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Kerala Police ने Aluva Jail से भागे कैदी की तलाश तेज की, Aadhaar लेने पहुंचा था थाने

केरल पुलिस ने असम के रहने वाले उस व्यक्ति की तलाश तेज कर दी है, जो अलुवा उप कारागार से फरार होने के बाद अपना आधार कार्ड लेने के लिए पेरुंबवूर थाने पहुंच गया था। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। असम के धेमाजी निवासी 28 वर्षीय मधुर ज्या सोनोवाल 24 अगस्त को अलुवा जेल से फरार हो गया था।

सोनोवाल को पिछले सप्ताह मोबाइल फोन चोरी के मामले में एडथला पुलिस ने पेरुंबवूर पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया था और उसे अलुवा उप कारागार में रखा गया था। जेल अधिकारियों द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में संदेह जताया गया है कि सोनोवाल ने जेल परिसर के भीतर निर्माणाधीन इमारत पर चढ़कर वहां से ऊंची चारदीवारी को पार कर छलांग लगा दी और फरार हो गया। दिलचस्प बात यह है कि जेल से भागने के बाद सोनोवाल सबसे पहले पेरुंबवूर पुलिस थाने पहुंचा और अपना आधार कार्ड वापस मांगा।

अधिकारियों ने बताया, ‘‘रिसेप्शन पर मौजूद पुलिसकर्मी उसे पहचान नहीं सके। उसने अपना आधार कार्ड वापस करने का अनुरोध किया। हालांकि, एडथला पुलिस को उसे गिरफ्तार करने में मदद करने वाले अधिकारियों को देखते ही वह वहां से भाग गया।’’ पुलिस ने पेरुंबवूर इलाके में उसकी तलाश तेज कर दी है।

अधिकारियों ने बताया कि लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया गया है और सभी थानों को उसकी जानकारी दे दी गई है। पुलिस ने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को भी उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सूचित किया गया है, ताकि अगर वह ट्रेन से राज्य से बाहर जाने की कोशिश करे तो उसे पकड़ा जा सके। अधिकारियों ने कहा कि असम पुलिस को भी जेल से फरार होने की घटना की जानकारी दी जाएगी और अगर सोनोवाल अपने पैतृक स्थान पहुंचता है तो वहां की पुलिस को भी सतर्क किया जाएगा।

जेल विभाग ने उन सुरक्षा चूकों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है, जिनकी वजह से कैदी जेल से फरार हुआ।

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संसद के एक और सत्र की हलचल! संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू बोले- 'सत्रावसान नहीं हुआ, सरकार जब चाहे बुला सकती है बैठक'

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद की एक और बैठक बुलाए जाने की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मॉनसून सत्र का औपचारिक सत्रावसान (prorogued) नहीं हुआ है, केवल अनिश्चित काल के लिए स्थगन (adjourned sine die) हुआ है। ऐसे में तकनीकी और संवैधानिक परंपराओं के तहत सरकार राष्ट्रपति से अनुरोध कर सदन की बैठक दोबारा बुला सकती है। 'इंडिया टुडे' को दिए एक साक्षात्कार में विशेष सत्र या अतिरिक्त बैठक से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि संसद का सत्र बुलाना पूरी तरह से सरकार का अधिकार क्षेत्र है।

'इंडिया टुडे' की मैनेजिंग एडिटर प्रीति चौधरी के साथ एक इंटरव्यू में, रिजिजू से पूछा गया कि क्या सरकार कोई और बैठक या विशेष सत्र बुला सकती है। उन्होंने सीधा जवाब देने से इनकार कर दिया, लेकिन संसदीय परंपराओं की ओर इशारा किया जिनके तहत सदन की बैठक फिर से हो सकती है। उन्होंने कहा, "यह सरकार पर निर्भर करता है। जब भी संसद को बुलाना होता है, तो सरकार ही फैसला करती है और राष्ट्रपति से सत्र बुलाने का अनुरोध करती है। जब सदन का सत्रावसान नहीं हुआ होता है, तो सत्र बुलाया जा सकता है।"

हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या इसका मतलब यह है कि कोई विशेष सत्र हो सकता है, तो उन्होंने कहा, "नहीं, मैं इसका जवाब नहीं दूंगा।" जब चौधरी ने कहा कि उनकी बातों का मतलब यह निकाला जा सकता है कि एक और बैठक की संभावना खुली है, तो रिजिजू ने जवाब दिया, "आप इसे दोनों तरह से समझ सकती हैं।" उन्होंने बिना विस्तार से बताए कहा, "संसदीय कार्य मंत्री के तौर पर, मैं हमेशा लोगों की जांच-परख और निगरानी के लिए तैयार रहता हूं, और फिर जब समय आएगा..." खास तौर पर यह पूछे जाने पर कि क्या संसद का कोई और सत्र हो सकता है, रिजिजू ने कहा, "हम कोई नई बात नहीं कर रहे हैं।"

अरुणाचल के सांसद ने अपनी बात को पुख्ता करने के लिए संसदीय इतिहास का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि 1952 के बाद से ऐसे "कई मौके" आए हैं जब संसद को अनिश्चित काल के लिए स्थगित (adjourned sine die) तो किया गया, लेकिन सत्रावसान नहीं किया गया, और उसके बाद सत्र को फिर से बुलाया गया। उन्होंने कहा, "इस इंटरव्यू के बाद मैं आपको सूची दे दूंगा।"
 

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रिजिजू की ये बातें ऐसे समय में सामने आई हैं जब मॉनसून सत्र को सत्रावसान किए बिना अनिश्चित काल के लिए स्थगित किए जाने के बाद सरकार के अगले कदम को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। दोनों सदनों को 13 अगस्त को स्थगित कर दिया गया था, लेकिन कई दिन बाद भी सत्र को औपचारिक रूप से बंद नहीं किया गया था।

इस वजह से विपक्ष ने सवाल उठाए हैं कि क्या सरकार मौजूदा सत्र का इस्तेमाल परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) और महिला आरक्षण संशोधन विधेयक (Women’s Reservation Amendment Bill) को वापस लाने के लिए कर सकती है। 131वें संविधान संशोधन के तहत महिला आरक्षण बिल के साथ पेश किया गया परिसीमन बिल, अप्रैल में हुए तीन दिन के विशेष सत्र के दौरान लोकसभा में पास होने के लिए ज़रूरी दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका।
 

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हालांकि, रिजिजू ने इस बात की पुष्टि नहीं की कि सरकार किसी और बैठक या विशेष सत्र की योजना बना रही है; उन्होंने कहा कि संसद बुलाने का फ़ैसला सरकार का होता है।
 
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  Sports

Indian bowlers हुए बेअसर, Dinusha के शतक ने 2-0 का सपना तोड़ा, फिर भी Series भारत के नाम

कोलंबो में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में सोनल दिनुशा भारत और श्रीलंका के बीच निर्णायक साबित हुए। उन्होंने 264 गेंदों पर नाबाद 133 रन की पारी खेलकर अपनी टीम को कड़े मुकाबले के बाद ड्रॉ दिलाने में मदद की। पहली पारी में 213 रनों की बड़ी बढ़त हासिल करने के बाद, भारत को उम्मीद थी कि वे आखिरी दिन 2-0 से सीरीज़ जीत लेंगे। लेकिन दिनुशा ने एक बार फिर शानदार और दृढ़ खेल दिखाते हुए मेजबान टीम को रोके रखा। उन्होंने श्रीलंका की कुल बढ़त को 216 तक पहुँचाया, जिसके बाद मेजबान टीम ने पारी घोषित कर दी और दोनों टीमों ने हाथ मिलाए।
 

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जब दोनों टीमें पॉइंट्स बांटने पर सहमत हुईं, तब श्रीलंका का स्कोर 429/9 था। भारत ने पिछले हफ़्ते गाले में खेले गए पहले टेस्ट में शानदार जीत के साथ दो मैचों की सीरीज़ 1-0 से अपने नाम कर ली थी। दिनुशा का यह शतक सीरीज़ में उनका तीसरा शतक था। उन्होंने इस टेस्ट की पहली पारी में 103 रन बनाए थे और गाले में खेले गए सीरीज़ के पहले मैच में अपना पहला शतक लगाया था। 229/6 के स्कोर से आगे खेलते हुए, दिनुशा और केशरा नुवान्था ने पांचवें दिन की पिच पर भारतीय गेंदबाज़ों को परेशान किया। इस जोड़ी ने सातवें विकेट के लिए 112 रन जोड़े, जिसमें नुवान्था ने 46 रन का योगदान दिया। चौथे दिन फ़ॉलो-ऑन के लिए मजबूर होने के बाद श्रीलंका ने इस तरह से संघर्ष किया।

भारत के मानव सुथार सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ रहे; उन्होंने 41 ओवर में 121 रन देकर 3 विकेट लिए, जबकि रवींद्र जडेजा ने 38.3 ओवर में 94 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। पहली पारी के बाद भारत की मज़बूत स्थिति के बावजूद, श्रीलंका ने दूसरी पारी में डटकर मुकाबला किया, जिससे दूसरा टेस्ट ड्रॉ पर खत्म हुआ और सीरीज़ बराबरी पर छूटी। श्रीलंका ने दिन की शुरुआत छह विकेट पर 229 रन और महज 16 रन की बढ़त के साथ की थी। भारतीय टीम को उम्मीद थी कि वे श्रीलंका के बाकी बल्लेबाजों को जल्द समेट देंगे लेकिन दिनुशा और नुवांता मेहमान टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। दोनों ने सुबह के सत्र में 100 रन जोड़े और भारतीय गेंदबाजों को सफलता से महरूम रखा।

भारतीय गेंदबाजों को एक बार फिर निचले क्रम के बल्लेबाजों के खिलाफ विकेट चटकाने के लिए जूझना पड़ा। तेज गेंदबाजों ने शॉर्ट गेंद और लेग साइड पर गेंदबाजी की रणनीति अपनाने की कोशिश की लेकिन वे पूरे सत्र में बेअसर ही नजर आए। स्पिनरों मानव सुथार, सारांश जैन और रविंद्र जडेजा को कुछ मौकों पर टर्न और उछाल मिला लेकिन वे श्रीलंका की पारी को समेटने में नाकाम रहे। श्रीलंका की पहली पारी में 290 रन के दौरान भी उसके अंतिम तीन विकेटों ने मिलकर 45 ओवर बल्लेबाजी की थी और 117 रन जोड़े थे। पहली पारी में 103 रन बनाने वाले दिनुशा मौजूदा श्रृंखला में भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द साबित हुए। उन्होंने चार पारियों में तीन शतक और एक अर्धशतक जड़कर भारतीय गेंदबाजों को काफी परेशान किया। उन्होंने पहले टेस्ट में भी 100 और 84 रन बनाए थे। पच्चीस वर्षीय दिनुशा ने जडेजा की गेंद पर एक रन के साथ 99 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। 
 

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हालांकि लंच के बाद सत्र की शुरुआत में सुथार ने नुवांता का विकेट निकालकर यह साझेदारी तोड़ी। सुथार की गेंद ने नुवांता के बल्ले का किनारा लिया और स्लिप में ध्रुव जुरेल ने कैच लपक लिया। जडेजा ने इसके बाद प्रभात जयसूर्या (02) को भी स्लिप में जुरेल के हाथों कैच कराया। लेकिन इसके बाद भारतीय टीम को लाहिरू कुमारा के रूप में एक और जुझारू श्रीलंकाई बल्लेबाज का सामना करना पड़ा। दिनुशा और कुमारा ने 28 से अधिक ओवरों तक भारतीय गेंदबाजों को सफलता हासिल नहीं करने दी। जडेजा ने अंतत: कुमारा को शॉर्ट लेग पर यशस्वी जायसवाल के हाथों कैच कराके इस साझेदारी को तोड़ा। दिनुशा ने इससे पहले अंतिम सत्र की मोहम्मद सिराज की पहली ही गेंद को मिडविकेट पर दो रन के लिए खेलकर 196 गेंद में मौजूदा श्रृंखला का अपना तीसरा शतक पूरा किया। कप्तान गिल ने अंतिम विकेट की तलाश में स्वयं गेंदबाजी करने के अलावा जायसवाल और जुरेल को भी गेंद सौंपी लेकिन सफलता नहीं मिली।
 
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Thu, 27 Aug 2026 18:35:00 +0530

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