दिल्ली की महिलाओं को बड़ा तोहफा, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कल जारी करेंगी लक्ष्मी योजना की पहली किस्त
Delhi CM Rekha Gupta: दिल्ली की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में कल एक बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कल दिल्ली के प्रसिद्ध तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित होने वाले एक विशेष और भव्य समारोह में लक्ष्मी योजना की पहली किस्त जारी करेंगी. यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होगा, जिसमें राजधानी भर से हजारों महिलाएं शामिल होंगी. चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादे को धरातल पर उतारते हुए दिल्ली सरकार इस योजना के जरिए लाखों परिवारों के जीवन में नया सवेरा लाने की तैयारी में है.
पहले चरण में हजारों महिलाओं को सीधा लाभ
कल आयोजित होने वाले इस बड़े कार्यक्रम के दौरान लगभग 2500 महिलाओं को योजना की पहली किस्त सौंपी जाएगी. लक्ष्मी योजना को लेकर राजधानी की महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और यही वजह है कि अब तक 6 लाख से भी ज्यादा महिलाएं इस योजना में अपना पंजीकरण करा चुकी हैं. यह योजना सिर्फ एक आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि हर महीने मिलने वाला 2500 रुपये का यह संबल घर के बजट को सहारा देगा, बेटियों की पढ़ाई और सपनों को हौसला देगा तथा महिलाओं को अपने फैसले खुद लेने का आत्मविश्वास भी प्रदान करेगा.
भुगतान और बचत के लिए दो अनोखे विकल्प
दिल्ली सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को वित्तीय रूप से साक्षर और आत्मनिर्भर बनाने के लिए भुगतान प्रक्रिया में दो बेहतरीन विकल्प पेश किए हैं. पहले विकल्प के तहत 1500 रुपये महिला लाभार्थी के बैंक खाते में आरडी या एफडी के रूप में जमा किए जाएंगे, जो 31 जुलाई 2029 तक लॉक रहेंगे ताकि एक बड़ी बचत तैयार हो सके. इसके साथ ही 1000 रुपये सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी यानी सीबीडीसी वॉलेट में दिए जाएंगे, जिसे दैनिक खर्चों में इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं दूसरे विकल्प के रूप में लाभार्थी महिला चाहे तो पूरी 2500 रुपये की धनराशि सीधे अपने आरडी या एफडी खाते में सुरक्षित रख सकती है.
योजना के लिए तय की गई जरूरी पात्रता
लक्ष्मी योजना का लाभ सही और जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचे, इसके लिए सरकार ने स्पष्ट नियम तय किए हैं. इस योजना के लिए आवेदन करने वाली महिला की उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए. इसके साथ ही परिवार की कुल सालाना आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. आवेदक महिला या उसके परिवार का पिछले 10 साल से दिल्ली में निवास करना अनिवार्य है. आवेदन प्रक्रिया के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, आय प्रमाण पत्र, दिल्ली का मतदाता पहचान पत्र और आधार से जुड़ा बैंक खाता होना आवश्यक बनाया गया है.
इन नियमों के तहत कुछ लोगों को नहीं मिलेगा लाभ
योजना की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कुछ कड़े नियम भी लागू किए गए हैं ताकि अपात्र लोग इसका गलत फायदा न उठा सकें. सरकारी नौकरी करने वाले परिवार, आयकर दाता, जीएसटी दाखिल करने वाले कारोबारी और चार पहिया वाहन रखने वाले परिवारों को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है. इसके अलावा जिन परिवारों में सालाना 2400 यूनिट से ज्यादा बिजली की खपत होती है या जिन महिलाओं के 3 से अधिक जीवित बच्चे हैं, वे इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगी. सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि गलत जानकारी देकर लाभ लेने वालों से पूरी रकम वसूली जाएगी और उन पर कानूनी कार्रवाई भी होगी.
बजट में 5110 करोड़ का बड़ा प्रावधान
दिल्ली सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 5110 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि का प्रावधान किया है. आने वाले समय में राजधानी की लगभग 17 लाख से अधिक पात्र महिलाओं को इस योजना के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार का मानना है कि नियमित आर्थिक मदद से महिलाओं की सामाजिक और पारिवारिक स्थिति मजबूत होगी, जिससे पूरी दिल्ली के सामाजिक विकास को एक नई गति मिलेगी. कल तालकटोरा स्टेडियम से शुरू होने वाला यह सफर दिल्ली की नारी शक्ति को एक नई पहचान और आत्मनिर्भरता देने जा रहा है.
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डॉक्टरों की राय: स्वाइन फ्लू से घबराने की जरूरत नहीं, सावधानी बरतना जरूरी
नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। देश में एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर चिंता के बीच डॉक्टरों ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वाइन फ्लू संक्रमण खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए अधिक परेशानी पैदा कर सकता है। ऐसे में लक्षण दिखाई देते ही चिकित्सकीय सलाह लेना और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतना जरूरी है।
यथार्थ हॉस्पिटल के डॉ. अनिल गोम्बर ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू चिंता का विषय हो सकता है, क्योंकि यह बच्चों में अधिक आसानी से फैल सकता है। बच्चे आपस में करीबी संपर्क में रहते हैं, इसलिए उनमें संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। यह संक्रमण ड्रॉपलेट्स और हवा के जरिए फैल सकता है और बच्चों के बीच तेजी से फैलने की संभावना रहती है। खासतौर पर उन बच्चों में जो पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे हैं, उनका विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। बुजुर्गों को भी सावधानी बरतनी चाहिए। खासकर डायबिटीज और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से पीड़ित तथा कम चलने-फिरने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे लोगों को संक्रमण होने की स्थिति में खुद को अन्य लोगों से अलग रखना चाहिए।
डॉ. गोम्बर ने स्वाइन फ्लू के लक्षणों के बारे में बताया कि इसमें बुखार, गले में खराश, सूखी खांसी, तेज बुखार, छींक आना और आंखों से पानी आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ लोगों को सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। इसके अलावा शरीर में कमजोरी और थकान महसूस होना भी इसके लक्षणों में शामिल है।
उन्होंने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि संक्रमण की स्थिति में कुछ दिनों तक खुद को अलग रखना चाहिए और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लेनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर एंटीवायरल दवाओं का इस्तेमाल भी चिकित्सकीय सलाह से किया जा सकता है। स्वाइन फ्लू को लेकर लोगों में काफी डर और घबराहट होती थी और गंभीर मामलों में कई लोगों की मौत भी हो जाती थी। हालांकि, अब मेडिकल साइंस काफी आगे बढ़ चुकी है। लोगों को पैनिक होने की जरूरत नहीं है। समय पर जांच और उचित इलाज से स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने फ्लू वैक्सीन लगवाने की भी सलाह दी।
दूसरी ओर, स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी के बीच राजधानी दिल्ली के अस्पतालों ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए आइसोलेशन की व्यवस्था की गई है।
डॉ. सत्यजीत कुमार ने अस्पताल की तैयारियों के बारे में बताया कि इमरजेंसी वार्ड में सात बेड हैं, जिनमें पांच एचडीयू बेड और दो वेंटिलेटर बेड शामिल हैं। अगर किसी मरीज को इमरजेंसी बेड की जरूरत होती है तो उसे यहां लाकर जांच और इलाज किया जाता है। मरीज के लक्षणों के आधार पर उसे आगे संबंधित वार्ड में शिफ्ट किया जाता है।
डॉ. सत्यजीत कुमार ने भी लोगों से पैनिक नहीं करने की अपील की। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर कुछ सामान्य सावधानियों का ध्यान रखा जाए तो संक्रमण से बचाव किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि खांसी होने पर मुंह और नाक को रुमाल या मास्क से ढकना चाहिए। जरूरत पड़ने पर मरीज घर पर भी खुद को आइसोलेट कर सकता है, ताकि संक्रमण दूसरे लोगों तक न फैले। सामान्य सर्दी-जुकाम भी बहुत से लोगों को हो सकता है। अगर गला खराब हो रहा है तो पर्याप्त मात्रा में गर्म पानी पीना राहत दे सकता है। हालांकि, लक्षण गंभीर होने या लगातार बने रहने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
--आईएएनएस
डीकेएम/डीकेपी
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