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Monsoon Spice Storage: बरसात में मसालों को रखें सूखा और फ्रेश, काम आएंगे ये 5 आसान टिप्स

Monsoon Spice Storage Tips: बारिश के मौसम में किचन की कई चीजों पर नमी का असर पड़ने लगता है और मसाले भी इससे अछूते नहीं हैं। नमी के कारण मसाले गीले होकर अपनी खुशबू और स्वाद खो सकते हैं। कई बार डिब्बे खोलने पर मसालों में गांठें पड़ जाती हैं, जिससे उन्हें इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता है।

ऐसे में मसालों को सही जगह और सही तरीके से स्टोर करना बेहद जरूरी है। कुछ आसान सावधानियों को अपनाकर आप मॉनसून में भी अपने मसालों को लंबे समय तक सूखा और फ्रेश रख सकते हैं।

1. मसालों को हल्का भूनकर करें स्टोर
धनिया, जीरा, राई और साबुत लाल मिर्च जैसे साबुत मसालों को स्टोर करने से पहले हल्का भून सकते हैं। इससे उनमें मौजूद अतिरिक्त नमी कम करने में मदद मिलती है। भूनने के बाद मसालों को पूरी तरह ठंडा करें और फिर एयरटाइट डिब्बे में रखें।

2. प्लास्टिक की जगह कांच की एयरटाइट बरनी चुनें
मॉनसून में मसालों को खुली पैकिंग या ढीले ढक्कन वाले डिब्बों में रखने से बचें। कांच की एयरटाइट बरनी मसालों को हवा और नमी से बचाकर रखने में मदद कर सकती है। बरनी में मसाला भरने से पहले उसे पूरी तरह सूखा जरूर लें।

3. हींग और लौंग आएंगे काम
पिसे हुए मसालों को एयरटाइट डिब्बे में रखने के साथ आप उसमें थोड़ी मात्रा में हींग या कुछ लौंग रख सकते हैं। ये पारंपरिक किचन टिप्स मसालों को सूखा रखने में मदद कर सकते हैं। 

4. मसालों को ठंडी और सूखी जगह पर रखें
मॉनसून में मसालों की बरनियों को गैस चूल्हे, सिंक या ऐसी जगह रखने से बचें जहां भाप और नमी ज्यादा रहती हो। किचन की सूखी अलमारी मसालों को रखने के लिए बेहतर जगह हो सकती है। 

5. गीली चम्मच से मसाला न निकालें
मसाले निकालते समय हमेशा सूखी और साफ चम्मच का इस्तेमाल करें। गीली चम्मच से डिब्बे में नमी पहुंच सकती है, जिससे मसाले जल्दी गीले पड़ सकते हैं। खासकर हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और गरम मसाला जैसे पाउडर मसालों के लिए यह सावधानी जरूरी है।

इन बातों का भी रखें खास ध्यान   

  • मसालों की बरनियों को सीधे धूप और बारिश की नमी से दूर रखें।
  • एक साथ बहुत ज्यादा मसाले भरने की बजाय जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा स्टोर करें।
  • मसाला निकालने के तुरंत डिब्बे का ढक्कन बंद कर दें।
  • किसी मसाले में नमी या खराब होने के स्पष्ट संकेत दिखें, तो उसका इस्तेमाल न करें।

मॉनसून के दौरान मसालों को लंबे समय तक ताजा रखने के लिए सबसे जरूरी है कि उन्हें नमी, भाप और पानी से दूर रखा जाए। एयरटाइट बरनी, सूखी चम्मच और सही स्टोरेज जगह जैसी छोटी-छोटी सावधानियां मसालों की खुशबू और स्वाद को बनाए रखने में मदद कर सकती हैं।

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Monsoon Skin Care: मानसून में त्वचा को घेर सकती हैं ये 5 परेशानियां, जानें बारिश में स्किन केयर के सिंपल तरीके

Monsoon Skin Care: बारिश का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन बढ़ी हुई नमी और उमस त्वचा के लिए कई परेशानियां खड़ी कर सकती है। इस दौरान पसीना, धूल और अतिरिक्त तेल त्वचा पर जमा होने लगता है, जिससे मुंहासे, फंगल इंफेक्शन, खुजली और एलर्जी जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। अगर मानसून में स्किन केयर रूटीन पर ध्यान न दिया जाए तो त्वचा की चमक भी कम हो सकती है।

मानसून में त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए बहुत महंगे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं होती। साफ-सफाई, त्वचा को सूखा रखना, सही मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल और सनस्क्रीन लगाना जैसी छोटी आदतें काफी मददगार हो सकती हैं। 

मानसून स्किन केयर प्रॉब्लम्स

मुंहासे और पिंपल्स
नमी और उमस के कारण त्वचा ज्यादा ऑयली हो सकती है। इससे रोमछिद्र बंद होने लगते हैं और पिंपल्स की समस्या बढ़ सकती है। चेहरे को दिन में दो बार हल्के फेसवॉश से साफ करें। बार-बार चेहरा छूने से बचें और बहुत ज्यादा ऑयली क्रीम या मेकअप का इस्तेमाल न करें। त्वचा के प्रकार के अनुसार नॉन-कॉमेडोजेनिक प्रोडक्ट्स चुनना बेहतर हो सकता है।

फंगल इंफेक्शन
बारिश में पैरों, जांघों, अंडरआर्म्स और त्वचा की सिलवटों में नमी बनी रहने से फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। खुजली, लाल चकत्ते या जलन इसके सामान्य संकेत हो सकते हैं। नहाने के बाद शरीर को अच्छी तरह सुखाएं और लंबे समय तक गीले कपड़े न पहनें। पैरों को भी सूखा रखें, खासकर अगर जूते या मोजे लंबे समय तक पहनने पड़ते हों।

खुजली और स्किन एलर्जी
नमी, पसीना और प्रदूषण के संपर्क में आने से कुछ लोगों की त्वचा संवेदनशील होकर खुजली या लालिमा की समस्या पैदा कर सकती है। ऐसे में तेज खुशबू वाले साबुन और हार्श स्किन केयर प्रोडक्ट्स से दूरी बनाएं। त्वचा को साफ रखने के साथ पर्याप्त मॉइस्चराइजिंग करें। अगर खुजली लगातार बनी रहे या दाने फैलने लगें तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।

ड्राई और बेजान त्वचा
यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन बारिश के मौसम में भी त्वचा रूखी और बेजान हो सकती है। बार-बार चेहरा धोना, गर्म पानी से नहाना या कठोर साबुन का इस्तेमाल त्वचा की नमी कम कर सकता है। नहाने के बाद हल्का मॉइश्चराइजर लगाएं और त्वचा को जरूरत से ज्यादा साफ करने से बचें।

सन टैन और यूवी डैमेज
बादल छाए रहने के बावजूद सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणें त्वचा तक पहुंच सकती हैं। इसलिए मानसून में भी सनस्क्रीन को स्किन केयर रूटीन का हिस्सा बनाना जरूरी है। बाहर निकलने से पहले ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाएं और लंबे समय तक बाहर रहने पर इसे दोबारा लगाने पर ध्यान दें। छाता या अन्य शारीरिक सुरक्षा भी अतिरिक्त मदद दे सकती है।

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लेखक: (कीर्ति)

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  Sports

ऋषभ पंत बने WTC के 'रन किंग', शुभमन गिल को पछाड़कर रचा इतिहास!

भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ऋषभ पंत ने सोमवार को भारत के टेस्ट रिकॉर्ड में अपनी शानदार बढ़त जारी रखी और कप्तान शुभमन गिल को पीछे छोड़कर ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के इतिहास में देश के लिए सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए। पंत ने यह कारनामा कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ भारत के दूसरे टेस्ट मैच के दौरान किया। पंत ने 63 रन बनाए, जिसके बाद दूसरे सेशन की पहली ही गेंद पर केशरा नुवान्था ने उन्हें आउट कर दिया।
 

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वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में पंत के नाम अब 42 टेस्ट मैचों में 2,948 रन हो गए हैं, जिससे वे इतने ही मैचों में गिल के 2,917 रनों के आंकड़े से आगे निकल गए हैं। भारतीय बल्लेबाजों में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा 40 टेस्ट मैचों में 2,716 रनों के साथ तीसरे स्थान पर हैं, उनके बाद अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा (50 मैचों में 2,675 रन) और विराट कोहली (46 मैचों में 2,617 रन) का नंबर आता है।

भारत के मौजूदा खिलाड़ियों में यशस्वी जायसवाल 30 टेस्ट मैचों में 2,588 रनों के साथ इस सूची में अगले स्थान पर हैं। पंत की यह हालिया उपलब्धि इसी पारी में हासिल किए गए एक और अहम मुकाम के बाद आई है। इस विकेटकीपर-बल्लेबाज ने महान खिलाड़ी एमएस धोनी को पीछे छोड़ते हुए विदेशी या न्यूट्रल टेस्ट मैचों में बतौर विकेटकीपर भारत के लिए सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है।
 

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पंत ने इस कैटेगरी में 2,500 रन का आंकड़ा पार कर लिया और धोनी के 2,496 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने यह उपलब्धि लगभग 42 के शानदार औसत के साथ हासिल की, जबकि धोनी का औसत 32.84 था। मैच की बात करें तो, सोमवार को सिंहलीज़ स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड पर श्रीलंका के खिलाफ दूसरे और आखिरी टेस्ट के दूसरे दिन, बारिश की वजह से दूसरा सेशन समय से पहले खत्म करना पड़ा। उस समय भारत का स्कोर 8 विकेट पर 475 रन था; ध्रुव जुरेल 95 रन पर नाबाद थे (अपने पहले टेस्ट शतक से बस पांच रन दूर) और दूसरे छोर पर मोहम्मद सिराज मौजूद थे।
 
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Mon, 24 Aug 2026 15:27:00 +0530

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