कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में बड़ा हादसा, पेड़ गिरने से महिला की मौत, दो घायल
कोलकाता, 24 अगस्त (आईएएनएस)। कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल परिसर में सोमवार को पेड़ गिरने से एक महिला की मौत हो गई।
अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, महिला की पहचान 46 साल की रहीमा बीबी के तौर पर हुई है। वह बीरभूम जिले के नलहाटी से परिवार के सदस्य का इलाज कराने के लिए सरकारी अस्पताल आई थी।
यूरोलॉजी डिपार्टमेंट के ओपीडी के सामने अचानक एक पेड़ गिरने से रहीमा घायल हो गईं। उन्हें तुरंत ट्रॉमा केयर यूनिट ले जाया गया, लेकिन वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
पेड़ गिरने से दो अन्य लोग भी घायल हुए। उनका इलाज अस्पताल के ट्रॉमा केयर यूनिट में चल रहा है। भीड़भाड़ वाले सरकारी अस्पताल में सुबह के व्यस्त समय में हुई घटना से हड़कंप मच गया।
अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, रहीमा की रिश्तेदार अकलिमा बीबी, जो नलहाटी की ही रहने वाली हैं, यूरोलॉजी डिपार्टमेंट में भर्ती हैं। रहीमा उनकी देखभाल के लिए नलहाटी से आई थी।
यूरोलॉजी डिपार्टमेंट के बाहर कंक्रीट की बेंच है, जहां मरीजों के रिश्तेदार बैठते हैं। सोमवार सुबह रहीमा और कुछ अन्य लोग उस बेंच पर बैठे थे, तभी अचानक उन सभी पर पेड़ गिर गया।
रहीमा के अलावा, इस घटना में 68 साल के जिल्लार रहमान और 76 साल के शिश मोहम्मद शेख घायल हो गए। उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
मरीजों के रिश्तेदारों ने शिकायत की कि प्रशासन को पुराने पेड़ पर पहले ही ध्यान देना चाहिए था, क्योंकि लगातार बारिश से मिट्टी और भी कमजोर हो गई है।
एक मरीज के रिश्तेदार ने कहा, हम बस इसी तरह पेड़ के नीचे आराम करते हैं। किसी ने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ हो सकता है। एक महिला की मौके पर मौत हो गई। दो अन्य घायल हो गए। अस्पताल प्रशासन को इस मुद्दे पर ध्यान देने और अपने परिसर में मौजूद अन्य पेड़ों की जांच करने की जरूरत है।
अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, इस घटना को लेकर अभी तक उनके पास कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। मृतका के शव का पोस्टमार्टम अस्पताल में किया जाएगा।
--आईएएनएस
डीकेएम/एबीएम
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गुरुग्राम में भारी बारिश का अलर्ट, 25 अगस्त को Work From Home की एडवाइजरी जारी
गुरुग्राम में लगातार हो रही भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने 25 अगस्त को वर्क फ्रॉम होम की एडवाइजरी जारी की है. प्रशासन ने जिले में स्थित सभी निजी और सरकारी संस्थानों से अपील की है कि वे अपने कर्मचारियों को 25 अगस्त को घर से काम करने की अनुमति दें. इसका उद्देश्य बारिश के दौरान सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करना और लोगों को जलभराव व यातायात संबंधी परेशानियों से बचाना है.
मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की भी अपील की है. खासतौर पर उन इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, जहां बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बन सकती है.
भारी बारिश के बीच लिया गया फैसला
गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में बारिश के कारण कई जगहों पर सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है. लगातार बारिश से सड़कों पर पानी जमा होने, ट्रैफिक की रफ्तार धीमी होने और लंबा जाम लगने की समस्या बढ़ सकती है.
ऐसे में प्रशासन ने दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों की संख्या कम करने के लिए वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी है. अधिकारियों का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में कर्मचारी घर से काम करते हैं तो पीक आवर्स में सड़कों पर वाहनों का दबाव कम किया जा सकता है.
#Advisory
— DIPRO Gurugram (@diprogurugram1) August 24, 2026
????️ भारी बारिश के मद्देनजर 25 अगस्त को वर्क फ्रॉम होम की एडवाइजरी
गुरुग्राम में 24 अगस्त को हुई भारी बारिश के मद्देनजर जलभराव और ट्रैफिक जाम की आशंका को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एडवाइजरी जारी की है।
➡️ जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं डीसी… pic.twitter.com/Zb9NSX7AGN
सरकारी और निजी संस्थानों से अपील
एडवाइजरी में सरकारी और निजी दोनों संस्थानों से सहयोग करने को कहा गया है. संस्थानों को सलाह दी गई है कि वे अपने कर्मचारियों को 25 अगस्त को घर से काम करने के लिए प्रोत्साहित करें.
इसका सीधा असर गुरुग्राम के कॉर्पोरेट सेक्टर, आईटी कंपनियों, मल्टीनेशनल कंपनियों और अन्य निजी कार्यालयों में देखने को मिल सकता है. हालांकि, जिन सेवाओं में कर्मचारियों की मौके पर मौजूदगी जरूरी है, उनके लिए संस्थानों को अपने स्तर पर आवश्यक व्यवस्था करनी होगी.
ट्रैफिक और जलभराव बड़ी चुनौती
गुरुग्राम में भारी बारिश के दौरान सबसे बड़ी समस्याओं में जलभराव और ट्रैफिक जाम शामिल हैं. बारिश का पानी सड़कों पर जमा होने के बाद कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की गति बेहद धीमी हो जाती है.
ऑफिस टाइम के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है. बड़ी संख्या में लोग घर से कार्यालय और कार्यालय से घर की तरफ निकलते हैं. ऐसे में बारिश के कारण सामान्य से ज्यादा समय लग सकता है. वर्क फ्रॉम होम की एडवाइजरी इसी दबाव को कम करने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है.
कर्मचारियों को भी सतर्क रहने की जरूरत
प्रशासन की सलाह के बाद कर्मचारियों को भी मौसम को हल्के में नहीं लेना चाहिए. अगर किसी इलाके में सड़क पर पानी जमा है या मौसम बेहद खराब है, तो अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना बेहतर होगा.
जिन लोगों के लिए ऑफिस जाना जरूरी है, उन्हें निकलने से पहले मौसम और ट्रैफिक की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी जाती है. खासकर दोपहिया वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए.
कंपनियां तैयार रखें वैकल्पिक व्यवस्था
वर्क फ्रॉम होम की स्थिति में कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कर्मचारियों को जरूरी डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध रहें.
ऑनलाइन मीटिंग, क्लाउड सिस्टम, रिमोट लॉगिन और अन्य कार्य-संबंधी व्यवस्थाएं पहले से सक्रिय रखना उपयोगी होगा. साथ ही, जरूरी सेवाओं और आपातकालीन कार्यों से जुड़े कर्मचारियों के लिए अलग व्यवस्था की जा सकती है.
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