Yogi Adityanath ने Ajay Rai पर साधा निशाना, सावन में मछली भोज पर बढ़ा सियासी विवाद
सावन के दौरान अयोध्या में निषाद समाज की एक बैठक में मछली पकाए जाने का कथित वीडियो सामने आने के बाद सियासी विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय पर श्रावण मास में मछली भोज में शामिल होने का आरोप लगाया, वहीं राय ने आरोप साबित होने पर इस्तीफा देने की बात कही। अयोध्या में रविवार को निषाद समाज ने राय के स्वागत में एक बैठक आयोजित की थी।
आरोप है कि कार्यक्रम स्थल पर मछली पकाई गई, जिससे विवाद बढ़ गया, क्योंकि श्रावण मास में कई लोग धार्मिक कारणों से मांसाहार से परहेज करते हैं। राय हनुमानगढ़ी में हनुमान चालीसा का पाठ और राम मंदिर के दर्शन करने के बाद कार्यक्रम में पहुंचे थे। योगी ने रायबरेली में एक कार्यक्रम में राय के आचरण को लेकर तीखी टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि राय हनुमानगढ़ी में दर्शन के बाद बाहर आकर ‘मछली की दावत’ उड़ाते हैं और फिर राम-राम चिल्लाते हैं। दूसरी ओर, राय ने कहा कि अगर कोई ऐसी फोटो या वीडियो है, जिसमें वह मछली खाते हुए दिखाई दे रहे हैं, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रमाण मिलने पर वह माफी मांगकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देंगे, लेकिन सबूत नहीं होने पर मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
उत्तर प्रदेश के मत्स्य पालन मंत्री संजय निषाद ने कहा कि मछली पकड़ना निषाद समुदाय की परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस तरह की राजनीति के जरिये समुदाय को फंसाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि कार्यक्रम के मेजबान निषाद समाज के लोग थे और उनकी खानपान की अपनी परंपराएं हैं।
उन्होंने दावा किया कि राय शाकाहारी हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस पर ‘सनातन का अपमान’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने पार्टी से संत समाज और देशवासियों से माफी मांगने की मांग की।
रायबरेली की सभा में योगी ने बिना नाम लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के भाई अवधेश राय की हत्या का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अजय राय ने अपने भाई की हत्या के आरोपी माफिया के खिलाफ गवाही नहीं दी। अवधेश राय की 1990 के दशक में वाराणसी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और मामले में मुख्तार अंसारी पर आरोप लगा था।
अयोध्या में कांग्रेस का कार्यक्रम निषाद समुदाय के स्थानीय नेता राम निहाल निषाद ने आयोजित किया था, जिनका परिवार पारंपरिक रूप से मछली के व्यापार से जुड़ा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि राम निहाल निषाद कुछ समय पहले तक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य थे और लगभग दो महीने पहले कांग्रेस में शामिल हुए थे। इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए राम निहाल निषाद ने कहा, ‘‘मछली पकड़ना और बेचना हमारा पारंपरिक व्यवसाय है और हमारी आजीविका मछली पर ही निर्भर है।
सबसे बड़ी बात यह है कि भारत के संविधान में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि सावन के महीने में मछली नहीं खाई जा सकती।’’ राम निहाल निषाद ने कहा, ‘‘इससे पहले, 11 अगस्त को उत्तर प्रदेश सरकार के मत्स्य मंत्री संजय निषाद ने मछली को शाकाहारी बताया था। उन्होंने कहा था कि अगर मछली बिना लहसुन-प्याज के बनाई जाए, तो वह शाकाहारी होती है। मछली, धनुष और बाण के साथ उत्तर प्रदेश सरकार और भारत के संविधान, दोनों के ही प्रतीक चिह्नों में शामिल है।
यह निषाद समुदाय का भी प्रतीक है और हमें इस पर गर्व है।’’ सोमवार को रायबरेली में एक अन्य कार्यक्रम में, योगी आदित्यनाथ ने इस विवाद के सिलसिले में यह कहते हुए कांग्रेस पर फिर निशाना साधा कि पार्टी के लिए ‘मुंह में राम, बगल में छुरी’ है। उन्होंने कांग्रेस पर भगवान राम के अस्तित्व पर पहले सवाल उठाने का भी आरोप लगाया और कहा कि अयोध्या में उनके नेताओं का व्यवहार देश-दुनिया ने देखा है। आदित्यनाथ ने कहा कि विपक्षी दलों ने भगवान कृष्ण के अस्तित्व पर भी सवाल उठाए थे, लेकिन अब वे राम मंदिर के भव्य निर्माण को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।
निषाद पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के मत्स्य पालन मंत्री संजय निषाद ने कहा कि कांग्रेस को यह साफ करना चाहिए कि वह पुजारी बनना चाहती है या मछली खाने वाली। मंत्री ने कहा कि मछली खाना निषाद समुदाय की परंपरा का हिस्सा है। हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ऐसी राजनीति के जरिये समुदाय को फंसाने की कोशिश कर रही है।
निषाद ने कहा, निषाद समुदाय इस जाल में फंसने वाला नहीं है। कांग्रेस को साफ करना चाहिए कि वह पुजारी है या क्या है। उन्होंने कहा कि असली मुद्दे ये हैं कि निषाद समुदाय को गरीब किसने बनाया, किसकी जमीन छीनी गई और बच्चों की शिक्षा और नौकरी जैसे मामले असल मुद्दे हैं।
इस बीच, कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि भाजपा को अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा श्रावण मास में मांसाहारी भोजन किए जाने से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए क्योंकि मांसाहार करते हुए उनके वीडियो सामने आए थे। उन्होंने कहा, ‘‘जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उनका अभी तक कोई सबूत नहीं है। क्या हमारी वहां पर बैठकर मछली खाते हुए कोई तस्वीर है?
क्या अजय राय की कोई तस्वीर है? गौतम ने कहा कि मछली पकड़ना और खाना केवट, मल्लाह, कश्यप, धीमर और निषाद जैसे समुदायों के खान-पान का पारंपरिक हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘क्या खाना है और क्या नहीं, यह भाजपा तय नहीं करेगी।
संविधान ने सभी को यह अधिकार दिया है। भाजपा मल्लाह समुदाय का अपमान कर रही है।
Himachal Assembly में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत पर विवाद खत्म, Speaker ने दिया फैसला
(फोटो के साथ) शिमला, 24 अगस्त हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सोमवार को मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही तीखी बहस, नारेबाजी और भाजपा विधायकों के बहिर्गमन के बीच चली। वहीं, राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध विधानसभा अध्यक्ष के फैसले के बाद खत्म हो गया। भाजपा विधायक सदन में राष्ट्रगीत गाने की मांग पर अड़े हुए थे, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई थी।
गतिरोध खत्म होने के बाद सदन में प्रश्नकाल, शून्यकाल और अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन इस दौरान तीखी बहस भी हुई। राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को लेकर गतिरोध विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया के फैसले के बाद खत्म हुआ। राष्ट्रगीत के मुद्दे पर अध्यक्ष ने फैसला दिया कि सदन की कार्यवाही राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ गाने के साथ शुरू होगी और राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के साथ समाप्त होगी।
उन्होंने कहा कि सत्र के अंतिम दिन ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाया जाएगा। पठानिया ने कहा कि संसद द्वारा राष्ट्रगीत के संबंध में बनाए गए कानून में यह जरूरी नहीं किया गया है कि विधानसभा सत्र की शुरुआत में ही राष्ट्रगीत गाया जाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा की अपनी परंपराएं और नियम हैं।
कांग्रेस के इस आरोप पर कि शुक्रवार को सत्र के पहले दिन भाजपा विधायकों ने राष्ट्रगान का अपमान किया, अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रगान के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी सदस्य खड़े हुए थे, लेकिन राष्ट्रगान समाप्त होने के तुरंत बाद भाजपा विधायक विपिन परमार ने हाथ उठाया था। विपक्ष की वीडियो फुटेज उपलब्ध कराने की मांग पर पठानिया ने कहा कि उन्हें भाजपा विधायकों का अनुरोध मिला है और इसपर गौर किया जा रहा है। इससे पहले विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने भाजपा विधायकों राष्ट्रगान का अपमान करने का झूठा आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि यह गंभीर अपराध है और भाजपा विधायक दल इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। ठाकुर ने अध्यक्ष से इस मामले पर फैसला देने का आग्रह किया था। भाजपा ने आरोप को गंभीर बताते हुए शुक्रवार को राष्ट्रगान गाए जाने के समय सदन के अंदर की वीडियो फुटेज की मांग की थी।
उसने विधानसभा सचिव को लिखित अनुरोध देकर फुटेज मांगी थी। हालांकि, अध्यक्ष के फैसले के बावजूद भाजपा विधायकों ने वीडियो फुटेज उपलब्ध कराने की मांग करते हुए नारेबाजी की।
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