यश का ग्लोबल धमाका, हॉलीवुड के Lionsgate से मिलाया हाथ, ‘टॉक्सिक’ से शुरू हुई नई पारी
ग्लोबल फिल्म इंडस्ट्री में एक बड़ा कदम उठाते हुए हॉलीवुड के दिग्गज स्टूडियो लायंसगेट (Lionsgate) ने भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार और फिल्म निर्माता यश तथा उनके प्रोडक्शन हाउस 'मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस' के साथ एक रणनीतिक गठजोड़ किया है. इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य दुनिया के सबसे बड़े और तेजी से बढ़ते फिल्म बाजारों में से एक, भारत में लायंसगेट की पहुंच को और अधिक मजबूत करना है. इस ऐतिहासिक डील की घोषणा लायंसगेट मोशन पिक्चर ग्रुप के चेयर एडम फोगेलसन और सुपरस्टार यश ने मिलकर की है.
'टॉक्सिक' की ग्लोबल रिलीज के साथ साझेदारी की शुरुआत
इस नई साझेदारी की शुरुआत यश की मचअवेटेड एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘टॉक्सिक: अ फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ की ग्लोबल रिलीज के साथ हो रही है. केवीएन प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के बैनर तले बनी इस फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है. फिल्म के टीजर्स और प्रमोशनल ट्रेलर्स को अब तक कुल 340.9 मिलियन व्यूज मिल चुके हैं. यह फिल्म नॉर्थ अमेरिका में 2,000 से अधिक सिनेमाघरों में प्राइम मीडिया के माध्यम से बड़े पैमाने पर रिलीज की जा रही है.
लायंसगेट की टॉप फ्रेंचाइजी से जुड़ेंगे यश
इस कोलैबोरेशन के तहत यश केवल अपनी फिल्मों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वह लायंसगेट की चुनिंदा फ्लैगशिप थियेट्रिकल रिलीज के प्रमोशनल कैंपेन का भी अहम हिस्सा बनेंगे. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम, एक्स और फेसबुक पर 25 मिलियन से अधिक की ग्लोबल फैन फॉलोइंग वाले यश, भारत के 1.48 अरब की आबादी वाले विशाल बाजार में स्टूडियो की टॉप आईपी को प्रमोट करेंगे. इसमें एक्शन फ्रेंचाइजी ‘जॉन रैम्बो’ और ‘जॉन विक’ यूनिवर्स की अपकमिंग फिल्म ‘केन’ जैसी बड़ी ग्लोबल फिल्में शामिल हैं.
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चेयर एडम फोगेलसन ने बांधे यश की तारीफों के पुल
लायंसगेट मोशन पिक्चर ग्रुप के चेयर एडम फोगेलसन ने इस साझेदारी पर खुशी जताते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता सिनेमा बाजार है और यश इस क्षेत्र की एक बेहद प्रभावशाली आवाज हैं. उन्होंने यश को एक सच्चा ग्लोबल एक्शन स्टार बताया.
वहीं, सुपरस्टार यश ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि लायंसगेट एक्शन स्टोरीटेलिंग का मास्टर है. उन्होंने आगे कहा कि जैसे ही मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस और वह 'टॉक्सिक' को दुनिया के सामने ला रहे हैं, वह लायंसगेट के साथ मिलकर अलग-अलग सिनेमाई दुनियाओं के बीच एक पुल बनाने के लिए बेहद एक्साइटेड हैं. इस महत्वपूर्ण डील को लायंसगेट के ईवीपी अनुग्रह जोशी और यश के एजेंट अविनाश बिडैया ने सफलतापूर्वक नेगोशिएट किया.
‘टॉक्सिक’ की स्टार कास्ट
‘टॉक्सिक: अ फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ समकालीन ग्लोबल सिनेमा की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक है. इस फिल्म का निर्देशन सनडांस अवॉर्ड विजेता फिल्ममेकर गीतू मोहनदास ने किया है, जिनकी चर्चित फिल्म ‘लायर्स डाइस’ भारत की ओर से ऑस्कर में आधिकारिक एंट्री रह चुकी है. वेंकट के नारायण और यश द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित इस फिल्म में यश के साथ नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी जैसी जानी-मानी एक्ट्रेसेस लीड रोल में नजर आएंगी.
‘टॉक्सिक’ की कहानी क्या है?
इस फिल्म की कहानी गोवा में पुर्तगाली शासन के बिखरते दौर के बैकग्राउंड पर आधारित है. यह कहानी 'राया' के इर्द-गिर्द घूमती है, जो धोखे और खूनी संघर्ष के बीच अंडरवर्ल्ड की सत्ता अपने नाम करता है. हालांकि, टॉप पर पहुंचने के बाद उसे यह अहसास होता है कि शक्ति और सत्ता की एक बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है.
UP News: बदायूं में अंबेडकर प्रतिमा विवाद पर मायावती की अपील, बोलीं- धार्मिक विश्वासों का सम्मान जरूरी
Mayawati on Budaun Ambedkar Statue: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना को लेकर मचे घमासान के बीच बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने पूरे मामले पर गहरी चिंता जताते हुए शासन और प्रशासन से तुरंत दखल देने की मांग की है. मायावती ने कहा कि बाबा साहेब का दिया हुआ संविधान देश के हर नागरिक को बराबरी और सम्मान के साथ जीने का हक देता है. ऐसे में किसी भी संवेदनशील मुद्दे पर टकराव का रास्ता चुनने के बजाय बातचीत और कानूनी दायरे में रहकर समाधान निकाला जाना चाहिए.
संविधान की मूल भावना का सम्मान जरूरी
मायावती ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखते हुए कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने देश को एक कल्याणकारी, मानवतावादी और समतामूलक संविधान दिया है. यह संविधान समाज के हर वर्ग, जाति और धर्म के लोगों को एक समान अधिकार प्रदान करता है. इसी व्यवस्था के बल पर हमारा देश एकजुट और मजबूत बना हुआ है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी धर्मों के पवित्र ग्रंथों, परंपराओं और मान्यताओं का पूरा आदर होना चाहिए. किसी की भी आस्था में बेवजह दखल देना ठीक नहीं है और सभी को एक-दूसरे की भावनाओं की कद्र करनी चाहिए.
धार्मिक परंपराओं पर बेवजह की बयानबाजी से बचें
बसपा प्रमुख ने संवेदनशील मामलों पर अनावश्यक टीका-टिप्पणी करने की आदत पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों, रीति-रिवाजों और आस्था से जुड़े मसलों पर गैर-जरूरी बहस करने से बचना चाहिए. समाज में बेवजह के तनाव को बढ़ावा देने से किसी का भला नहीं होने वाला है. ऐसे मुद्दों को तूल देने के बजाय स्थानीय स्तर पर आपसी समझ और बातचीत से सुलझाना ही सबसे बेहतर उपाय है. जब लोग मिल-बैठकर बात करते हैं तो बड़े से बड़े विवाद का हल आसानी से निकल जाता है.
1. जैसाकि सर्वविदित है कि परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने मानवतावादी, कल्याणकारी व सभी जाति-धर्मों के मानने वालों को एक-समान समतामूलक अधिकार देने वाला सेक्युलर संविधान देकर पूरे देश को एक कड़ी में जोड़ कर सशक्त भारत बनाने की गारण्टी सुनिश्चित की है और इसके तहत् सभी…
— Mayawati (@Mayawati) August 26, 2026
स्कूलों के आंतरिक मामलों में समझदारी दिखाए प्रशासन
मायावती ने शिक्षण संस्थानों में यूनिफॉर्म, पर्दा, चादर और हिजाब जैसे विषयों पर भी अपनी राय जाहिर की. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को लेकर विवाद खड़ा करने की जरूरत नहीं है. स्कूल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन आपसी सूझबूझ और तालमेल के साथ इन मसलों को शांति से हल कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बातों को बड़ा मुद्दा बनाने से समाज का माहौल खराब होता है. इसलिए सभी जिम्मेदार लोगों को ऐसे संवेदनशील मामलों में बेहद परिपक्वता और समझदारी का परिचय देना चाहिए.
बदायूं के सिकरी गांव में कैसे बिगड़े हालात
बदायूं जिले के सिकरी गांव में मंगलवार की शाम डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने के प्रस्ताव को लेकर भारी तनाव पैदा हो गया था. मिली जानकारी के अनुसार सरकारी जमीन पर प्रतिमा स्थापित करने को लेकर स्थानीय स्तर पर दो पक्षों में असहमति बन गई. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि पथराव शुरू हो गया. इस हिंसक झड़प में कई पुलिसकर्मी और एक स्थानीय नागरिक घायल हो गए. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और भारी पुलिस बल तैनात करके स्थिति को काबू में किया. फिलहाल इलाके में शांति बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है.
प्रशासन निकाले तुरंत और निष्पक्ष हल
सिकरी गांव की इस घटना पर मायावती ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन से निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी हमेशा से सर्वसमाज के हित, लोगों के जान-माल की हिफाजत और धार्मिक अधिकारों की रक्षा के पक्ष में खड़ी रही है. पार्टी की अंबेडकरवादी सोच सभी नागरिकों के मान-सम्मान और समान अधिकारों की वकालत करती है. प्रशासन को चाहिए कि वह दोनों पक्षों को भरोसे में लेकर ऐसा शांतिपूर्ण रास्ता निकाले जिससे इलाके में भाईचारा बना रहे.
आपसी भाईचारा और संयम बनाए रखने की अपील
मायावती ने आम जनता और सभी पक्षों से शांति और संयम बरतने की पुरजोर अपील की है. उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की तरक्की तभी संभव है जब वहां अमन और कानून का राज हो. बदायूं जैसी घटनाओं से सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचता है. इसलिए सभी को कानून का पालन करते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस-प्रशासन का सहयोग करना चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन जल्द ही इस मामले का सर्वमान्य समाधान निकाल लेगा.
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