Kanpur Nagar Nigam में वसूली और ठेका हेराफेरी पर 2 गिरफ्तार, 6 केस दर्ज
उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर निगम में कथित जबरन वसूली और ठेकों में हेराफेरी करने वाले रैकेट के खिलाफ शुरू की गई कार्रवाई के तहत छह मुकदमे दर्ज किए गए हैं और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि रैकेट का कथित सरगना गोविंद शर्मा अब भी फरार है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि नगर निगम की शिकायतों के आधार पर स्वरूप नगर थाने में पांच मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि छठा मुकदमा ठेकेदार सनी सिंह भदौरिया की शिकायत पर फजलगंज थाने में दर्ज किया गया है।
लाल ने पीटीआई-को बताया, ‘‘शर्मा पर ठेकेदारों संदीप जैन और रज्जन तिवारी के साथ मिलकर ठेकेदारों से जबरन वसूली करने और उन्हें धमकाने का आरोप है। जैन और तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि शर्मा फरार है। पहले मध्य प्रदेश और बाद में राजस्थान में उसकी मौजूदगी का पता चला था।’’ पुलिस के अनुसार, शर्मा कथित तौर पर नगर निगम के ठेकेदारों का एक नेटवर्क चलाता था और नगर निगम के कामों के आवंटन को प्रभावित करता था।
सूत्रों के मुताबिक, वह कथित तौर पर ठेकेदारों से 85 प्रतिशत रकम पहले ही मांगता था और ठेकों के आवंटन में हेराफेरी के लिए लॉटरी आधारित ड्रॉ का इस्तेमाल करता था। लाल ने कहा, ‘‘मामला सामने आने के बाद करीब 100 करोड़ रुपये की निविदाएं रद्द कर दी गई हैं और इनके लिए दोबारा निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी।’’ उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के आदेश पर की गई जांच के बाद शुरू की गई। एक अधिकारी ने बताया कि एक टीम ने निविदा फाइलों, आधिकारिक रिकॉर्ड और उन ठेकेदारों के काम की जांच की, जिन पर नगर निगम में दबाव बनाने का आरोप था।
लाल ने पुष्टि की कि कुछ समय से चल रही इस जांच में उस समय तेजी आई, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान नगर निगम में कथित अनियमितताओं को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई। लाल ने बताया कि मंगलवार को अपर पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) अर्चना सिंह की अगुवाई में आठ सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन भी किया गया है। यह दल उन लोगों की पहचान करेगा, जिन्होंने कथित तौर पर ठेकेदारों को धमकाने या निविदा प्रक्रिया को प्रभावित करने में आरोपियों की मदद की होगी।
Haiti Attack: हथियारबंद गिरोह ने 47 लोगों को मारा, 50 से अधिक का अपहरण
हैती की राजधानी के पास एक इलाके में हथियारबंद लोगों ने हमला कर कम से कम 47 लोगों की हत्या कर दी और 50 से अधिक लोगों का अपहरण कर लिया। संयुक्त राष्ट्र ने मंगलवार को यह जानकारी दी। माना जा रहा है कि हाल के वर्षों में हैती में हुई सामूहिक अपहरण की यह सबसे बड़ी घटनाओं में से एक है।
एक गिरोह के सरगना ने धमकी दी है कि अगर अधिकारियों ने इलाके को सुरक्षित करने की कार्रवाई के दौरान उसके गिरोह के किसी सदस्य को नुकसान पहुंचाया तो वह बंधकों की हत्या कर देगा। रविवार को पोर्ट-ओ-प्रिंस के पास पहाड़ियों में बसे केन्सकॉफ इलाके पर हुए इस हमले ने उस धारणा को झटका दिया है कि हिंसा से जूझ रहे इस कैरेबियाई देश में सुरक्षा स्थिति सुधर रही है। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में गिरोह के सरगना ने हैती की राष्ट्रीय पुलिस के निदेशक व्लादिमीर पैराइसन को धमकी दी और इलाके में गिरोहों को खदेड़ने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल नहीं करने की चेतावनी दी।
गिरोह के इस सदस्य ने अपनी पहचान केवल ‘इजो 2’ के रूप में बताई। यह नाम ‘इजो’ या जॉनसन आंद्रे के संदर्भ में है, जो हैती के सबसे ताकतवर गिरोह सदस्यों में से एक है। अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ वैश्विक पहल में हैती ऑब्जर्वेटरी के प्रमुख रोमेन ले कूर ने कहा, ‘‘यह हमला सरकार और पुलिस को संदेश है कि सुरक्षा को लेकर उनके दावे हकीकत से मेल नहीं खाते।
गिरोह यह कह रहे हैं कि वे जब हमला करना चाहेंगे, कर सकते हैं और सफल भी होंगे।’’ हैती में संयुक्त राष्ट्र एकीकृत कार्यालय (बिनुह) के अनुसार, मारे गए 47 लोगों में कम से कम पांच बच्चे थे।
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