Responsive Scrollable Menu

लॉरेंस के भाई बोले- सलमान ने माफी को इश्यू बनाया:हाई सिक्योरिटी जेल से नेटवर्क कैसे चल सकता है, FBI का दावा हिंदुस्तान के खिलाफ साजिश

‘सलमान खान मुकाम धाम आकर माफी मांग ले तो बिश्नोई समाज और लॉरेंस उसे माफ कर देंगे,लेकिन न जाने उसके दिमाग में क्या बैठा है, माफी को इश्यू बना दिया काले हिरण के शिकार केस में फंसे बॉलीवुड एक्टर के लिए ये कहना है लॉरेंस के चचेरे भाई रमेश बिश्नोई का। लॉरेंस को गुजरात की साबरमती जेल में कैद हुए 28 अगस्त को 3 साल हो जाएंगे। अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने लॉरेंस, उसके गैंग और कई दूसरे गैंगस्टरों को ड्रग कार्टल, एक्सटॉर्शन और आर्म्स स्मगलिंग में शामिल बताते हुए ऑपरेशन हार्डबॉल शुरू किया है। FBI इन्वेस्टिगेशन के लिए लॉरेंस को अमेरिका ले जाने की बात कह चुकी है। इसको लेकर लॉरेंस के पारिवारिक सदस्य ने दैनिक भास्कर से एक्सक्लूसिव बातचीत की। रमेश बिश्नोई ने कहा कि लॉरेंस हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है तो वहां से नेटवर्क कैसे चला रहा, अमेरिकी जांच एजेंसी का दावा हिंदुस्तान के खिलाफ साजिश है। रमेश बिश्नोई ने हमारे हर सवाल का विस्तार से जवाब दिया, पढ़ें एक्सक्लूसिव बातचीत… सवाल: काला हिरण फिल्म पर इतनी आपत्ति क्यों? रमेश बिश्नोई: ये फिल्म बनाने वाला अमित जानी हमारे यानि बिश्नोई समाज से नहीं है। जब वो मूवी बना रहा था तब मैंने रोका था। परिवार ने भी ऑब्जेक्शन किया था कि लॉरेंस के नाम से कुछ नहीं बनाना। अभी तो लॉरेंस के केस कोर्ट में चल रहे, इससे उन पर बुरा असर पड़ता है। बिश्नोई समाज ने भी ऑब्जेक्शन किया। तब अमित जानी ने कोर्ट में कहा कि हम लॉरेंस का नाम नहीं रखेंगे सिर्फ सलमान के केस पर बात करेंगे, लेकिन उसने फिर भी कुछ डाल दिया। मैंने उससे पूछा भी कि किससे पूछकर लॉरेंस को डाल रहे। हम इसे गलत मानते हैं। हमने तो साफ कहा कि फिल्म नहीं चलनी चाहिए। सवाल: काले हिरण केस में कभी सलमान खान ने लॉरेंस, आपसे या परिवार से बात करने की कोशिश की? रमेश बिश्नोई: नहीं, यह हमारे परिवार का इश्यू नहीं था। यह हमारे समाज का इश्यू है। जब जोधपुर में केस हुआ, तब सलमान के भाई-बहन ने कोशिश की थी कि आप इसे निपटा लो। अगर कोई जुर्माना लगाना हो तो लगा दो। मगर हमने साफ कह दिया कि ऐसे नहीं होता। हमारी धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ हुआ है, हम तो कोर्ट जाएंगे। फिर कोर्ट चाहे बरी कर दे। लॉरेंस भी बिश्नोई समाज से है। हमारा धार्मिक परिवार है। लॉरेंस के पड़दादा जी बहुत बड़े संत थे। उन्होंने समाज के लिए ग्रंथ लिखे। लॉरेंस भी धर्म से जुड़ा है। उसने हमेशा यही कहा कि सलमान बिश्नोई समाज के मुकाम धाम में आकर माफी मांग ले। बिश्नोई समाज तो घर आए दुश्मन को भी माफ कर देता है। मगर पता नहीं, सलमान के दिमाग में किसने क्या भर दिया? माफी मांगना इतनी बड़ी बात नहीं। अगर कोई गलती हो जाती है तो माफी मांगने से कोई छोटा नहीं होता, लेकिन सलमान ने इसे इश्यू बना रखा है। उसके पिता सलीम खान कहते हैं कि जब सलमान ने शिकार किया ही नहीं, तो वह माफी क्यों मांगे। मैं पूछता हूं कि अगर ऐसा है तो उसी का नाम क्यों चल रहा? बाकी एक्टर-एक्ट्रेस ने गलती मान ली, उनका मुद्दा नहीं बना। जब से FIR हुई, उसके बाद हमारी सलमान से कोई बात नहीं हुई। सवाल: अगर सलमान खान माफी मांगे तो क्या बिश्नोई समाज और लॉरेंस इससे संतुष्ट होंगे? रमेश बिश्नोई: हां, समाज ने खुले दिल से ये बात की। मैंने भी कहा और लॉरेंस ने भी। लॉरेंस ने कभी ये नहीं कहा कि मुझसे माफी मांगो। वह तो यही कहता है कि राजस्थान के बीकानेर में हमारा मुकाम धाम है, गुरु महाराज का मंदिर है। वहां आकर माफी मांग लो। केस से क्या होता है कि कोई आगे से गलती न करे। मर्डर भी होता है तो सजा होती है ताकि आगे और गलती न करे। लॉरेंस ने माफी मांगने की बात कही तो इसका विरोध किसने किया? सलमान के दिमाग में क्या बैठा है? यह तो खुद सलमान या उसका परिवार ही जानता है। ये मामला कोर्ट में है और कानून अपना काम करेगा। सवाल: हर बड़े मर्डर में नाम आ रहा, मगर आप उसे गैंगस्टर नहीं मानते। आपकी नजर में लॉरेंस क्या है? रमेश बिश्नोई: बहुत साल पहले एक केस में लॉरेंस को अबोहर लेकर आए थे। तब मैं उससे मिला। मैंने उससे कहा कि ये रास्ता छोड़ दो। तब उसने कहा कि मैं इसे छोड़ दूं, लेकिन मेरी सुनता कौन है? मेरा बयान कौन सुनता है? वह मीडिया से बात नहीं कर सकता, वर्ना सब कुछ बता देता। अगर वह वाकई मुजरिम है तो कोर्ट में साबित क्यों नहीं होता? गवाह ही नहीं होते। कई बार मीडिया कह देती है कि लॉरेंस के पिता पुलिस में थे। मैं साफ कर दूं कि हमारे परिवार का कोई आदमी कभी पुलिस में नहीं रहा। लॉरेंस के पिता तो जमींदारी करते हैं। सवाल: क्या लॉरेंस अहमदाबाद की जेल में सेफ है? रमेश बिश्नोई: किस आदमी को कहां रखना है, ये सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार ने सेफ समझा होगा, तभी लॉरेंस को वहां रखा है। हमें तो यही लगता है। सवाल: लॉरेंस साबरमती जेल में बैठकर नेटवर्क चला रहा, अमेरिकी एजेंसी ने भी ये दावा किया? रमेश बिश्नोई: जब हमसे बात नहीं हो रही तो वह जेल से ये सब कुछ कैसे कर देता है। हरदीप निज्जर का मर्डर कनाडा में हुआ और FIR अमेरिका में हो रही। वह नशे की खेप पकड़ने का दावा कर रहे हैं। हिंदुस्तान में तो क्राइम करने वालों को राजनेता बचा लेते हैं, लेकिन अमेरिका में तो ऐसी बात नहीं। अचानक ऐसी बात क्यों हो रही? ये हिंदुस्तान के खिलाफ बहुत बड़ी साजिश है। पाकिस्तान भी आतंकी मरने पर हिंदुस्तान का नाम ले लेता। अमेरिका ने हिंदुस्तान पर दबाव बनाने के लिए ये सब कहा। लॉरेंस हाई सिक्योरिटी जेल में है। जब परिवार तक उससे नहीं मिल सकता, तो फिर वह अंदर से नेटवर्क कैसे चला रहा? अगर ऐसा है तो जेल प्रशासन को सस्पेंड किया जाए। लॉरेंस जहां बंद है, वहां जैमर लगे हैं। उसे बाकी लोगों से अलग रखा जाता है। टाइट सिक्योरिटी लगी है। ऐसे में ये कैसे संभव है? कहने की आजादी है, लेकिन इसके सबूत कहां है? जब वह किसी से मिल ही नहीं पाता तो किसको को कैसे कह देगा कि जाकर इसका–उसका मर्डर कर दे। जब कहीं कुछ नहीं होता तो पुलिस लॉरेंस का नाम लेकर पल्ला झाड़ लेती है। सवाल: अमेरिकी जांच एजेंसी ने कहा कि लॉरेंस को अमेरिका लेकर जाएंगे? रमेश बिश्नोई: ये 2 देशों का मसला है। इसमें हमारे या परिवार के कहने से कुछ नहीं होगा। सरकार बैठी है, उनको देखना है। ये अगर इतना आसान होता तो पहले ही भेज देते। इसमें कोई सच्चाई नहीं होगी, तभी तो सरकार चुप है। विपक्ष वालों ने लोकसभा में कहा कि लॉरेंस को दामाद की तरह रखा है। इस पर गृह मंत्री ने लोकसभा में कहा कि पक्का सबूत लाइए, हम FIR करेंगे। सवाल: लॉरेंस के परिवार में कौन-कौन हैं? अभी परिवार क्या करता है? रमेश बिश्नोई: लॉरेंस के माता–पिता हैं। उसके पिता 110 किला जमीन के मालिक हैं। इलाके में उनका पहले से रसूख है। लॉरेंस उनका बड़ा बेटा है। छोटे बेटे का नाम अनमोल है। अनमोल भी अभी तिहाड़ जेल में है। मैं एक बात क्लियर करना चाहता हूं कि लॉरेंस की वजह से अनमोल को सजा मिली। उसका नाम केसों में डाल दिया गया। अनमोल इस तरह का नहीं था। सवाल: परिवार से मुलाकात होती है या परिवार ने लॉरेंस से दूरी बना ली है? रमेश बिश्नोई: अपनों से दूरी नहीं होती। लेकिन आज लॉरेंस जिस हालात में है, उसमें घरवाले उससे नहीं मिल सकते। न हमें परमिशन मिलती है। वकील जाता है और हमें पता चल जाता है कि लॉरेंस कैसा है? एक बात मैं क्लियर कर दूं कि अकसर कहा जाता है कि लॉरेंस ने इसे धमकी दे दी या उसे धमका दिया। जब उसकी परिवार से ही बात नहीं होती, तो धमकी कहां से आएगी? ये बात मुझे समझ नहीं आती। सवाल: लॉरेंस की छवि से परिवार कितना परेशान है? रमेश बिश्नोई: जिस परिवार को लेकर ऐसी बात हो, तो मानसिक परेशानी होती है और है भी। जिस तरह लॉरेंस और अनमोल पर केस डाले जा रहे हैं। लॉरेंस तो चाय तक नहीं पीता। एक महीने में 20 दिन उसके व्रत होते हैं। गांव में जब तक था तो यही कहता था कि गांव या समाज का कोई व्यक्ति नशा न करे। एक बार सुनने में आया कि हमारा कोई रिश्तेदार जेल में था। वहां लॉरेंस ने उससे कहा कि तू नशा छोड़ दे। उसने जेल सुपरिटेंडेंट से भी कह दिया कि या तो इसे जेल से दूसरी जगह भेज दो या फिर मुझे शिफ्ट कर दो। जो आदमी नशे से इतनी नफरत करता हो, भगत सिंह को आइडल मानता हो, वह देश से कभी गद्दारी नहीं कर सकता। क्या वह ऐसे काम करेगा? पता नहीं कैसे FIR में नाम डाले जा रहे हैं। यह तो नाम डालने वाले को पता या फिर भगवान को पता। सवाल: लॉरेंस नाम क्यों रखा गया? रमेश बिश्नोई: लॉरेंस नाम उसके माता-पिता ने रखा था। इसके पीछे कोई खास लॉजिक या वजह जैसा कुछ नहीं है। बस परिवार को नाम जच गया तो रख लिया। कुछ मीडिया वाले कहते हैं कि लॉरेंस का नाम पहले कुछ और था और बाद में इसे बदला गया, ये बिल्कुल गलत है। सवाल: लॉरेंस बचपन में कैसा था? पढ़ाई कहां हुई? रमेश बिश्नोई: यहां अबोहर के कॉन्वेंट स्कूल में शुरुआती पढ़ाई की। यहां के बाद चंडीगढ़ चला गया। लॉरेंस को खेलना, अच्छे कपड़े पहनना और घुड़सवारी का शौक शुरू से था। सवाल: लॉरेंस की इमेज कॉलेज स्टूडेंट से गैंगस्टर वाली कैसे बन गई? रमेश बिश्नोई: लॉरेंस पहले दिन से ऐसा था कि अगर कोई किसी को घेरकर पीट रहा हो तो वह अन्याय बर्दाश्त नहीं करता था। वह कहता था कि चाहे मैं जानता ना होऊं, लेकिन अगर 4 आदमी मिलकर एक आदमी को पीट रहे हैं तो पूछता था कि क्यों पीट रहे हो? लॉरेंस में गैंगस्टर वाली कोई बात नहीं रही। जब वह पढ़ने चंडीगढ़ गया तो वहां उसके ग्रुप ने मिलकर द स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी (SOPU) बनाई। चंडीगढ़ में रहते हुए वह स्टूडेंट पॉलिटिक्स में आ गया। उसके बाद वह बड़े नेताओं की नजर में चढ़ गया। सभी पार्टियों ने उसे यूज किया। लॉरेंस ने एक चुनाव लड़ा, लेकिन हार गया। उस समय जो जीते थे, उन्होंने लॉरेंस को एक-दो केसों में फंसवा दिया। इसके चलते उसके अंदर इस बात का गुस्सा भर गया कि मैंने तो ऐसा कुछ किया ही नहीं। वहीं से लॉरेंस रास्ता भटकना शुरू हो गया। सवाल: अगर आप कहते हैं कि लॉरेंस को राजनीतिक रूप से फंसाया गया, तो किन नेताओं/पार्टियों ने उसे इस्तेमाल किया? क्या आप किसी का नाम लेना चाहेंगे? रमेश बिश्नोई: पंजाब में 2-3 बड़ी पार्टियां हैं। लॉरेंस लैंडलॉर्ड बैकग्राउंड वाला बच्चा था। हम लैंडलॉर्ड फैमिली से हैं। ऐसे यंग ब्लड को राजनीतिक दल कैच कर लेते हैं। हर पार्टी ने उसे कैच करने की कोशिश की और राजनीति में उलझा दिया। हमारे परिवार से कोई राजनीति में नहीं है। हम सिर्फ सिंपल जमींदार हैं। हम उसी में खुश थे। हर पार्टी ही उसे यूज करती रही और आज हालात ऐसे बन गए। सवाल: क्या लॉरेंस को राजनीति में आना चाहिए? रमेश बिश्नोई: नहीं, लॉरेंस की कोई ऐसी भावना नहीं है। उसने कभी नहीं कहा कि मैं इलेक्शन लड़ूंगा। महाराष्ट्र की एक पार्टी उसे टिकट देने और इलेक्शन लड़वाने के लिए गई थी, मगर लॉरेंस ने कोरी ना कर दी। वह राजनीति में नहीं आना चाहता। सवाल: जो यूथ लॉरेंस को हीरो या आइकन की तरह फॉलो करता है। उन्हें क्या कहना चाहेंगे? रमेश बिश्नोई: लॉरेंस कहता है कि नशे से दूर रहो। भगत सिंह उसका आइडल है। अगर किसी आदमी में गुण है तो यूथ को उससे सीख लेनी चाहिए। अगर लॉरेंस किसी राजनीति का शिकार होकर अंदर चला गया तो यह रास्ता सही नहीं है। FIR होने से कोई मुजरिम नहीं हो जाता। वह दोषी तब बनता है जब कोर्ट से सजा होगी। अभी कोई सजा नहीं हुई। पुलिस केस डाल देती है, लेकिन सजा नहीं होती। यही लॉरेंस के साथ हो रहा है। अब तो ये हो रहा कि जिसका लॉरेंस से कोई कनेक्शन नहीं, वह भी कह देता है कि मैं लॉरेंस का आदमी हूं। कई दफा पुलिस बोल देती है कि लॉरेंस का गुर्गा है। ऐसे नहीं होता, पुलिस ऐसा काम करती है। सवाल: क्या लॉरेंस की पूरी जिंदगी जेल में कटेगी? रमेश बिश्नोई: आज से नहीं बल्कि पिछली केंद्र सरकारें भी चंबल में डाकू रहे लोगों से कहती रहीं कि जो मुख्यधारा में आना चाहते हैं उनका सहयोग किया जाएगा। कई डाकुओं ने हथियार डाले। आज वह अपना जीवन जी रहे हैं। कुछ तो चुनाव भी लड़े। अगर सरकार टेररिस्ट और डाकुओं को मौका देती है तो सिर्फ लॉरेंस ही नहीं, बाकी लड़कों को भी मुख्यधारा में लाने की कोशिश करनी चाहिए। परिवार और समाज भी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होगा। ऐसा हुआ तो यूथ भी नहीं भटकेगा। (कल पढ़ें… लॉरेंस के बारे में, जिसे दुनिया एक गैंगस्टर के रूप में जानती है, उसके गांव के लोग क्या सोचते हैं? लॉरेंस की वजह से गांव की पहचान कैसे बदल गई? क्या लॉरेंस गांव के युवाओं के लिए हीरो है या विलेन? कल सुबह साढ़े 5 बजे से लॉरेंस के गांव से ग्राउंड रिपोर्ट पढ़ें।)

Continue reading on the app

सितंबर 2026 में चमकेगी किस्मत, इन तारीखों में जन्मे लोगों के लिए शुरू होगा अच्छा समय

सितंबर 2026 में चमकेगी किस्मत, इन तारीखों में जन्मे लोगों के लिए शुरू होगा अच्छा समय

Continue reading on the app

  Sports

ओलंपिक में क्यों नहीं बढ़ रही भारत के पदकों की संख्या? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कारण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि ओलंपिक में भारत के प्रदर्शन में तभी सुधार हो सकता है जब देश उन खेलों में भी अपनी भागीदारी बढ़ाए, जिनमें उसने अतीत में हिस्सा नहीं लिया है। Thu, 27 Aug 2026 13:24:02 +0530

  Videos
See all

Viral Video | "खान सर मेरे रूममेट के बॉयफ्रेंड थे" | #shorts #viralvideo #viralnews #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-27T08:14:41+00:00

Chhavi Varshney | UP की फेमस यूट्यूबर छवि वार्ष्णेय की सड़क हादसे में मौत | #shorts #viralvideo #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-27T08:15:34+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers