Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन पर बहन को भूलकर भी न दें ये 3 गिफ्ट, जानें इसका कारण
Raksha Bandhan 2026: राखी का त्योहार नजदीक है. इस साल 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है. इस पर्व पर जब बहने अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है तो भाई उन्हें उपहार देते हैं. यह त्योहार हिंदूओं द्वारा मनाया जाता है. रक्षाबंधन के दिन यह परंपरा निभाई जाती है और वर्षों से मानी जा रही है. पहले के समय में भाई बहनों को उपहार या फिर पैसे देते थे. मगर आजकल भाई बहनों को गिफ्ट्स देने लगे हैं. गिफ्ट देने में कोई बुराई नहीं है लेकिन तोहफा देते समय हमें कुछ नियमों का पालन करना चाहिए. गलत गिफ्ट देने के चलते जीवन में नकारात्मकता आ सकती है और भाई-बहन के रिश्तों में मुश्किलें आ सकती हैं. आइए जानते हैं रक्षाबंधन पर कौन-कौन से तोहफे नहीं दिए जाने चाहिए.
रक्षाबंधन पर बहन को बिल्कुल न दें ये उपहार
1.उपहार में कभी न दें घड़ी
घड़ी कभी भी तोहफे में नहीं दी जाती है. इसे अक्सर लोग अच्छे विकल्प के रूप में देखते हैं. रक्षाबंधन पर अपनी बहन को घड़ी देने वाले हैं तो ऐसा करने से बचें. घड़ी गिफ्ट करने से वास्तु दोष लगता है और ज्योतिष की दृष्टि से सही नहीं माना जाता है. घड़ी उपहार में देने से समय, ऊर्जा और भाग्य के आदान-प्रदान से संबंधित माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि यदि किसी का बुरा समय चल रहा है तो ऐसे में अब घड़ी को उपहार में देने से ये भी ट्रांसफर हो सकता है. इसलिए, घड़ी को उपहार में नहीं देना चाहिए.
2.जूते तोहफे में न दें
तोहफे की बात करें तो जूते या फिर फुटवियर भी बेस्ट ऑपशन माने जाते हैं. अगर आप अपनी बहन को रक्षाबंधन पर जूते-चप्पल गिफ्ट करने का प्लान कर रहे हैं तो ऐसा न करें. इन चीजों का ज्योतिषीय संबंध शनि ग्रह से होता है. इसलिए, आपको जूते या फुटवियर बहन को गिफ्ट में देने से बचना चाहिए. इस प्रकार के उपहार देने से वह व्यक्ति जीवन से दूर हो जाता है. इसलिए, इन्हें नहीं दिया जाना चाहिए.
3.इत्र या परफ्यूम न दें
वास्तु शास्त्र के अनुसार, हमें परफ्यूम भी किसी को नहीं देना चाहिए. इसका संबंध शुक्र ग्रह से होत है. शुक्र ग्रह प्रेम, वैभव, सौंदर्य और भोग-विलास का कारक होता है. इसलिए, रक्षाबंधन पर बहन को परफ्यूम या फिर इत्र नहीं देना चाहिए. परफ्यूम देने से धन-धान्य, आकर्षण और रिश्तों में असंतुलन आ सकता है. ऐसे में आप चाहे तो बहन को राखी पर कपड़े या फिर उसकी पसंद का तोफहा दे सकते हैं.
4.धारदार चीजें
रक्षाबंधन पर बहन को धारदार चीजें जैसे कैंची, चाकु या फिर कोई नुकीली चीज नहीं देनी चाहिए. नुकीली चीजों को तोहफे में देने से रिश्तों में तनाव और दूरियां आ सकती है.
5.काली चीजें
इन सभी चीजों के अलावा, भाइयों को रक्षाबंधन पर बहन को कोई भी काली चीज यानी काले वस्त्र या काले रंग के सामान गिफ्ट नहीं करने चाहिए. काले रंग को वास्तु और ज्योतिष में अशुभ माना जाता है. इससे अशुभ और नकारात्मकता ऊर्जाएं आकर्षित होती है. ये रिश्तों में कड़वाहट आ जाती है.
तो बहन को तोहफे में क्या दें?
- रक्षाबंधन पर बहन को नए कपड़े देना सबसे उत्तम माना जाता है. बहन को लाल, पीला या हरा रंग का वस्त्र देना चाहिए.
- आप बहनों को चांदी के आभूषण और सिक्के दे सकते हैं.
- रक्षाबंधन पर कलम, डायरी और पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी कोई चीज तोहफे में दे सकते हैं.
- इसके अलावा, आप बहन को शगुन के रूप में धन भी दे सकते हैं.
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बंद कमरे में BJP-SAD की बड़ी डील! 45 बनाम 55 सीटों पर अटका गठबंधन...
पंजाब की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. दरअसल, राज्य में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में यहां भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के बीच फिर गठबंधन खबरें आ रही हैं. हालांकि अभी किसी पार्टी ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं और यह नहीं बताया है कि कौन कितनी सीट पर चुनावी अखाड़े में होगा?
बता दें दोनों पार्टियों के बीच पहले भी गठबंधन हो चुका है. इस बार वह फिर एक साथ आ सकते हैं. सूत्रों की मानें तो दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत चल रही है लेकिन आंकड़ों पर अभी सहमति नहीं बन पाई है.
VIDEO | Chandigarh: On BJP announcing it will contest all 117 seats in the Assembly elections, Punjab Congress President Amarinder Singh Raja Warring says, "Prime Minister Modi met Sukhbir Singh Badal, after which reports started emerging that the two want to reach an… pic.twitter.com/rHHj7hLh2o
— Press Trust of India (@PTI_News) August 25, 2026
आखिर विवाद किस बात पर अटका है?
सूत्रों के मुताबिक BJP-SAD के बीच अभी बातचीत चल रही है. बताया जा रहा है कि बीजेपी इस बार गठबंधन में 55 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग कर रही है. वहीं, दूसरी तरफ अकाली दल फिलहाल बीजेपी को सिर्फ 45 सीटें देने को तैयार बताया जा रहा है. राजनीतिक जानकारों की मानें तो यही 10 सीटों का फासला दोनों पार्टियों के बीच बातचीत को अटकाए हुए है. गौरतलब है कि पंजाब में कुल 117 विधानसभा सीटें हैं ऐसे में यह आंकड़ों की लड़ाई सीधे तौर पर यह तय करेगी कि आने वाले चुनाव में किस पार्टी की जमीन कितनी मजबूत रहेगी और किसकी कमजोर होगी.
क्या यह पहली बार है जब दोनों पार्टियां साथ आ रही हैं?
यह पहली बार नहीं है जब दोनों पार्टियां साथ आ रही हैं. पुराने चुनावों पर नजर डालें तो बीजेपी और अकाली दल लंबे समय तक NDA में एक-दूसरे की सबसे पुरानी सहयोगी रही हैं. यहां बता दें कि साल 2020 में तीन कृषि कानूनों के मुद्दे पर दोनों पार्टियों में मतभेद हो गया था. जिसके बाद दोनों ने एक-दूसरे से दूरियां बना ली थीं. अब 2027 विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही दोनों की नजदीकियां बढ़ने लगी हैं. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि लगभग सात साल बाद फिर से दोनों के करीब आने की अटकलें लग रही हैं।
पुराना फॉर्मूला क्या था?
गठबंधन टूटने से पहले दोनों दलों के बीच जो समझौता चलता था. एक रिपोर्ट के मुताबिक उसमें बीजेपी को छोटे भाई की भूमिका में रखा गया था. रानीतिक जानकार कहते हैं कि उस पुराने ढांचे के तहत बीजेपी करीब 23 सीटों पर ही चुनाव लड़ती थी जबकि बाकी करीब 94 सीटों पर अकाली दल अपने उम्मीदवार उतारता था. लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और बीजेपी इस बार खुद को कहीं ज्यादा मजबूत स्थिति में देख रही है. ऐसे में वह अब पुराने अनुपात से कहीं ज्यादा सीटों पर अपनी दावेदारी कर रही है.
BJP will contest all 117 seats in Punjab: BL Santosh amid speculation over alliance with SAD
— ANI Digital (@ani_digital) August 24, 2026
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