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Explainer: टेस्ट क्रिकेट में कन्कशन सब्स्टीट्यूट को लेकर क्या हैं नियम, जानिए किन तरीकों से खिलाड़ी प्लेइंग-11 में हो सकते हैं शामिल?

Concussion Substitute in Test : टेस्ट क्रिकेट अब काफी रोमांचक हो गया है. आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के आने के बाद अब इस फॉर्मेट का रोमांच और ज्यादा बढ़ गया है. टेस्ट क्रिकेट की सभी मजबूत टीमों को मौका मिलता है कि, वो एक दूसरे के खिलाफ मैच खेलने के बाद डब्ल्यूटीसी के फाइनल में जगह बना पाएं. इसके बाद हर 2 साल के चक्र के बाद फाइनल होता है. इसको जीतने वाली टीम टेस्ट क्रिकेट की बादशाह बन जाती है.

इन दिनों डब्ल्यूटीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के तहत भारतीय क्रिकेट टीम श्रीलंका का दौरा कर रही है. भारत और श्रीलंका क्रिकेट टीम के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जा रहा है. इस सीरीज का पहला मैच भारत ने 165 रनों से जीता था. अब 23 अगस्त से इन दोनों टीमों के बीच दूसरा टेस्ट मैच शुरू हो चुका है. आज इस टेस्ट मैच के दूसरे दिन का खेल खेला जा रहा है.

भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच का जब टॉस हुआ था, तब भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान ने कुलदीप यादव को प्लेइंग-11 से बाहर करने पर बताया कि उनकी तबीयत खराब है. इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी कि, कुलदीप को मैच में बाद में कन्कशन सब्स्टीट्यूट के तौर पर खिलाया जा सकता है.

इससे पहले भारत और श्रीलंका के बीच 15-19 अगस्त तक खेले गए पहले टेस्ट मैच में भी कन्कशन सब्स्टीट्यूट से जुड़ा हुआ एक मामला सामने आया था. जब श्रीलंका क्रिकेट टीम के अनुभवी दाएं हाथ के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज दिनेश चांदीमल चोटिल होने के बाद बाहर हो गई थे. दिनेश चांदीमल की जगह यानी उका कन्कशन सब्स्टीट्यूट बनकर युवा श्रीलंकाई बल्लेबाज पसिंदू सूरियाबंदारा प्लेइंग-11 में शामिल हो गए थे.

क्रिकेट फैंस को कन्कशन रिप्लेसमेंट को लेकर कई अलग-अलग तरह के भ्रम हैं. इनमें से सबसे बड़ी भ्रांति है कि, कन्कशन सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी मैदान पर तभी आता है, जब खिलाड़ी को सिर पर चोट लग जाए. ऐसा नहीं है क्योंकि कन्कशन सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी मैदान पर अन्य और कंडीशन में भी आ सकता है. ऐसा ही कुलदीप यादव के केस में होने की उम्मीद बीसीसीआई ने जताई है.

कन्कशन सब्स्टीट्यूड क्या है?

कन्कशन सब्स्टीट्यूड किकेट मैच में किसी खिलाड़ी को चोट लगने के बाद लिया जाता है, लेकिन चोट कहां लगी है ये मायने रखता है. कन्कशन सब्स्टीट्यूड के तौर पर एक नए खिलाड़ी को टीम की प्लेइंग-11 में भेज दिया जाता है. वो चोटिल खिलाड़ी को रिप्लेस करता है.

किस स्थिति में मिलता है कन्कशन रिप्लेसमेंट?

कन्कशन रिप्लेसमेंट तब ही लिया जाता है, जब खिलाड़ी को सिर्फ सिर और गर्दन में चोट लगती है. कनकशन रिप्लेसमेंट सिर्फ टीम की इच्छा से नहीं लिया जा सकता. इसक लिए कई प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है. खिलाड़ी का कनकशन आकलन किया जाता है और रिप्लेसमेंट के लिए मैच रेफरी की स्वीकृति जरूरी होती है. मैच रेफरी की स्वीकृति होने पर ही आप कन्कशन ले सकते हैं. अगर मैच रेफरी मना कर देगा तो आप कन्कशन सब्सटीट्यूड खिलाड़ी नहीं ले सकते हैं.

कन्कशन रिप्लेसमेंट किन तरीकों से लिया जाता है? 

टेस्ट क्रिकेट में कन्कशन रिप्लेसमेंट कई तरीकों से लिया जाता है. इसमें बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग के दौरान लगी चोट पर भी ध्यान दिया जाता है. इस दौरान किसी भी खिलाड़ी को अगर सिर और गर्दन में चोट लगती है. सिर्फ तब ही कन्कशन रिप्लेसमेंट लेने का मौका होता है. 

बल्लेबाजी के दौरान चोट

क्रिकेट मैच के दौरान अगर खिलाड़ी को बैटिंग करने समय चोट लगती है. उस स्थिति में कन्कशन रिप्लेसमेंट लिया जा सकता है. बल्लेबाज को गेंद लगने के बाद कन्कशन होता है और वह आगे नहीं खेल सकता, तो उसकी जगह दूसरा खिलाड़ी आ सकता है. ऐसे में ध्यान रखा जाता है कि दूसरे खिलाड़ी वैसा ही जो जैसा पहला खिलाड़ी है. मान लीजिए कि अगर बल्लेबाज चोटिल हुआ है तो बल्लेबाजी ही आए. उनकी जगह पर गेंदबाज या ऑलराउंडर को नहीं लिया जाए. 

गेंदबाजी के दौरान चोट

टेस्ट मैच के दौरान गेंदबाजी करते समय अगर खिलाड़ी चोटिल हो जाता है, तो उसको कन्कशन सब्स्टीट्यूड मिल सकता है. गेंदबाज को चोट लगने पर वह मैच जारी नहीं रख सकता, तो उसकी जगह कनकशन रिप्लेसमेंट लिया जा सकता है. उस पर भी वही नियम लागू होता है कि गेंदबाज की जगह प्लेइंग-11 में एक बॉलर को ही एड किया जाएगा. उसकी जगह पर बल्लेबाज को एड नहीं किया जा सकता है.

फील्डिंग के दौरान चोट

क्रिकेट टीम के खिलाड़ी जब फील्डिंग करते हैं, तब भी कन्कशन सब्स्टीट्यूट खेल में आ सकता है. अगर फील्डिंग के दौरान खिलाड़ी को गर्दन या सिर पर गेंद लगती है तो कन्कशन रिप्लेसमेंट लिया जा सकता है. उस स्थिति में ये नहीं देखा जाएगा कि फील्डर को लेना है. बल्कि ये देखा जाएगा कि, चोटिल होने वाला खिलाड़ी गेंदबाज हैं या बल्लेबाज. अगर वो बल्लेबाज है तो कन्कशन सब्स्टीट्यूट बैटर होगा. वहीं अगर गेंदबाज है तो कन्कशन सब्स्टीट्यूट बॉलर होगा.

भारत ने टेस्ट क्रिकेट में कब-कब लिया कन्कशन रिप्लेसमेंट?

आईसीसी के द्वारा इंटरनेशनल क्रिकेट में कन्कशन रिप्लेसमेंट का नियम अगस्त 2019 से लागू हुआ. भारतीय पुरुष टेस्ट टीम ने इस नियम के तहत अभी तक टेस्ट मैच के दौरान अपनी टीम के किसी खिलाड़ी के लिए कन्कशन रिप्लेसमेंट नहीं लिया है. यानी की टेस्ट क्रिकेट में भारत ने कभी भी आज तक कन्कशन सब्सटीट्यूट का विकल्प नहीं चुका है.

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ऋषभ पंत बने WTC के 'रन किंग', शुभमन गिल को पछाड़कर रचा इतिहास!

भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ऋषभ पंत ने सोमवार को भारत के टेस्ट रिकॉर्ड में अपनी शानदार बढ़त जारी रखी और कप्तान शुभमन गिल को पीछे छोड़कर ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के इतिहास में देश के लिए सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए। पंत ने यह कारनामा कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ भारत के दूसरे टेस्ट मैच के दौरान किया। पंत ने 63 रन बनाए, जिसके बाद दूसरे सेशन की पहली ही गेंद पर केशरा नुवान्था ने उन्हें आउट कर दिया।
 

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वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में पंत के नाम अब 42 टेस्ट मैचों में 2,948 रन हो गए हैं, जिससे वे इतने ही मैचों में गिल के 2,917 रनों के आंकड़े से आगे निकल गए हैं। भारतीय बल्लेबाजों में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा 40 टेस्ट मैचों में 2,716 रनों के साथ तीसरे स्थान पर हैं, उनके बाद अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा (50 मैचों में 2,675 रन) और विराट कोहली (46 मैचों में 2,617 रन) का नंबर आता है।

भारत के मौजूदा खिलाड़ियों में यशस्वी जायसवाल 30 टेस्ट मैचों में 2,588 रनों के साथ इस सूची में अगले स्थान पर हैं। पंत की यह हालिया उपलब्धि इसी पारी में हासिल किए गए एक और अहम मुकाम के बाद आई है। इस विकेटकीपर-बल्लेबाज ने महान खिलाड़ी एमएस धोनी को पीछे छोड़ते हुए विदेशी या न्यूट्रल टेस्ट मैचों में बतौर विकेटकीपर भारत के लिए सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है।
 

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पंत ने इस कैटेगरी में 2,500 रन का आंकड़ा पार कर लिया और धोनी के 2,496 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। उन्होंने यह उपलब्धि लगभग 42 के शानदार औसत के साथ हासिल की, जबकि धोनी का औसत 32.84 था। मैच की बात करें तो, सोमवार को सिंहलीज़ स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड पर श्रीलंका के खिलाफ दूसरे और आखिरी टेस्ट के दूसरे दिन, बारिश की वजह से दूसरा सेशन समय से पहले खत्म करना पड़ा। उस समय भारत का स्कोर 8 विकेट पर 475 रन था; ध्रुव जुरेल 95 रन पर नाबाद थे (अपने पहले टेस्ट शतक से बस पांच रन दूर) और दूसरे छोर पर मोहम्मद सिराज मौजूद थे।
 
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Mon, 24 Aug 2026 15:27:00 +0530

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