के माध्यम से ब्रिटेन आए थे और अब स्थायी निवास के लिए आवश्यक लगातार निवास की निर्धारित अवधि पूरी कर चुके हैं।’’ आंकड़ों के अनुसार 2025 से 2026 की अवधि में ब्रिटिश नागरिकता प्राप्त करने वालों में भारतीय नागरिक 24,851 के साथ सबसे बड़ा राष्ट्रीयता समूह रहे, जबकि पाकिस्तानी नागरिक 18,489 के साथ दूसरे स्थान पर रहे। इस सप्ताह जारी आंकड़ों में शामिल अन्य प्रवासन श्रेणियों में भी भारतीय नागरिकों को सबसे अधिक ‘विजिटर वीजा’ जारी किए गए, जिनकी संख्या 5,14,398 रही।
यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में नौ प्रतिशत कम है। जून 2026 को समाप्त हुए वर्ष में भारतीय छात्रों को दिए गए छात्र वीजा की संख्या में लगातार जारी गिरावट को भी दर्शाता है। इस अवधि में 82,523 वीजा मंजूर किए गए, जो पिछले एक वर्ष की तुलना में 16 प्रतिशत कम है।
भारतीय नागरिक दूसरे स्थान पर रहे, क्योंकि पिछले एक वर्ष में चीनी नागरिकों को 86,368 छात्र वीजा जारी किए गए और वे पहले स्थान पर रहे।
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