भ्रष्टाचार और ड्रग्स के लिए सिंगापुर जैसे कड़े कानून लाएं:जोहो फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने तमिलनाडु CM विजय से फांसी देने की मांग की
जोहो फाउंडर श्रीधर वेम्बु ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय को ड्रग डीलिंग और हाई-लेवल करप्शन के खिलाफ सिंगापुर जैसे कड़े कानून बनाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि भविष्य में होने वाले भ्रष्टाचार के लिए फांसी का प्रावधान किया जाना चाहिए। वेम्बु ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए मुख्यमंत्री को यह सुझाव दिया। श्रीधर वेम्बू की पोस्ट की 5 खास बातें सिर्फ सैलरी बढ़ाने से भ्रष्टाचार नहीं खत्म होगा: सेंथिल वेम्बु के इस सुझाव की एक फाइनेंशियल एडवाइजर सेंथिल कुमार ने आलोचना की है। उन्होंने तर्क दिया कि केवल वेतन बढ़ाने से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा। सेंथिलकुमार ने कहा, "मैं इस तर्क का कड़ा विरोध करता हूँ कि IAS, IPS के वेतन में वृद्धि से भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा।" असली समस्या जवाबदेही और पारदर्शिता की कमी है सेंथिल कुमार ने उन मामलों का हवाला दिया जिनमें अमीर राजनेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने कहा कि निचले स्तर के सरकारी कर्मचारियों के पास भी कथित तौर पर 20 करोड़ रुपए या उससे अधिक की संपत्ति मिली है। उन्होंने कहा, "मुद्दा सिर्फ वेतन के स्तर का नहीं है, बल्कि जवाबदेही, पारदर्शिता और प्रभावी प्रवर्तन की कमी का है।" सीएम विजय का दावा- हमारे पास पिछली सरकार के करप्शन की फाइलें हैं तमिलनाडु की सत्ता में आने के बाद से मुख्यमंत्री विजय लगातार कह रहे हैं कि उनकी पार्टी TVK का लक्ष्य एक "भ्रष्टाचार मुक्त सरकार" प्रदान करना है। इसी हफ्ते विजय ने विधानसभा में दावा किया कि उनके पास पिछली DMK सरकार के दौरान हुए भ्रष्टाचार के सबूतों वाली फाइलें हैं, जिन्हें वे सही समय पर सार्वजनिक करेंगे। विधानसभा में हंगामा, सीएम बोले- मुझे फाइलें खोलने पर मजबूर न करें विधानसभा में बहस के दौरान DMK के विधायकों ने भ्रष्टाचार के आरोपों के सबूत मांगने के लिए नारेबाजी की थी। इस पर मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि वे पहले इस मुद्दे पर बोलना नहीं चाहते थे, लेकिन उनसे लगातार सबूत मांगे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री (मैरी विल्सन) ने एक हफ्ते पहले बताया था कि तीन विभागों की समीक्षा से जुड़ी फाइलें उनकी टेबल पर हैं। विजय ने कहा कि वे शांत इसलिए हैं क्योंकि वे इस उपचुनाव में कुछ लोगों का भला चाहते हैं, लेकिन उन्हें फाइलें खोलने के लिए मजबूर न किया जाए। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… करियर सिर्फ डिग्री से नहीं, स्किल से बनेगा: जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू कहते हैं- AI को अपनाएं, पर इसके गुलाम न बनें दैनिक भास्कर से खास बातचीत में जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू साफ कहते हैं- गूगल ने एआई में 15 साल तक निवेश किया। रिसर्च हुई, पेपर पब्लिश हुए, प्रयोग हुए। ओपनएआई जैसी कंपनी भी उसी रिसर्च इकोसिस्टम से निकली। सीख है कि अब हम भी एआई के क्षेत्र में 10 साल का ‘टेक रेजिलिएंस’ प्लान बनाएं। अगर हमें बाजार से फल नहीं खरीदने तो खुद के पेड़ लगाने होंगे। शायद 1-2 साल में नतीजे न दिखें, लेकिन 5-10 साल में रिटर्न आएगा और वही असली निवेश होता है। पढ़ें पूरी खबर…
स्पेस में सैटेलाइट री-फ्यूलिंग, दवाइयां बनाने की तैयारी:पीएम को स्पेस स्टार्टअप्स के फाउंडर्स ने बताए प्लान, स्काईरूट हर महीने रॉकेट लॉन्च करेगी
अंतरिक्ष में सैटेलाइट रीफ्यूलिंग, कचरा हटाने वाले रोबोट और हवा में तैरती दवाइयां। भारत का स्पेस सेक्टर अब फिल्मों में दिखने वाली टेक्नोलॉजी सच करने पर काम कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 20 स्पेस स्टार्टअप्स फाउंडर्स से खास बातचीत की। पीएम ने भरोसा दिलाया कि सरकार उद्यमियों का हाथ कभी नहीं छोड़ेगी। रिस्क लेने वालों को पूरा सपोर्ट मिलेगा। ये बातचीत 21 अगस्त को की गई थी, लेकिन वीडियो आज 23 अगस्त को रिलीज किया गया है। पढ़िए इस बातचीत की खास बातें… स्काईरूट का हर महीने रॉकेट लॉन्च करने का लक्ष्य स्काईरूट ने पीएम मोदी को बताया कि 18 जुलाई को भारत के पहले प्राइवेट रॉकेट से सैटेलाइट्स को कामयाबी के साथ ऑर्बिट में स्थापित किया था। कंपनी ने अब तक 3 फैक्ट्रियां तैयार कर ली हैं, जिनमें हर महीने एक रॉकेट बनाने की क्षमता है। कंपनी की योजना हर महीने एक रॉकेट लॉन्च करने की है। इसके बाद का लक्ष्य हर हफ्ते एक और भविष्य में हर दिन कई रॉकेट लॉन्च करने का है। फ्यूल स्टेशन, सफाई रोबोट और दवा बनाने वाली सैटेलाइट्स भारतीय स्टार्टअप्स कई नई तकनीकों पर काम कर रहे हैं: स्पेस पेट्रोल पंप और स्पेस फार्मा को जानें… जैसे सड़क पर गाड़ी का पेट्रोल खत्म होने पर हम पंप पर जाते हैं, वैसे ही अंतरिक्ष में सैटेलाइट्स का ईंधन खत्म हो जाता है। एक भारतीय कंपनी ऐसी तकनीक बना रही है, जो हवा में ही उड़ती हुई सैटेलाइट्स से जुड़कर उनमें दोबारा पेट्रोल-डीजल की तरह ईंधन भर देगी। वहीं जब धरती पर कोई दवा बनाई जाती है, तो गुरुत्वाकर्षण के खिंचाव के कारण उसके केमिकल्स और प्रोटीन ठीक से मिक्स नहीं हो पाते या नीचे बैठने लगते हैं। इसके उलट, अंतरिक्ष में दवाइयां और प्रोटीन बिना किसी खिंचाव के शुद्ध रूप में आपस में मिलते हैं। इससे दवाइयों के बनने का तरीका बेहद सटीक और साफ होता है। अमेरिका-यूरोप छोड़कर भारत आ रहे इंजीनियर्स स्पेस सेक्टर को प्राइवेट प्लेयर्स के लिए खोले जाने के बाद एक नया ग्लोबल ट्रेंड दिख रहा है। अमेरिका और यूरोप में काम करने वाले भारतीय इंजीनियर्स अब अपनी नौकरियां छोड़कर भारत लौट रहे हैं और देश के स्पेस स्टार्टअप्स से जुड़ रहे हैं। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत को एक ऐसा माहौल बनाना चाहिए कि पूरी दुनिया का टैलेंट स्पेस सेक्टर में करियर बनाने के लिए भारत का रुख करे। भारतीय टैलेंट पूल दुनिया के वैज्ञानिकों को अपनी तरफ खींचने वाले मैग्नेट की तरह काम कर सकता है। 1 महीने में मिले 8 नए इंटरनेशनल कॉन्ट्रैक्ट्स भारतीय स्टार्टअप्स ग्लोबल लेवल पर ग्राउंड स्टेशन नेटवर्क तैयार कर रहे हैं और सैटेलाइट इंजनों का एक्सपोर्ट करने के लिए तैयार हैं। यह इंजन सैटेलाइट्स को स्पेस में 5 से 15 सालों तक एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में मदद करते हैं। कॉस्ट-इफेक्टिवनेस यानी कम लागत और टैलेंट के दम पर भारतीय कंपनियों को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। पिछले एक महीने में ही भारतीय स्टार्टअप्स को 8 नए लॉन्च के कॉन्ट्रैक्ट्स मिले हैं, जिनमें ज्यादातर विदेशी क्लाइंट्स के हैं। स्पेस डेटा से 10 लाख किसानों की मदद की तैयारी स्पेस-टेक स्टार्टअप्स का फोकस भारत के कृषि क्षेत्र पर भी है। स्टार्टअप्स की योजना स्पेस डेटा और सैटेलाइट्स के जरिए लगभग 10 लाख किसानों की मदद करने की है। इससे मौसम, मिट्टी की नमी और फसलों के स्वास्थ्य की सटीक जानकारी मिलेगी, जिससे खेती-किसानी को ज्यादा फायदेमंद बनाया जा सके। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… इंसान जैसे रोबोट्स फैक्ट्रियों और घरों में काम करेंगे: रोबोट शेफ खाना और ड्रिंक्स बना रहे, इमरजेंसी रेस्क्यू के लिए भी तैयार अब वो दिन दूर नहीं जब घरों और फैक्ट्रियों और घरों में इंसानों जैसे दिखने वाले ह्यूमनॉइड्स रोबोट्स काम करेंगे। चीन के बीजिंग में चल रहे वर्ल्ड रोबोट कॉन्फ्रेंस में 300 से ज्यादा कंपनियों ने 2000 से ज्यादा रोबोट्स पेश किए हैं। 23 अगस्त तक चलने वाले इवेंट में रोबोट शेफ खाना और ड्रिंक्स बना रहे हैं, डांस, बॉक्सिंग करने वाले रोबोट्स और इंडस्ट्रियल मशीनें तो पूरे इवेंट का सेंटर पाइंट बने हुए हैं। यही नहीं ये रोबोट रेस्क्यू के लिए भी तैयार हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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