कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने रविवार को कहा कि चामराजनगर ज़िले के हनूर रेंज में जंगल में आग लगने की घटना को लेकर दिन-ब-दिन कई संदेह पैदा हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस मामले की सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रही है। विधान सौधा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि घटना की सच्चाई जानने के लिए बीजेपी ने पहले ही एक जांच समिति बनाई थी। एक विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने कहा कि समिति द्वारा घटनास्थल का दौरा करने और जानकारी इकट्ठा करने के बाद, इस मामले को लेकर और भी गंभीर सवाल और संदेह पैदा हुए हैं। विजयेंद्र ने दावा किया कि हनूर मामले में शवों को जल्दबाजी में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था, लेकिन इसके बावजूद पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। विजयेंद्र ने कहा सरकार को यह बताना चाहिए कि रिपोर्ट क्यों जारी नहीं की जा रही है।
उन्होंने सवाल किया पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट छिपाने की क्या ज़रूरत है? क्या लोगों को यह नहीं बताया जाना चाहिए कि रिपोर्ट में क्या है? रिपोर्ट जारी न करने से ही कई तरह के शक पैदा हो रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में घटना की तस्वीरें दिखाते हुए विजयेन्द्र ने आरोप लगाया कि तस्वीरों में मृतक के कंधे पर बंदूक रखी हुई और बहुत करीब से गोली चलाई गई दिख रही है। इसी तरह, उन्होंने गर्दन के पिछले हिस्से पर बहुत करीब से गोली चलने के निशान के बारे में भी सवाल उठाया।
विजयेन्द्र ने सवाल किया, "विशेषज्ञों की राय के अनुसार, यह दूर से यानी लंबी दूरी से गोली चलने का मामला नहीं लगता। करीब से गोली चलने की संभावना है। ऐसी जानकारी है कि पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों ने भी रिपोर्ट में इस पहलू का ज़िक्र किया है। तो फिर सरकार उस रिपोर्ट का खुलासा क्यों नहीं कर रही है?
उन्होंने कहा जब इन सभी पहलुओं की विस्तार से जांच की जाती है, तो शक पैदा होता है कि क्या यह सामान्य एनकाउंटर का मामला है या इसके पीछे कोई और वजह है। विजयेन्द्र ने कहा कि एनकाउंटर में मारे गए लोग आदतन अपराधी या लगातार अपराधों में शामिल रहने वाले लोग नहीं थे। उन्होंने मांग की कि सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि महिमादास कहाँ है, जो जंगल गया था।
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