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RBI Officer Grade B Result 2026: ऑफिसर ग्रेड-बी फेज 2 परीक्षा का रिजल्ट जारी, ऐसे करें डाउनलोड

RBI Grade B Result 2026: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में ऑफिसर ग्रेड-बी बनने का सपना देख रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर है। RBI ने ग्रेड-बी फेज-2 परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। परीक्षा में शामिल उम्मीदवार अब रिजल्ट की PDF डाउनलोड कर उसमें अपना रोल नंबर चेक कर सकते हैं। फेज-2 परीक्षा 25 और 26 जुलाई 2026 को आयोजित की गई थी। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 60 पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाना है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने Officer Grade B Phase-II Result 2026 जारी कर दिया है। फेज-2 परीक्षा में शामिल उम्मीदवार अब अपना रिजल्ट ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। रिजल्ट PDF फॉर्मेट में जारी किया गया है, जिसमें चयनित उम्मीदवारों के रोल नंबर दिए गए हैं।

उम्मीदवार रिजल्ट देखने के लिए RBI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रिजल्ट सेक्शन में उपलब्ध Grade B Phase-II Result लिंक को खोल सकते हैं। इसके बाद PDF डाउनलोड करके उसमें अपना रोल नंबर आसानी से खोजा जा सकता है।

60 पदों पर होगी भर्ती
RBI Grade B भर्ती 2026 के जरिए कुल 60 पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाना है। इनमें अलग-अलग कैडर के पद शामिल हैं।
Officer Grade B General: 40 पद
Officer Grade B DEPR: 10 पद
Officer Grade B DSIM: 10 पद

इस भर्ती के लिए फेज-2 परीक्षा 25 और 26 जुलाई 2026 को आयोजित की गई थी। अब फेज-2 का रिजल्ट जारी होने के बाद उम्मीदवार आगे की चयन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी के लिए RBI की ओर से जारी अपडेट पर नजर रखें।

RBI Grade B Phase-2 Result ऐसे करें डाउनलोड
उम्मीदवार नीचे बताए गए आसान स्टेप्स की मदद से रिजल्ट PDF डाउनलोड कर सकते हैं:

  • सबसे पहले RBI की आधिकारिक वेबसाइट rbi.org.in पर जाएं।
  • वेबसाइट के होमपेज पर Result सेक्शन खोलें।
  • यहां RBI Officer Grade-B Phase-II Result 2026 से संबंधित लिंक पर क्लिक करें।
  • लिंक खुलने के बाद रिजल्ट की PDF स्क्रीन पर दिखाई देगी।
  • PDF डाउनलोड करें और उसमें अपना Roll Number सर्च करें।
  • भविष्य के लिए रिजल्ट PDF का प्रिंटआउट या सेव कॉपी अपने पास रख लें।

रोल नंबर जरूर करें चेक
RBI ने रिजल्ट PDF में उम्मीदवारों के रोल नंबर उपलब्ध कराए हैं। इसलिए परीक्षा में शामिल उम्मीदवार PDF डाउनलोड करने के बाद अपना रोल नंबर ध्यान से चेक करें। अगर रोल नंबर सूची में मिलता है तो आगे की चयन प्रक्रिया से संबंधित RBI के निर्देशों को जरूर पढ़ें।
 

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CWG 2026: बॉक्सिंग में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंचा

Commonwealth Games 2026: ग्लास्गो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के एक रोमांचक दिन में भारत ने इतिहास रच दिया है। शनिवार का दिन भारत के लिए इस बहुराष्ट्रीय खेल महाकुंभ का सबसे सफल दिन साबित हुआ। मुक्केबाजी (Boxing) दल के रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन के दम पर भारत कॉमनवेल्थ गेम्स की पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया है।

प्रतियोगिता का अब केवल एक ही दिन शेष बचा है। भारतीय दल ने शनिवार को कुल 8 स्वर्ण पदक अपने नाम किए, जिनमें से अकेले 7 गोल्ड मेडल बॉक्सिंग में आए हैं। इसके साथ ही भारत के पास अब कुल 39 पदक (13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य) हो गए हैं। इस शानदार प्रदर्शन के बाद पदक तालिका में केवल ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा ही भारत से आगे हैं।

बॉक्सिंग में रचा गया नया इतिहास
मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारत का अब तक का सबसे बेहतरीन बॉक्सिंग अभियान पूरा किया। भारतीय मुक्केबाजों ने कुल 7 स्वर्ण और 3 रजत पदक जीतकर बॉक्सिंग मेडल टेबल में शीर्ष स्थान हासिल किया। भारतीय महिलाओं ने एक बार फिर शानदार शुरुआत की, जिसमें प्रीति पवार (54 किग्रा), जैस्मिन लंबोरिया (57 किग्रा), साक्षी चौधरी (51 किग्रा), प्रिया घंघास (60 किग्रा) और अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) ने स्वर्ण पदक अपने नाम किए।

वहीं पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच (60 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) ने दो और गोल्ड मेडल जोड़कर इस रिकॉर्ड अभियान को पूरा किया।

प्रिया घंघास ने दिन की सबसे बेहतरीन वापसी करते हुए स्वर्ण जीता। कनाडा की मैरी-बाथौल के खिलाफ पहला राउंड हारने के बाद एशियाई चैंपियन प्रिया ने शानदार वापसी की और 4-1 के विभाजित निर्णय (split decision) से मुकाबला अपने नाम किया। दूसरी ओर, सचिन सिवाच ने अपने मैच में जबरदस्त रोमांच पैदा किया।

पहला राउंड हारने और दूसरे राउंड में एक अंक कटने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। अंतिम राउंड में सचिन ने नामीबिया के ट्राइऐगेन मोर्निंग नडेलो को जोरदार नॉकडाउन दिया और 3-2 से रोमांचक जीत दर्ज कर गोल्ड मेडल जीत लिया।

अरुंधति चौधरी का मुकाबला काफी आसान रहा, जिन्होंने महिलाओं के 70 किग्रा फाइनल में इंग्लैंड की चैंटेल रीड को 5-0 के एकतरफा फैसले से हराकर आसानी से स्वर्ण पदक जीता। हालांकि, भारी वजन वर्ग में कुछ निराशा भी हाथ लगी। ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहाईं को महिलाओं के 75 किग्रा फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की एम्मा-सू ग्रीनट्री के खिलाफ 4-1 से हार का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

इसके अलावा जादुमणी सिंह मंडेम्बम (55 किग्रा) और नरेंद्र बेरवाल (+90 किग्रा) ने भी रजत पदक जीते। नरेंद्र का मुकाबला इंग्लैंड के डमार थॉमस के साथ हुआ, जिसके साथ ही यादगार भारतीय बॉक्सिंग अभियान का समापन हुआ। इससे पहले भारत का सबसे अच्छा बॉक्सिंग प्रदर्शन 2018 के गोल्ड कोस्ट गेम्स में था, जहां टीम ने 3 गोल्ड सहित 7 पदक जीते थे, जिसे ग्लासगो में पीछे छोड़ दिया गया है।

गुलवीर सिंह ने रचा इतिहास, एथलेटिक्स में चमके भारतीय खिलाड़ी
भारतीय एथलेटिक्स ने भी शानदार प्रदर्शन किया। गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 5000 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। reigning Asian चैंपियन गुलवीर ने 13:24.95 का समय निकालकर रोमांचक फिनिश के साथ केन्या के कॉर्नेलियस केम्बोई को महज 0.04 सेकंड से पीछे छोड़ दिया। इस कांस्य पदक के साथ गुलवीर एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स संस्करण में दो ट्रैक एंड फील्ड पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट भी बन गए हैं, इससे पहले उन्होंने 10,000 मीटर में रजत पदक जीता था।

पुरुषों की ट्रिपल जंप में भारत ने डबल पोडियम फिनिश हासिल की। राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक प्रवीण चित्रवेल ने 16.58 मीटर के प्रयास के साथ रजत पदक जीता, जबकि सेलवा प्रभु तिरुमरण ने 16.52 मीटर के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। वे जमैका के जॉर्डन स्कॉट के बाद दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। हालांकि, पुरुषों की पोल वॉल्ट में देव कुमार मीना 5.30 मीटर की छलांग के साथ चौथे स्थान पर रहकर मामूली अंतर से पदक चूक गए, जबकि कुलदीप कुमार 5.10 मीटर के साथ छठे स्थान पर रहे।

महिला 10,000 मीटर रेस वॉक में प्रियंका गोस्वामी ने अपने सीजन के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ सातवां स्थान हासिल किया, जबकि रवीना को डिस्क्वालीफाई कर दिया गया। इसके अलावा, भारत की मिश्रित 4x400 मीटर रिले टीम छठे स्थान पर रही।

पैरा एथलेट्स और जूडो में भी शानदार सफलता
भारत के पैरा एथलीटों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी ऐतिहासिक सफलता में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ा। सोमन राम ने पुरुषों की F57 शॉट पुट स्पर्धा में 13.40 मीटर के सीजन-बेस्ट थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। इसी स्पर्धा में शुभम जुयाल ने 13.28 मीटर के साथ रजत पदक हासिल कर भारत को वन-टू फिनिश दिलाई।

इसके साथ ही कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ पैरा स्पोर्ट्स प्रदर्शन समाप्त हुआ, जिसमें दल ने कुल 7 पदक (3 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य) जीते।

जूडो में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी ऐतिहासिक लय जारी रखी। उन्नति शर्मा ने महिलाओं के 63 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता। उन्होंने सेमीफाइनल की हार से उबरते हुए दक्षिण अफ्रीका की स्काई नोस्टर को एक मिनट से भी कम समय में इप्पोन (ippon) से हरा दिया। इस कांस्य के साथ जूडो में भारत के कुल 4 पदक हो गए हैं, जो कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

इससे पहले हर्ष सिंह और अस्मिता डे ने स्वर्ण तथा यामिनी मौर्या ने रजत पदक जीता था। हालांकि, हर्ष टोकस पुरुषों की 81 किग्रा कांस्य पदक मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के केशिन ओची से हार गए और पोडियम से चूक गए।

लॉन बाउल्स और ट्रैक साइक्लिंग में मिश्रित परिणाम
लॉन बाउल्स में भारत का अभियान समाप्त हो गया है। नवनीत सिंह और दिनेश कुमार को पुरुषों की जोड़ियों (men's pairs) के मुकाबले में इंग्लैंड के निक ब्रेट और जेमी वॉकर से टाई-ब्रेक में हार का सामना करना पड़ा। महिला एकल में नयनमोनी सैकिया भी दक्षिण अफ्रीका की ब्रिजेट हेरसेल्मैन से टाई-ब्रेक में हारकर ग्रुप सी में चौथे स्थान पर रहीं और बाहर हो गईं।

ट्रैक साइक्लिंग में भी निराशा हाथ लगी, जहां डेविड बेकहम, रोनाल्डो सिंह और रोजित सिंह पुरुषों की स्प्रिंट क्वालीफिकेशन से बाहर हो गए, जबकि दिनेश कुमार और हर्षवीर सिंह सेखों पुरुषों की 10 किमी स्क्रैच रेस क्वालीफिकेशन को पूरा नहीं कर सके। ग्लासगो में एक दिन शेष रहते भारतीय दल बॉक्सिंग के ऐतिहासिक प्रदर्शन के दम पर पदक तालिका के शीर्ष चार में मजबूती से पहुंच गया है।

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  Sports

Shubman Gill ने Sri Lanka टेस्ट ड्रॉ होने पर टीम के प्रयास को दिए पूरे 10 अंक

भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने बृहस्पतिवार को स्वीकार किया कि श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में जीत हासिल नहीं कर पाना निराशाजनक था, लेकिन उन्होंने ड्रॉ हुए इस मुकाबले में अपने खिलाड़ियों के प्रयास और इरादे को ‘10 में से 10’ अंक दिए। भारत ने चौथे दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका का स्कोर छह विकेट पर 229 रन कर दिया था। लेकिन मेजबान टीम ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए पूरा पांचवां दिन निकाल दिया और सोनल दिनुषा की नाबाद 133 रन की शानदार पारी की बदौलत मैच ड्रॉ करा लिया।

मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में गिल ने कहा, ‘‘यह काफी निराशाजनक होता है। शुरुआत में हमने काफी आक्रमण किया। लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, पिच धीमी होती गई।

ऐसा नहीं था कि गेंद बिल्कुल भी मूव नहीं कर रही थी, लेकिन जब गेंद घूम रही थी, तब विकेट लेने के मौके नहीं थे। पिच पूरी तरह सपाट भी नहीं थी। ’’ गिल ने संकेत दिया कि श्रीलंकाई बल्लेबाजों के पूरी तरह रक्षात्मक रवैये ने भारतीय गेंदबाजों के लिए विकेट हासिल करना और मुश्किल बना दिया।

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भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘जब तक आप शॉट खेलने और रन बनाने की कोशिश नहीं करते, तब तक विकेट लेना मुश्किल होता है। हमने हर संभव कोशिश की और मुझे नहीं लगता कि हमारे प्रयास में कोई कमी थी। हमारे स्पिनरों ने तीन दिनों तक लगातार 50-60 ओवर गेंदबाजी की।

’’ उन्होंने कहा, ‘‘इन परिस्थितियों में तीन दिन तक लगातार क्षेत्ररक्षण करना आसान नहीं होता। मैं प्रयास और इरादे के लिए 10 में से 10 अंक दूंगा। उन्होंने भी बहुत अच्छी बल्लेबाजी की।

’’ गिल ने कहा, ‘‘चौथे दिन हमें लगा कि हमने मौके बनाए थे। अगर थोड़ा और दबाव बनाया जाता तो विकेट मिल सकते थे और शायद नतीजा बेहतर होता। लेकिन जब तक हमारे पास विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल (डब्ल्यूटीसी) के लिए क्वालीफाई करने का मौका है, तब तक सब ठीक है।

’’ भारत के प्रमुख तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने इस टेस्ट में अपेक्षाकृत धीमी गति से गेंदबाजी की और कई बार छोटे रन-अप के साथ गेंदबाजी करते नजर आए। पहली पारी में कैच लेने की कोशिश के दौरान उनके जोर से जमीन पर गिरने के बाद उनकी चोट को लेकर भी सवाल उठे। इस पर गिल ने स्पष्ट किया कि सिराज चोटिल नहीं हैं।

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उन्होंने कहा, ‘‘सबसे पहले, सिराज चोटिल नहीं हैं। गॉल में पहले मैच में भी उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। वह आखिरी बार जून में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले थे इसलिए वह लगभग दो महीने बाद खेल रहे थे।

किसी खिलाड़ी को अपनी लय में लौटने में समय लगता है। ’’ गिल ने कहा, ‘‘ पहले टेस्ट में भी हमें लगा था कि उनकी गति कम थी, लेकिन कभी कभार जब आप ज्यादा खेलते हो तो अपनी लय वापस हासिल कर सकते हैं। लेकिन जहां तक चोट का सवाल है तो कोई चिंता की बात नहीं है।

’’ जब सिराज अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में नहीं दिखे, तब साथी तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण की जिम्मेदारी बखूबी संभाली। गिल ने उनके प्रदर्शन और प्रगति की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वह हमारे सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में रहे हैं।

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जब चीजें हमारे पक्ष में नहीं हो रही होतीं, तो खासकर इस सत्र में वह हमारे भरोसेमंद गेंदबाज रहे हैं। उन्होंने मौके बनाए हैं और कप्तान के तौर पर मैं यही चाहता हूं। जब विकेट की गारंटी नहीं हो, तब हमें ऐसे गेंदबाज की जरूरत होती है जिस पर भरोसा किया जा सके।

उन्होंने यह काम शानदार तरीके से किया। ’’ गिल को उम्मीद है कि उनकी टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ उसके मैदान पर दो टेस्ट मैच की सीरीज और उसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू मैदान पर पांच टेस्ट मैच की सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करके डब्ल्यूटीसी के फाइनल में जगह बना सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अब भी लगता है कि हमारे पास डब्ल्यूटीसी फाइनल में क्वालीफाई करने का अच्छा मौका है।

अगर हम न्यूजीलैंड सीरीज में अच्छा खेलते हैं और फिर उम्मीद के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया सीरीज तक ऐसी स्थिति में पहुंच जाते हैं जहां हमें सिर्फ सीरीज जीतनी हो तो मुझे लगता है कि हम डब्ल्यूटीसी के लिए क्वालीफाई करने की अच्छी स्थिति में होंगे।

Fri, 28 Aug 2026 09:22:23 +0530

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