स्पेस में सैटेलाइट री-फ्यूलिंग, दवाइयां बनाने की तैयारी:पीएम को स्पेस स्टार्टअप्स के फाउंडर्स ने बताए प्लान, स्काईरूट हर महीने रॉकेट लॉन्च करेगी
अंतरिक्ष में सैटेलाइट रीफ्यूलिंग, कचरा हटाने वाले रोबोट और हवा में तैरती दवाइयां। भारत का स्पेस सेक्टर अब फिल्मों में दिखने वाली टेक्नोलॉजी सच करने पर काम कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 20 स्पेस स्टार्टअप्स फाउंडर्स से खास बातचीत की। पीएम ने भरोसा दिलाया कि सरकार उद्यमियों का हाथ कभी नहीं छोड़ेगी। रिस्क लेने वालों को पूरा सपोर्ट मिलेगा। ये बातचीत 21 अगस्त को की गई थी, लेकिन वीडियो आज 23 अगस्त को रिलीज किया गया है। पढ़िए इस बातचीत की खास बातें… स्काईरूट का हर महीने रॉकेट लॉन्च करने का लक्ष्य स्काईरूट ने पीएम मोदी को बताया कि 18 जुलाई को भारत के पहले प्राइवेट रॉकेट से सैटेलाइट्स को कामयाबी के साथ ऑर्बिट में स्थापित किया था। कंपनी ने अब तक 3 फैक्ट्रियां तैयार कर ली हैं, जिनमें हर महीने एक रॉकेट बनाने की क्षमता है। कंपनी की योजना हर महीने एक रॉकेट लॉन्च करने की है। इसके बाद का लक्ष्य हर हफ्ते एक और भविष्य में हर दिन कई रॉकेट लॉन्च करने का है। फ्यूल स्टेशन, सफाई रोबोट और दवा बनाने वाली सैटेलाइट्स भारतीय स्टार्टअप्स कई नई तकनीकों पर काम कर रहे हैं: स्पेस पेट्रोल पंप और स्पेस फार्मा को जानें… जैसे सड़क पर गाड़ी का पेट्रोल खत्म होने पर हम पंप पर जाते हैं, वैसे ही अंतरिक्ष में सैटेलाइट्स का ईंधन खत्म हो जाता है। एक भारतीय कंपनी ऐसी तकनीक बना रही है, जो हवा में ही उड़ती हुई सैटेलाइट्स से जुड़कर उनमें दोबारा पेट्रोल-डीजल की तरह ईंधन भर देगी। वहीं जब धरती पर कोई दवा बनाई जाती है, तो गुरुत्वाकर्षण के खिंचाव के कारण उसके केमिकल्स और प्रोटीन ठीक से मिक्स नहीं हो पाते या नीचे बैठने लगते हैं। इसके उलट, अंतरिक्ष में दवाइयां और प्रोटीन बिना किसी खिंचाव के शुद्ध रूप में आपस में मिलते हैं। इससे दवाइयों के बनने का तरीका बेहद सटीक और साफ होता है। अमेरिका-यूरोप छोड़कर भारत आ रहे इंजीनियर्स स्पेस सेक्टर को प्राइवेट प्लेयर्स के लिए खोले जाने के बाद एक नया ग्लोबल ट्रेंड दिख रहा है। अमेरिका और यूरोप में काम करने वाले भारतीय इंजीनियर्स अब अपनी नौकरियां छोड़कर भारत लौट रहे हैं और देश के स्पेस स्टार्टअप्स से जुड़ रहे हैं। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत को एक ऐसा माहौल बनाना चाहिए कि पूरी दुनिया का टैलेंट स्पेस सेक्टर में करियर बनाने के लिए भारत का रुख करे। भारतीय टैलेंट पूल दुनिया के वैज्ञानिकों को अपनी तरफ खींचने वाले मैग्नेट की तरह काम कर सकता है। 1 महीने में मिले 8 नए इंटरनेशनल कॉन्ट्रैक्ट्स भारतीय स्टार्टअप्स ग्लोबल लेवल पर ग्राउंड स्टेशन नेटवर्क तैयार कर रहे हैं और सैटेलाइट इंजनों का एक्सपोर्ट करने के लिए तैयार हैं। यह इंजन सैटेलाइट्स को स्पेस में 5 से 15 सालों तक एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में मदद करते हैं। कॉस्ट-इफेक्टिवनेस यानी कम लागत और टैलेंट के दम पर भारतीय कंपनियों को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। पिछले एक महीने में ही भारतीय स्टार्टअप्स को 8 नए लॉन्च के कॉन्ट्रैक्ट्स मिले हैं, जिनमें ज्यादातर विदेशी क्लाइंट्स के हैं। स्पेस डेटा से 10 लाख किसानों की मदद की तैयारी स्पेस-टेक स्टार्टअप्स का फोकस भारत के कृषि क्षेत्र पर भी है। स्टार्टअप्स की योजना स्पेस डेटा और सैटेलाइट्स के जरिए लगभग 10 लाख किसानों की मदद करने की है। इससे मौसम, मिट्टी की नमी और फसलों के स्वास्थ्य की सटीक जानकारी मिलेगी, जिससे खेती-किसानी को ज्यादा फायदेमंद बनाया जा सके। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… इंसान जैसे रोबोट्स फैक्ट्रियों और घरों में काम करेंगे: रोबोट शेफ खाना और ड्रिंक्स बना रहे, इमरजेंसी रेस्क्यू के लिए भी तैयार अब वो दिन दूर नहीं जब घरों और फैक्ट्रियों और घरों में इंसानों जैसे दिखने वाले ह्यूमनॉइड्स रोबोट्स काम करेंगे। चीन के बीजिंग में चल रहे वर्ल्ड रोबोट कॉन्फ्रेंस में 300 से ज्यादा कंपनियों ने 2000 से ज्यादा रोबोट्स पेश किए हैं। 23 अगस्त तक चलने वाले इवेंट में रोबोट शेफ खाना और ड्रिंक्स बना रहे हैं, डांस, बॉक्सिंग करने वाले रोबोट्स और इंडस्ट्रियल मशीनें तो पूरे इवेंट का सेंटर पाइंट बने हुए हैं। यही नहीं ये रोबोट रेस्क्यू के लिए भी तैयार हैं। पूरी खबर पढ़ें…
बैल से ₹31 लाख की कार खिंचवाकर शोरूम पहुंचा मालिक:बोला- 5 महीने से RC नहीं बनी, पंजाब में स्टाफ चारा ढोने के लिए बोल रहा था
मोगा में शनिवार को 31 लाख रुपए से ज्यादा कीमत की नई इनोवा कार सड़क पर बैल से खिंचती नजर आई। कार मालिक दविंदरपाल सिंह ने अपनी गाड़ी पर चारा लादा और बैल के सहारे उसे आईजीएम टोयोटा शोरूम के सामने से जीटी रोड होते हुए शहर तक ले गए। दविंदरपाल का कहना है कि 5 महीने पहले गाड़ी खरीदने के बावजूद अब तक RC नहीं बनी है। कई बार कंपनी और एजेंसी से संपर्क करने के बाद भी समाधान नहीं हुआ तो उन्होंने इसी तरह विरोध जताया। उन्होंने बताया कि शिकायत करने के बाद कार एजेंसी ने 50 हजार रुपए ये कहकर और ले लिए कि कार कीमत बढ़ गई है और रजिस्ट्रेशन चार्ज अब ज्यादा लगेगा। इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ तो उन्होंने कंपनी को फोन किया तो वहां से जवाब मिला कि जल्दी है तो तब तक इस पर चारा ढोना शुरू कर दो। 5 महीने पहले ₹31.30 लाख में बुक कराई थी इनोवा दविंदरपाल सिंह के मुताबिक, उन्होंने करीब पांच महीने पहले ₹31 लाख 30 हजार में इनोवा हाइक्रोस जेड एक्स बुक कराई थी। गाड़ी मिलने के 5 महीने बाद भी उसकी आरसी नहीं मिली। उन्होंने इसके लिए एजेंसी के कई चक्कर काटे। 54 हजार रुपए और जमा करवाए, फिर भी रजिस्ट्रेशन नहीं बाद में एजेंसी ने गाड़ी की कीमत बढ़ने की बात कहकर उनसे करीब ₹54 हजार और जमा कराए। इसके बावजूद गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका। दविंदरपाल का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कंपनी और एजेंसी के अधिकारियों से कई बार संपर्क किया। RTO में बिल और रिकॉर्ड की राशि अलग निकली दविंदरपाल के अनुसार, RC बनवाने के लिए चंडीगढ़ RTO कार्यालय से संपर्क किया तो वहां बिलिंग राशि और RTO रिकॉर्ड में दर्ज राशि में अंतर बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि बिल में सुधार होने के बाद ही गाड़ी का रजिस्ट्रेशन संभव होगा। ग्राहक का आरोप है कि मोगा में बिलिंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण बिल लुधियाना से बनाया जाता है और इसी वजह से समस्या बढ़ी। कर्मचारी बोला- ‘चारा ही ढो लो’, नाराज होकर चारा लादा दविंदरपाल का आरोप है कि जब एजेंसी से बात की गई तो वो तालमटोल ही करते रहे। कई दिनों से बस शोरूम के चक्कर कटवाते रहे। यही नहीं, एक कर्मचारी ने उनसे यहां तक कह दिया कि अब गाड़ी पर ‘चारा ही ढो लो’। इसी बात से नाराज होकर उन्होंने शनिवार को अपनी नई इनोवा पर चारा लादा और बैल से खिंचवाते हुए शोरूम के सामने प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि पांच महीने बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ, इसलिए उन्होंने इसी तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। अब देखिए कार के डोक्यूमेंट्स एजेंसी-कंपनी का पक्ष अभी सामने नहीं आया मामले में कार मालिक ने आरोप लगाया है कि कंपनी और एजेंसी के अधिकारी उनकी समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि एजेंसी में उनकी बात ही नहीं सुनी जा रही है। इसलिए, वह कंपनी वालों से गाड़ी वापस लेकर अपने पैसे लौटाने की डिमांड कर रहे हैं। वहीं, एजेंसी या टोयोटा कंपनी की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें… गर्लफ्रेंड से मिलने 1000KM दूर लुधियाना आया बॉयफ्रेंड, शादी का बोलकर भगा ले गया, परिवार बोला-बेटी का रेप किया लुधियाना में रह रही 15 साल की नाबालिग गर्लफ्रेंड से मिलने उसका बॉयफ्रेंड करीब 1000 किलोमीटर दूर से पहुंच गया। यहां उसने पहले नाबालिग को घर से बाहर बुलाया और फिर शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया। पूरी खबर पढ़ें…
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