बॉलीवुड एक्ट्रेस नेहा धूपिया आज यानी की 27 अगस्त को अपना 47वां जन्मदिन मना रहे हैं। एक्ट्रेस ने मॉडलिंग से अपने करियर की शुरूआत की और फिर बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई। नेहा धूपिया ने मिस इंडिया का खिताब अपने नाम किया था। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर एक्ट्रेस नेहा धूपिया के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
जन्म और परिवार
केरल के एक आर्मी परिवार में 27 अगस्त 1980 को नेहा धूपिया का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम प्रदीप सिंह था, जोकि भारतीय नौसेना में एक अधिकारी थे। उनकी मां मनीपिंदर धूपिता एक हाउसवाइफ हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा दिल्ली के नेवल पब्लिक स्कूल से पूरी की। फिर आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी के जीसस एंड मैरी कॉलेज से हिस्ट्री में ग्रेजुएशन पूरा किया।
मॉडलिंग से की थी शुरूआत
नेहा धूपिया ने मॉडलिंग से अपने करियर की शुरूआत की थी। साल 2002 में एक्ट्रेस ने फेमिना मिस इंडिया का खिताब अपने नाम किया और पूरे देश में अपनी पहचान बनाई थी। फिर साल 2002 में ही नेहा ने 'मिस यूनिवर्स' कॉन्टेस्ट में पार्टिसिपेट किया था। इस कॉन्टेस्ट में अभिनेत्री ने भारत को रिप्रजेंट किया था। लेकिन इस खिताब को वह अपने नाम नहीं कर पाईं।
फिल्मी सफर
इसके बाद भी नेहा धूपिया ने देश के साथ-साथ दुनिया में भी अपनी पहचान बना ली थी। मॉडलिंग में छाने के बाद नेहा धूपिया ने फिल्मों की दुनिया में एंट्री करने का फैसला किया। साल 2003 में नेहा ने तेलुगु फिल्म 'निन्ने इस्तापद्दनु' से कदम रखा। इसके फौरन बाद नेहा ने हिंदी फिल्मों का रुख किया। इसी साल नेहा धूपिया की बॉलीवुड फिल्म 'कयामत: सिटी अंडर थ्रेट' आई। इस फिल्म में एक्ट्रेस ने लीड रोल निभाया था।
इस फिल्म के कारण नेहा को बेस्ट डेब्यू एक्ट्रेस के फिल्मफेयर अवॉर्ड में नॉमिनेशन मिला था। इस फिल्म ने अभिनेत्री को बॉलीवुड में अपनी पहचान बना ली थी। इंडस्ट्री में पहचान बनाने के बाद अभिनेत्री ने एक से बढ़कर एक फिल्मों में काम कर ऑडिशन को एंटरटेन किया। हालांकि मॉडल से अभिनेत्री बनने के सफर में नेहा को कई रिजेक्शन फेस करने पड़े थे।
रिजेक्शन के बाद उन्होंने बॉलीवुड में कई ऐसी फिल्में दी हैं, जिसके बाद वह आज के समय में इंडस्ट्री का जाना-माना नाम बन गईं। अभिनेत्री ने 'रामा रामा क्या है ड्रामा', 'क्या कूल हैं हम', 'सिंह इज किंग', 'चुप चुप के', 'दे ताली', 'हिंदी माध्यम', 'तुम्हारी सुलु', 'दे दना दन' और 'ए थर्सडे' जैसी फिल्मों में काम किया है। वह फिल्मों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती हैं।
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उत्तर प्रदेश के शामली में बुधवार शाम उस समय सनसनी फैल गई जब मशहूर हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान (35) की जिम के बाहर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर निर्मम हत्या कर दी। हमलावरों ने उन पर करीब 20 राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें से एक गोली उनके सिर में भी लगी। घटना के तुरंत बाद अंकित की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना उनके ही एक हिट गाने—'भारी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान'—की याद दिलाती है, जो गन कल्चर और हिंसा पर आधारित था।
पूरा मामला
35 साल के सिंगर, जो अपने हिट गाने 'भारी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान' के लिए जाने जाते थे, शाम करीब 7 बजे जिम से निकल रहे थे, तभी हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी। हमलावरों के भागने से पहले ही उनकी मौत हो गई। हत्या के पीछे की वजह का अभी पता नहीं चल पाया है। गोगी गैंग ने बालियान की हत्या की ज़िम्मेदारी ली है। गैंग का दावा है कि सिंगर उनके दुश्मनों के संपर्क में था और उसने गैंग से जुड़ी एक घटना पर गाना भी बनाया था।
गैंग से जुड़े बताए जा रहे भोलू शाहपुरिया के इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट में लिखा था, "यह तो बस शुरुआत है, सबकी बारी आएगी।" गैंग ने उत्तर प्रदेश पुलिस को भी धमकी दी और चेतावनी दी कि बालियान की हत्या जैसी और भी घटनाएं हो सकती हैं।
पुलिस ने बताया कि बालियान अपना वर्कआउट खत्म करके जिम से करीब 20-25 मीटर दूर अपनी कार के पास पहुंचे थे, तभी हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि फायरिंग में तीन से चार अज्ञात लोग शामिल थे। इस हत्या ने एक अजीब सी स्थिति पैदा कर दी क्योंकि बालियान के हिट गाने 'भारी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान' में हिंसा का ज़िक्र था।
शामली के बंटीखेड़ा गांव के रहने वाले बालियान पिछले कुछ सालों से हरियाणा के रोहतक और सोनीपत में रहकर सिंगिंग और एक्टिंग में अपना करियर बना रहे थे। वह नियमित रूप से शामली के जिम में जाते थे और बताया जाता है कि करीब एक साल से वहां जा रहे थे। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें पुरानी रंजिश और आगामी पंचायत चुनावों से संभावित संबंध शामिल हैं।
इस हत्या के बाद बालियान के परिवार वालों और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए उनके शव को सड़क पर रखकर दिल्ली-मुजफ्फरनगर रोड जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक आरोपी पकड़े नहीं जाते, वे वहां से नहीं हटेंगे और गिरफ्तारी के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बालियान के गानों का महत्व
बालियान की डिजिटल मौजूदगी मुख्य रूप से स्थानीय हरियाणवी पॉप म्यूज़िक वीडियो, दबंग अंदाज़ और पॉडकास्ट पर केंद्रित थी। उनके म्यूज़िक कंटेंट में क्षेत्रीय गर्व, "देसी" एटीट्यूड, ग्रामीण जीवन की कठोरता और कानून-व्यवस्था से जुड़े हाई-एनर्जी वाले विषय प्रमुखता से शामिल थे – जो गन कल्चर, स्थानीय राजनीति और युवाओं की बहादुरी पर आधारित उनके हिट गानों में साफ झलकता था।
एक क्रिएटर के तौर पर, उन्होंने मुख्य कलाकार और प्रोड्यूसर दोनों की भूमिका निभाई और अक्सर मासूम शर्मा, राजू पंजाबी और आशु ट्विंकल जैसे मशहूर हरियाणवी प्लेबैक कलाकारों के साथ काम किया। म्यूज़िक के अलावा, उन्होंने पॉलिटिकल पॉडकास्ट और ग्राउंड-लेवल व्लॉगिंग में भी हाथ आजमाया, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश और हरियाणा के स्थानीय नेताओं और समुदाय के प्रमुख लोगों के इंटरव्यू लिए।
बालियान '112 NE', 'गोली के बारूद', 'जाट जाटनी', 'अगला जनम जाट', 'संविधान', 'मोदी बरगा रुतबा', 'जाट धर्मेंद्र की तरिया', 'एक खटोला जेल के भीतर', 'वेट', 'सिस्टम', 'राइफलें' जैसे गानों के लिए भी जाने जाते थे। लेकिन उनकी मौत के बाद 'भारी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान' गाना एक दुखद संदर्भ बन गया – यह गाना बंदूक हिंसा के बारे में था और तब और भी परेशान करने वाला बन गया जब खुद बालियान को जिम के बाहर गोलियों से भून दिया गया।
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