Indonesia Forest Fire: बारिश के लिए 3000 लोगों ने पढ़ी विशेष नमाज
इंडोनेशिया के दक्षिण सुमात्रा प्रांत में जंगलों और दलदली भूमि में धधक रही भीषण आग के बीच मंगलवार को पालेम्बांग में करीब 3,000 मुसलमानों ने विशेष नमाज ‘सलात- उल इस्तिस्का’ अदा की और बारिश के लिए दुआ मांगी। वनाग्नि ने बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया है। घने धुएं से ढके कई शहरों में लोगों का सांस लेना तक मुश्किल हो गया है।
पर्यावरण मंत्रालय के ताजा उपग्रह आधारित आंकड़ों के अनुसार दक्षिण सुमात्रा में ऐसी 1,429 जगहों की पहचान की गई जहां वनाग्नि धधक रही है। यह देश के किसी भी प्रांत में सबसे अधिक है। इसके बाद पश्चिम कालीमंतन में 1,226 और मध्य कालीमंतन में 811 स्थानों पर आग के संकेत मिले हैं।
वन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अकेले जुलाई में करीब 940 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र आग की चपेट में आया गया जिसमें दक्षिण सुमात्रा का 20 वर्ग किलोमीटर से अधिक इलाका शामिल है। दक्षिण सुमात्रा की राजधानी पालेम्बांग में करीब 3,000 लोग बारिश के लिए विशेष नमाज अदा करने के लिए जुटे। गवर्नर कार्यालय के परिसर में लोगों ने कंधे से कंधा मिलाकर नमाज पढ़ी।
इस दौरान घने धुएं ने सड़कों, इमारतों और सार्वजनिक स्थानों को अपने आगोश में ले रखा था। दृश्यता इतनी कम हो गई थी कि वाहन चालकों को दिन में भी गाड़ियों की हेडलाइट जलाकर चलना पड़ रहा था। नमाज से पहले दक्षिण सुमात्रा के गवर्नर हरमन देरू ने कहा, “हमने अपनी ओर से हर संभव प्रयास किया है और सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम किया है।
हम ईश्वर से बारिश की दुआ भी कर रहे हैं, ताकि जनजीवन फिर सामान्य हो सके।” राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, अल नीनो के मजबूत होते प्रभाव और लंबे समय से जारी सूखे के कारण आग और भड़क रही है। इससे उठने वाला घना धुआं पड़ोसी देशों मलेशिया और ब्रुनेई तक पहुंच गया है। आग पर काबू पाने के लिए इंडोनेशिया ने बारिश कराने के प्रयास भी तेज कर दिए हैं जिसके तहत अनुकूल बादलों में नमक के कणों का छिड़काव कर कृत्रिम बारिश कराने की कोशिश की जा रही है।
कालीमंतन में बादलों में नमक के कणों के छिड़काव और आग बुझाने के लिए पानी गिराने के अभियानों में 30 विमान लगाए गए हैं, जबकि सुमात्रा में 22 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। इंडोनेशिया की पुलिस ने जंगलों और दलदली भूमि में लगी आग के मामले में 72 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को आशंका है कि आग लगाने में इनकी भूमिका हो सकती है।
इसके अलावा, चार कंपनियों के खिलाफ भी जांच की जा रही है। इन कंपनियों पर कम खर्च में जमीन सफाई करने के लिए आग लगाने का आरोप है।
इस स्कूटर की तरफ नहीं देख रहे ग्राहक, कहने को देश का नंबर-1 मॉडल; 3 महीने में सिर्फ 3 यूनिट बिकीं
जब बात एक्टिवा की देश के बाहर एक्सपोर्ट होने की होती है तब ये स्कूटर दूसरे कई मॉडल से पिछड़ जाता है। दरअसल, एक्टिवा की Q2 2026 (अप्रैल से जून) 5250 यूनिट एक्सपोर्ट हुईं। वहीं, एक्सपोर्ट टू-व्हीलर्स की लिस्ट में ये 38वें नंबर पर रहा। हालांकि, एक्टिवा ई की एक्सपोर्ट सेल्स इससे भी खराब रही।
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