Responsive Scrollable Menu

पश्चिम एशिया संकट के बीच महंगी हुई एलएनजी, भारत का आयात बिल 24 प्रतिशत बढ़कर 5.6 अरब डॉलर पहुंचा

नई दिल्ली, 26 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति शृंखला में व्यवधान के बीच भारत का तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) आयात बिल चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-जुलाई अवधि में उल्लेखनीय रूप से बढ़ गया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में भारत का एलएनजी आयात बिल 24 प्रतिशत बढ़कर 5.6 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 4.5 अरब डॉलर था।

पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ते दबाव के कारण खाड़ी देशों से ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसके चलते भारत ने अमेरिका से एलएनजी और एलपीजी की खरीद में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत ने वैकल्पिक स्रोतों की ओर रुख किया है, लेकिन इससे आयात लागत में वृद्धि हुई है।

जुलाई 2026 में भारत का एलएनजी आयात 1.2 अरब डॉलर रहा, जो जुलाई 2025 के 1.1 अरब डॉलर की तुलना में 9.1 प्रतिशत अधिक है। इसी अवधि में आयात की मात्रा भी बढ़ी और यह 2,915 मिलियन मानक घन मीटर तक पहुंच गई, जबकि एक वर्ष पहले यह 2,872 मिलियन मानक घन मीटर थी।

ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित बनाने के लिए भारत ने एलएनजी आयात स्रोतों में व्यापक विविधीकरण किया है। पहले जहां देश केवल छह देशों से एलएनजी आयात करता था, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 15 देशों तक पहुंच गई है। इसी तरह कच्चे तेल के आयात स्रोत भी 27 देशों से बढ़कर 41 देशों तक हो गए हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस रणनीति से किसी एक देश, क्षेत्र या परिवहन मार्ग पर निर्भरता कम हुई है। साथ ही भारत को आपूर्ति संबंधी व्यवधानों और वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव से निपटने की बेहतर क्षमता मिली है।

अधिकारी ने बताया कि पश्चिम एशिया संकट के कारण केवल ऊर्जा कीमतें ही नहीं बढ़ी हैं, बल्कि समुद्री परिवहन लागत में भी तेज वृद्धि हुई है। अब ऊर्जा कार्गो को लंबी दूरी तय करके भारत लाना पड़ रहा है, जिससे कुल आयात व्यय और बढ़ गया है।

एलपीजी आयात के मोर्चे पर भी अमेरिका भारत का प्रमुख आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है। केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने अगस्त में अमेरिका से लगभग 6.2 लाख टन एलपीजी आयात की, जबकि जुलाई में यह मात्रा 8.9 लाख टन थी। जुलाई और अगस्त के दौरान भारत के कुल एलपीजी आयात में अमेरिकी हिस्सेदारी 73 प्रतिशत से अधिक रही।

दिलचस्प बात यह है कि जुलाई में अमेरिका से आयातित एलपीजी की मात्रा लगभग उस रिकॉर्ड स्तर के बराबर रही, जो अक्टूबर 2025 में संयुक्त अरब अमीरात से आयात के दौरान दर्ज की गई थी। लंबे समय तक भारत का प्रमुख एलपीजी आपूर्तिकर्ता रहने वाले संयुक्त अरब अमीरात से अगस्त में आयात घटकर लगभग 1.4 लाख टन रह गया।

इसी अवधि में कतर ने भारत को लगभग 60,000 टन एलपीजी की आपूर्ति की, जबकि सऊदी अरब ने जुलाई और अगस्त दोनों महीनों में भारत को कोई एलपीजी आपूर्ति नहीं की।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Continue reading on the app

P/B Ratio क्या होता है? यह कैसे किसी शेयर की Valuation समझने करता मदद

बहुत से लोग दूसरों की देखा-देखी या सोशल मीडिया से मिली जानकारी के आधार पर Stock Market में निवेश करते हैं और अक्सर उन्हें यह नहीं पता होता कि अपने शेयर कब खरीदने या बेचने चाहिए. अगर आप भी ऐसी ही गलतियां कर रहे हैं, तो अच्छा रिटर्न पाने के लिए किसी कंपनी में निवेश करने से पहले उसकी वैल्यूएशन को समझना बहुत जरूरी है. निवेशक कंपनी की वैल्यूएशन का पता लगाने के लिए कई तरह के फाइनेंशियल रेश्यो का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें से एक P/B रेश्यो (Price-to-Book Ratio) है. अगर आप इस कॉन्सेप्ट के बारे में नहीं जानते हैं और इसके बारे में और जानना चाहते हैं, तो आपको नीचे इसके बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी. 

P/B Ratio क्या होता है?

P/B रेश्यो से किसी कंपनी के मौजूदा मार्केट शेयर प्राइस और उसके प्रति शेयर बुक वैल्यू के बीच आसानी से तुलना की जा सकती है. आसान शब्दों में कहें तो, यह बताता है कि कंपनी की बुक वैल्यू के हर एक रुपये के लिए निवेशक मार्केट में कितना पैसा दे रहे हैं. इसे एक उदाहरण से समझते हैं मान लीजिए किसी कंपनी के शेयर का प्राइस ₹200 है और उसकी प्रति शेयर बुक वैल्यू ₹100 है; ऐसे में, निवेशक कंपनी की बुक वैल्यू के ₹1 के लिए मार्केट में ₹2 दे रहे हैं.

PEG Ratio कैसे शेयर की Valuation समझने में करता है मदद?

Book Value क्या होती है?

P/B रेश्यो को समझने के लिए बुक वैल्यू को समझना जरूरी है. आसान शब्दों में, बुक वैल्यू का मतलब है कंपनी की कुल एसेट्स (संपत्ति) में से उसकी कुल लायबिलिटीज को घटाने के बाद बची हुई नेट एसेट्स जब इसे प्रति शेयर के आधार पर कैलकुलेट किया जाता है, तो इसे बुक वैल्यू पर शेयर कहा जाता है. अगर आप शेयर बाजार में निवेश करने के बारे में सोच रहे हैं, तो आपको केवल P/B रेश्यो के आधार पर यह तय नहीं करना चाहिए कि कोई शेयर सस्ता है या महंगा. आपको कंपनी के मुनाफे, ROE, कर्ज के स्तर और भविष्य में ग्रोथ की संभावनाओं जैसे फ़ैक्टर्स का भी आकलन करना चाहिए. इसके अलावा, आपको उसी सेक्टर की दूसरी कंपनियों के P/B रेश्यो पर भी विचार करना चाहिए और भविष्य में ग्रोथ के लिए कंपनी के आउटलुक का आकलन करना चाहिए.

P/B Ratio क्यों जरूरी है?

P/B रेश्यो निवेशकों को किसी कंपनी की वैल्यूएशन समझने में काफी मदद करता है. यह खास तौर पर बैंकों, फाइनेंशियल कंपनियों और ज्यादा एसेट वाले बिजनेस का एनालिसिस करते समय उपयोगी होता है. इसके अलावा, यह एक ही सेक्टर की कंपनियों की वैल्यूएशन की तुलना करने में भी मदद करता है. जहां P/E रेश्यो शेयर की मार्केट प्राइस की तुलना कंपनी की कमाई (EPS) से करता है, वहीं P/B रेश्यो मार्केट प्राइस की तुलना कंपनी की प्रति शेयर बुक वैल्यू से करता है.

Bonus Issue और Stock Split में क्या अंतर? निवेशकों के लिए समझना क्यों है जरूरी

डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है. किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले अपने सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.

Continue reading on the app

  Sports

Indian bowlers हुए बेअसर, Dinusha के शतक ने 2-0 का सपना तोड़ा, फिर भी Series भारत के नाम

कोलंबो में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में सोनल दिनुशा भारत और श्रीलंका के बीच निर्णायक साबित हुए। उन्होंने 264 गेंदों पर नाबाद 133 रन की पारी खेलकर अपनी टीम को कड़े मुकाबले के बाद ड्रॉ दिलाने में मदद की। पहली पारी में 213 रनों की बड़ी बढ़त हासिल करने के बाद, भारत को उम्मीद थी कि वे आखिरी दिन 2-0 से सीरीज़ जीत लेंगे। लेकिन दिनुशा ने एक बार फिर शानदार और दृढ़ खेल दिखाते हुए मेजबान टीम को रोके रखा। उन्होंने श्रीलंका की कुल बढ़त को 216 तक पहुँचाया, जिसके बाद मेजबान टीम ने पारी घोषित कर दी और दोनों टीमों ने हाथ मिलाए।
 

इसे भी पढ़ें: India A महिला टीम की कमान यस्तिका और अनुष्का को मिली, BCCI ने की घोषणा


जब दोनों टीमें पॉइंट्स बांटने पर सहमत हुईं, तब श्रीलंका का स्कोर 429/9 था। भारत ने पिछले हफ़्ते गाले में खेले गए पहले टेस्ट में शानदार जीत के साथ दो मैचों की सीरीज़ 1-0 से अपने नाम कर ली थी। दिनुशा का यह शतक सीरीज़ में उनका तीसरा शतक था। उन्होंने इस टेस्ट की पहली पारी में 103 रन बनाए थे और गाले में खेले गए सीरीज़ के पहले मैच में अपना पहला शतक लगाया था। 229/6 के स्कोर से आगे खेलते हुए, दिनुशा और केशरा नुवान्था ने पांचवें दिन की पिच पर भारतीय गेंदबाज़ों को परेशान किया। इस जोड़ी ने सातवें विकेट के लिए 112 रन जोड़े, जिसमें नुवान्था ने 46 रन का योगदान दिया। चौथे दिन फ़ॉलो-ऑन के लिए मजबूर होने के बाद श्रीलंका ने इस तरह से संघर्ष किया।

भारत के मानव सुथार सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ रहे; उन्होंने 41 ओवर में 121 रन देकर 3 विकेट लिए, जबकि रवींद्र जडेजा ने 38.3 ओवर में 94 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। पहली पारी के बाद भारत की मज़बूत स्थिति के बावजूद, श्रीलंका ने दूसरी पारी में डटकर मुकाबला किया, जिससे दूसरा टेस्ट ड्रॉ पर खत्म हुआ और सीरीज़ बराबरी पर छूटी। श्रीलंका ने दिन की शुरुआत छह विकेट पर 229 रन और महज 16 रन की बढ़त के साथ की थी। भारतीय टीम को उम्मीद थी कि वे श्रीलंका के बाकी बल्लेबाजों को जल्द समेट देंगे लेकिन दिनुशा और नुवांता मेहमान टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। दोनों ने सुबह के सत्र में 100 रन जोड़े और भारतीय गेंदबाजों को सफलता से महरूम रखा।

भारतीय गेंदबाजों को एक बार फिर निचले क्रम के बल्लेबाजों के खिलाफ विकेट चटकाने के लिए जूझना पड़ा। तेज गेंदबाजों ने शॉर्ट गेंद और लेग साइड पर गेंदबाजी की रणनीति अपनाने की कोशिश की लेकिन वे पूरे सत्र में बेअसर ही नजर आए। स्पिनरों मानव सुथार, सारांश जैन और रविंद्र जडेजा को कुछ मौकों पर टर्न और उछाल मिला लेकिन वे श्रीलंका की पारी को समेटने में नाकाम रहे। श्रीलंका की पहली पारी में 290 रन के दौरान भी उसके अंतिम तीन विकेटों ने मिलकर 45 ओवर बल्लेबाजी की थी और 117 रन जोड़े थे। पहली पारी में 103 रन बनाने वाले दिनुशा मौजूदा श्रृंखला में भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द साबित हुए। उन्होंने चार पारियों में तीन शतक और एक अर्धशतक जड़कर भारतीय गेंदबाजों को काफी परेशान किया। उन्होंने पहले टेस्ट में भी 100 और 84 रन बनाए थे। पच्चीस वर्षीय दिनुशा ने जडेजा की गेंद पर एक रन के साथ 99 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। 
 

इसे भी पढ़ें: SL vs IND Test: Sonal Dinusha का शानदार शतक, श्रीलंका के निचले क्रम ने किया गजब का संघर्ष


हालांकि लंच के बाद सत्र की शुरुआत में सुथार ने नुवांता का विकेट निकालकर यह साझेदारी तोड़ी। सुथार की गेंद ने नुवांता के बल्ले का किनारा लिया और स्लिप में ध्रुव जुरेल ने कैच लपक लिया। जडेजा ने इसके बाद प्रभात जयसूर्या (02) को भी स्लिप में जुरेल के हाथों कैच कराया। लेकिन इसके बाद भारतीय टीम को लाहिरू कुमारा के रूप में एक और जुझारू श्रीलंकाई बल्लेबाज का सामना करना पड़ा। दिनुशा और कुमारा ने 28 से अधिक ओवरों तक भारतीय गेंदबाजों को सफलता हासिल नहीं करने दी। जडेजा ने अंतत: कुमारा को शॉर्ट लेग पर यशस्वी जायसवाल के हाथों कैच कराके इस साझेदारी को तोड़ा। दिनुशा ने इससे पहले अंतिम सत्र की मोहम्मद सिराज की पहली ही गेंद को मिडविकेट पर दो रन के लिए खेलकर 196 गेंद में मौजूदा श्रृंखला का अपना तीसरा शतक पूरा किया। कप्तान गिल ने अंतिम विकेट की तलाश में स्वयं गेंदबाजी करने के अलावा जायसवाल और जुरेल को भी गेंद सौंपी लेकिन सफलता नहीं मिली।
 
For more updates and in-depth coverage on cricket, visit Cricket News in Hindi at Prabhasakshi.
Thu, 27 Aug 2026 18:35:00 +0530

  Videos
See all

Neapl VIral VIdeo: अम्मा को बचाने पहुंचा Bulldozer , वीडियो वायरल | #viralvideo #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-27T13:47:24+00:00

सरकार को ड्राइवर्स की बात भी सुननी चाहिए | Sanjay Raut | #shorts #trending #maharashtra #viralvideo #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-27T13:46:18+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers