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Meta ने US में 18 अरब डॉलर के समझौते से निपटाया मुकदमा, सुरक्षा नियम बदलेंगे

मेटा और अमेरिका के कई राज्यों के बीच बुधवार को घोषित समझौते से कंपनी के खिलाफ चल रही सबसे बड़ी कानूनी लड़ाइयों में से एक खत्म हो गई। हालांकि, सोशल मीडिया कंपनी को अभी भी युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर उसके उत्पादों के प्रभाव को लेकर अन्य जगहों पर मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है। इस समझौते के चलते कैलिफोर्निया के ओकलैंड की संघीय अदालत में चल रहा एक महत्वपूर्ण मुकदमा बीच में ही खत्म हो गया।

इस मामले में इंस्टाग्राम और फेसबुक की मूल कंपनी मेटा पर आरोप लगाया गया था कि उसने जानबूझकर ऐसे फीचर तैयार किए, जिनसे बच्चे इन मंचों के आदी हो जाते हैं। समझौते के तहत मेटा को 18 अरब अमेरिकी डॉलर तक का भुगतान करना होगा और बच्चों की सुरक्षा के लिए नए प्रावधानों सहित अपने मंचों के संचालन के तरीके में बदलाव करने होंगे। यह उन कई मुकदमों में से एक है, जिनमें मेटा, टिकटॉक, स्नैपचैट और यूट्यूब को अमेरिका भर की अदालतों में आरोपों का सामना करना पड़ रहा है कि उनके मंचों ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाया या उन्हें अन्य तरह से प्रभावित किया।

ओकलैंड में मुकदमा छह सप्ताह तक चलने की उम्मीद थी, लेकिन दूसरे सप्ताह में समझौते की घोषणा हुई। इसमें ऐसे गवाहों की गवाही होनी थी, जिनमें मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग भी शामिल हो सकते थे। इस मामले में कैलिफोर्निया, कोलोराडो, केंटुकी और न्यू जर्सी वादी थे।

ये उन दर्जनों राज्यों में शामिल थे, जिन्होंने तीन साल पहले मेटा के मंचों की डिजाइन और उससे बच्चों को हुए कथित नुकसान को लेकर मुकदमा दायर किया था। अन्य 25 राज्यों में बाद में मुकदमे चलने की उम्मीद थी, लेकिन समझौते के कारण वे मामले भी आगे नहीं बढ़ेंगे। न्यू मैक्सिको उन 48 राज्यों में शामिल नहीं था, जिन्होंने समझौता किया, क्योंकि वह पहले ही मेटा के खिलाफ मुकदमा जीत चुका था।

राज्य ने आरोप लगाया था कि कंपनी ने जानबूझकर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाया और अपने मंचों पर बच्चों के यौन शोषण के बारे में उसे जो जानकारी थी, उसे छिपाया। मार्च में जूरी ने राज्य के पक्ष में फैसला सुनाते हुए हजारों उल्लंघन पाए। अगस्त की शुरुआत में न्यायाधीश ने मुकदमे के दूसरे चरण में मेटा को अपने मंचों से युवाओं को हुए नुकसान के लिए अतिरिक्त 56.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर का भुगतान करने का आदेश दिया।

समझौते में शामिल नहीं होने वाला दूसरा राज्य फ्लोरिडा है। वहां के अटॉर्नी जनरल ने कहा कि समझौता मेटा के लिए पर्याप्त कड़ा नहीं था। अमेरिका में सैकड़ों स्कूल जिलों ने प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ मुकदमे दायर किए हैं।

वे सोशल मीडिया की लत से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को हुए नुकसान से निपटने में आई लागत की भरपाई की मांग कर रहे हैं। कुछ मुकदमे उन बच्चों और युवाओं के परिवारों ने दायर किए हैं, जिनकी सोशल मीडिया के समस्याग्रस्त इस्तेमाल के बाद आत्महत्या से जान गई। कुछ अन्य मामले ऐसे परिवारों ने दायर किए हैं, जिनके बच्चों की मौत सोशल मीडिया मंचों के जरिए उपलब्ध कराई गई नशीली दवाओं की आकस्मिक अधिक मात्रा से हुई।

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Gaza Ceasefire पर अमेरिकी दूत Nikolay Mladenov ने इजराइली हमलों की आलोचना की

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा में युद्धविराम योजना के प्रभारी अधिकारी ने बुधवार को युद्ध से तबाह फलस्तीन के गाजा पट्टी में इजराइल के हमलों की आलोचना की और चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी प्रस्ताव को स्वीकार कर लागू नहीं किया गया, तो इसका विकल्प एक और युद्ध होगा। ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के उच्च प्रतिनिधि निकोलय म्लादेनोव ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहा कि ट्रंप की 20 सूत्री योजना अटकी नहीं है, बल्कि ‘‘बातचीत की मेज से आगे बढ़कर योजना को अमल में लाने की तैयारी के चरण में पहुंच गई है।’’ उन्होंने कहा कि चरमपंथी संगठन हमास प्रस्ताव के प्रमुख प्रावधानों के तहत हथियार छोड़ने और गाजा का नियंत्रण नागरिक प्रशासन को सौंपने पर सहमत हो गया है। लेकिन पिछले अक्टूबर के युद्धविराम के बाद से इजराइल के लगातार हमलों में अब भी फलस्तीनियों की मौत हो रही है, हालांकि पहले की तुलना में संख्या काफी कम है।

उन्होंने कहा कि गाजा के लोग यह महसूस नहीं कर पा रहे हैं कि संघर्ष समाप्त होने वाला है। हमास को हथियार छोड़ने के लिए मनाने संबंधी हाल में हुए अमेरिकी समझौते को युद्ध समाप्त करने की दिशा में संभावित बड़ी सफलता के रूप में देखा गया था। यह युद्ध सात अक्टूबर 2023 को दक्षिणी इजराइल में हमास के घातक हमलों के बाद शुरू हुआ था।

लेकिन इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि जब तक हमास अपने सभी हथियार नहीं सौंप देता, तब तक उनकी सेना गाजा में मौजूदा मोर्चों से पीछे नहीं हटेगी। म्लादेनोव ने कहा कि पिछले सप्ताह उन्होंने नेतन्याहू और ट्रंप के दामाद एवं सलाहकार जारेड कुशनर के साथ एक बैठक में हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा, ‘‘हमने उनकी सरकार की चिंताओं पर एक-एक करके चर्चा की और उन मुद्दों पर बातचीत की, जिन पर अभी तकनीकी स्तर पर काम करने की जरूरत है।’ इजराइल की संयुक्त राष्ट्र में उप राजदूत नोआ फुरमैन ने सुरक्षा परिषद में अपने देश की ट्रंप की योजना के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।

हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक हमास हथियारबंद है, तब तक यह योजना सफल नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि इजराइल हमास को निरस्त्र करने के लिए अमेरिका के साथ करीबी सहयोग कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने कहा कि ट्रंप की योजना को लेकर उठाई गई चिंताओं का समाधान किया जा रहा है और हमास के निरस्त्रीकरण का आकलन उसके कार्यों के आधार पर किया जाएगा।

म्लादेनोव ने मतभेदों को दूर करने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत पर जोर दिया।

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  Sports

Javagal Srinath का युवा खिलाड़ियों को बड़ा मंत्र: 15 साल खेलना है तो Test Cricket खेलो!

पूर्व भारतीय क्रिकेटर जवागल श्रीनाथ ने युवा खिलाड़ियों को एक अहम सलाह दी। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अगर वे खेल में लंबा करियर बनाना चाहते हैं, तो उन्हें टेस्ट क्रिकेट को ज़्यादा गंभीरता से लेना चाहिए। श्रीनाथ गुरुवार को इंदौर में मध्य प्रदेश क्रिकेट अवार्ड्स (MPCA) के मौके पर मीडिया से बात कर रहे थे। मीडिया से बात करते हुए श्रीनाथ ने टेस्ट क्रिकेट को सभी तरह के क्रिकेट की जननी बताया और युवाओं को इस फ़ॉर्मेट को ज़्यादा गंभीरता से लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी लंबे फ़ॉर्मेट में खेल सकता है, उसके लिए T20 खेलना आसान होता है।
 

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श्रीनाथ ने कहा कि IPL ज़रूरी है, लेकिन क्रिकेट में गहराई की भी ज़रूरत होती है, जो टेस्ट क्रिकेट में मिलती है। टेस्ट क्रिकेट पांच दिन का फ़ॉर्मेट है, इसीलिए इसे 'सभी तरह के क्रिकेट की जननी' कहा जाता है। जो खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट खेलता है, उसके लिए T20 खेलना आसान हो सकता है, लेकिन जो सिर्फ़ T20 खेलता है, उसके लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना उतना आसान नहीं होता। टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान दें, जो खेल का लंबा फ़ॉर्मेट है। इसके साथ-साथ आप T20 भी खेल सकते हैं।

श्रीनाथ ने यह भी कहा कि युवाओं का IPL से जुड़े पैसे और ग्लैमर की वजह से उसकी ओर आकर्षित होना स्वाभाविक है, लेकिन अगर कोई खिलाड़ी 15 साल तक लगातार खेलना चाहता है, तो उसे टेस्ट क्रिकेट खेलना होगा क्योंकि T20 में उन्हें रोटेशन का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि IPL की ओर आकर्षित होना स्वाभाविक है। इसमें काफी ग्लैमर और चकाचौंध होती है। माता-पिता, राज्य संघों और कोचों को अपने बच्चों को उनके क्रिकेट करियर के बारे में सही सलाह देनी चाहिए। अगर आप इसे 15 साल तक अपना पेशा बनाना चाहते हैं, तो आपको टेस्ट मैच खेलने होंगे। T20 में खिलाड़ियों को बहुत जल्दी रोटेट किया जाता है।
 

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श्रीनाथ ने 1991 से 2002 के बीच भारत के लिए 67 टेस्ट मैच खेले। उन्होंने 30.49 की औसत से 236 विकेट लिए, जिसमें 10 बार एक पारी में पांच विकेट और एक बार मैच में दस विकेट लेने का कारनामा शामिल है। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 86 रन देकर 8 विकेट लेना रहा। वे टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले 10वें गेंदबाज हैं।
 
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Thu, 27 Aug 2026 13:32:00 +0530

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