'उपमहाद्वीपों में एक दिन में 19 विकेट गिरने पर बवाल, तो ऑस्ट्रेलिया में क्यों नहीं?' पिच विवाद पर भड़के बांग्लादेशी कप्तान
AUS vs BAN: बांग्लादेश क्रिकेट टीम 23 साल बाद ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गई थी, जहां डार्विन में खेले गए पहले टेस्ट मैच में बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराकर इतिहास रच दिया. ऑस्ट्रेलिया की धरती पर बांग्लादेश की यह पहली टेस्ट जीत थी. इस ऐतिहासिक जीत के बाद बांग्लादेशी टीम काफी आत्मविश्वास में थी और लगा कि वह मेजबान ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में सीरीज में हरा सकती है, लेकिन मकाय के मैदान पर खेला गया दूसरा टेस्ट मैच सिर्फ दो दिनों के भीतर ही खत्म हो गया. इसके बाद आईसीसी ने मकाय की इस पिच को 'अच्छी' (Very Good) रेटिंग दी है, तो बांग्लादेशी कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने बड़ा बयान देते हुए इस दोहरे मापदंड पर सवाल उठाया है और याद दिलाया है कि जब उपमहाद्वीप में पहले दिन इतने विकेट गिरते हैं, तो कैसा बवाल मच जाता है.
सिर्फ 2 दिन में खत्म हुआ मकाय टेस्ट
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच सीरीज का दूसरा और आखिरी टेस्ट मैच मकाय के मैदान पर खेला गया, जहां की पिच तेज गेंदबाजों के लिए इतनी मददगार साबित हुई कि पूरा टेस्ट मैच सिर्फ दो दिनों (महज 125 ओवरों) के भीतर ही खत्म हो गया. पहले ही दिन 18 विकेट गिर गए थे और दूसरे दिन बाकी बचे 12 विकेट गिरे. पहले दिन बांग्लादेश की टीम पहली पारी में सिर्फ 64 रनों पर सिमट गई थी. जवाब में ऑस्ट्रेलिया की टीम भी पहले दिन के अंत तक 165 रनों पर 8 विकेट गंवा चुकी थी. ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में बढ़त बनाई और बांग्लादेश को दूसरी पारी में भी महज 95 रनों पर ऑलआउट कर दिया. ऑस्ट्रेलिया ने यह मैच एक पारी और 51 रनों से जीतकर सीरीज 1-1 से बराबर कर ली. इसके बाद जहां एक ओर ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में उनके गेंदबाजों की तारीफ हो रही है, तो वहीं दूसरी ओर इस पिच पर भी सवाल उठ रहे हैं.
मकाय पिच को अच्छी रेटिंग मिलने पर उठा सवाल
इस टेस्ट मैच के खत्म होने के बाद, मकाय की इस पिच को आईसीसी की तरफ से 'Very Good' (बहुत अच्छी) रेटिंग मिली है, जिसके बाद सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि क्रिकेट में यह नियम माना जाता है कि अगर कोई टेस्ट मैच दो दिनों में खत्म हो जाए, तो पिच को खराब या औसत दर्जे की रेटिंग मिलती है, लेकिन मकाय की पिच को अच्छी रेटिंग मिली है, जिसके बाद बांग्लादेशी कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने बड़ी बात कही है.
नजमुल हुसैन शांतो ने ऑस्ट्रेलिया की पिच को लेकर कह बड़ी बात
बांग्लादेशी कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने कहा, "जब हम आमतौर पर उपमहाद्वीप (भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका) में खेलते हैं और एक दिन में 18 या 19 विकेट गिर जाते हैं, तो उस पर पूरी दुनिया में काफी चर्चा होती है. हर कोई इसके बारे में बात करता है. इसलिए, जब यहां ऑस्ट्रेलिया के मकाय में भी पहले दिन 18 विकेट गिरे हैं तो हर किसी को यह बात समझने की जरूरत है कि पिच कितनी चुनौतीपूर्ण थी. जब हम अपने घर (उपमहाद्वीप) में खेलें, तो लोग इन चीजों को न भूलें."
Najmul Hossain Shanto on conditions at Mackay ???? pic.twitter.com/gJHzzcUXiV
— Cricbuzz (@cricbuzz) August 24, 2026
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देश में चीनी का कितना स्टॉक बचा? शुगर मिल्स एसोसिएशन का बड़ा खुलासा
Sugar Stock: देश में चीनी को लेकर काफी चर्चा हो रही है. दाम बढ़ने के कारणों के पीछे स्टॉक, एथेनॉल समेत कई मु्ददे बताए जा रहे हैं. इसी बीच इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) ने खुलकर बयान जारी किया है. इस दौरान उन्होंने देश में चीनी के बचे स्टॉक पर भी खुलकर बात की. इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (ISMA) के प्रेसिडेंट नीरज शिरगांवकर ने कहा कि भारत में चीनी की कोई कमी नहीं है. देश में चीनी का उत्पादन और पर्याप्त स्टॉक मौजूद है.
नीरज शिरगांवकर ने कहा कि फिलहाल जो समस्या दिख रही है, वह त्योहारों के मौसम से पहले बाजार में बनी धारणा से जुड़ी है. इसे संभालने के लिए कुछ अस्थायी कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने साफ किया कि चीनी की सप्लाई में कोई बड़ी या स्थायी समस्या नहीं है. शिरगांवकर ने बताया कि भारत में चीनी की कोई कमी नहीं है. हमारा प्रोडक्शन और स्टॉक की स्थिति मूल रूप से ठीक है. आज हम जिस मुद्दे पर ध्यान दे रहे हैं, वह त्योहारों के मौसम से पहले मार्केट की धारणा (sentiment) से जुड़ी एक छोटी अवधि की समस्या है और उस धारणा को संभालने के लिए कुछ सोचे-समझे अस्थायी उपाय किए जा रहे हैं। यह सप्लाई से जुड़ी कोई बड़ी संरचनात्मक समस्या नहीं है.
#WATCH | Delhi: Niraj Shirgaokar, President of the Indian Sugar Mills Association (ISMA), says, "We are in the month of August right now. As of August 1st, there were almost three and a half months of stock available, so there's no need to actually panic this month. The… pic.twitter.com/50vUr4AIUR
— ANI (@ANI) August 24, 2026
देश में कितना बचा स्टॉक?
ISMA के प्रेसिडेंट नीरज शिरगांवकर ने कहा कि अभी अगस्त का महीना चल रहा है. 1 अगस्त तक लगभग साढ़े तीन महीने का स्टॉक मौजूद था, इसलिए इस महीने घबराने की कोई जरूरत नहीं है. सरकार का जवाब है-ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट. सितंबर-अक्टूबर में त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से पहले सरकार ने 10 लाख टन ड्यूटी-फ्री कच्ची चीनी (raw sugar) के इंपोर्ट की इजाजत दी है. यह पहले से उठाया गया एहतियाती कदम है, न कि कोई सुधारात्मक कदम.
कहा कि इसे ड्यूटी-फ्री करने से यह सीमित समय के लिए सच में एक कॉम्पिटिटिव सप्लाई ऑप्शन बन जाता है, जिससे हमारे अनुमानित क्लोजिंग स्टॉक में लगभग 25-29 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है और कीमतों में शामिल सट्टा जोखिम प्रीमियम (speculative risk premium) को हटाने में मदद मिलती है। यह कदम किसी कमी को स्वीकार करना नहीं है। इसका मकसद मौजूदा माहौल को स्थिर करना है.
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