Responsive Scrollable Menu

EPFO का अभियान: 17 साल से पीएफ से बाहर कर्मचारियों को मिलेगा मौका, जानें कब तक करा सकते रजिस्ट्रेशन

ईपीएफओ ने उन कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के लिए इम्प्लॉई एनरॉलमेंट कैंपेन 2026 शुरू किया है, जो पात्र होने के बावजूद अब तक ईपीएफ से नहीं जुड़े हैं। संस्थानों को पुराने रिकॉर्ड दुरुस्त करने और ऐसे कर्मचारियों का पंजीकरण कराने का विशेष मौका दिया गया है।

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, यह योजना 29 जून 2026 से लागू है और 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। इसके तहत 1 अप्रैल 2009 से 31 मार्च 2026 के बीच EPF कवरेज से बाहर रहे पात्र कर्मचारियों को योजना में शामिल किया जा सकता है।

इस अभियान का मकसद कर्मचारियों को भविष्य निधि (PF), पेंशन और बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं से जोड़ना है। साथ ही, कंपनियों को पुराने रिकॉर्ड और अनुपालन से जुड़ी कमियों को स्वेच्छा से ठीक करने का रास्ता दिया गया है।

किन कर्मचारियों को ईपीएफ के अभियान का मिलेगा लाभ?
योजना के तहत नियोक्ता उन कर्मचारियों की घोषणा कर सकते हैं, जो तय अवधि के दौरान EPF कवरेज से बाहर रह गए थे। इसके लिए कर्मचारी का घोषणा की तारीख पर जीवित होना और उसी संस्थान में सक्रिय रूप से काम करना जरूरी है।

EPFO ने संस्थानों को सलाह दी है कि वे अपने कर्मचारियों और वेतन से जुड़े पुराने रिकॉर्ड की जांच करें। इससे पात्र कर्मचारियों की पहचान की जा सकेगी और उनका पंजीकरण समय पर कराया जा सकेगा।

पुराने बकाये में मिलेगी राहत
अभियान में पुराने अनुपालन से जुड़ी कुछ राहत भी दी गई है। अगर पहले कर्मचारी के वेतन से उसका हिस्सा काटा ही नहीं गया था तो तय शर्तों के तहत कर्मचारी के हिस्से की राशि माफ की जा सकती है। इससे पुराने मामलों को नियमित करने में संस्थानों पर पड़ने वाला बोझ कम होगा।

पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी
EPFO ने इस अभियान की पूरी प्रक्रिया डिजिटल रखी है। संस्थानों को पंजीकरण और भुगतान से जुड़ी सभी औपचारिकताएं तय ऑनलाइन पोर्टल के जरिए पूरी करनी होंगी।

हर घोषित कर्मचारी के लिए उमंग ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन से UAN बनाना होगा। इसके बाद संस्थान को सामान्य इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रेसिप्ट-रिटर्न (ECR) प्रणाली के जरिए जरूरी अंशदान जमा करना होगा।

EPFO चला रहा जागरूकता अभियान
EPFO ने नियोक्ताओं, कर्मचारियों, ठेकेदारों और उद्योग से जुड़े अन्य लोगों को योजना की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। केंद्र और राज्य सरकारों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ मिलकर इसकी जानकारी ज्यादा से ज्यादा प्रतिष्ठानों तक पहुंचाई जा रही है।

EPFO ने संस्थानों से कहा है कि वे 31 अक्टूबर 2026 की अंतिम तारीख से पहले सभी घोषणाएं और जरूरी भुगतान पूरा कर लें।

(प्रियंका कुमारी)

Continue reading on the app

Personal Loan: इन 5 वजहों से रिजेक्ट हो सकता आपका पर्सनल लोन, जानें बैंक क्या देखते हैं?

पर्सनल लोन लेना आसान लगता है, क्योंकि इसके लिए आमतौर पर कोई संपत्ति गिरवी नहीं रखनी पड़ती। लेकिन यही वजह है कि बैंक और NBFC इसे ज्यादा जोखिम वाला लोन मानते हैं। इसलिए लोन मंजूर करने से पहले वे आपकी कमाई, नौकरी, पुराने कर्ज और क्रेडिट हिस्ट्री जैसी कई चीजें देखते हैं।

जानिए किन वजहों से आपका पर्सनल लोन आवेदन रिजेक्ट हो सकता है।

क्रेडिट हिस्ट्री खराब होना
लोन आवेदन खारिज होने की सबसे बड़ी वजहों में खराब क्रेडिट हिस्ट्री शामिल है। अगर आपने पहले EMI या क्रेडिट कार्ड का भुगतान समय पर नहीं किया है, खाते में बकाया रहा है या भुगतान में बार-बार देरी हुई है तो बैंक को आपकी भुगतान क्षमता पर शक हो सकता है। आवेदन करने से पहले अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जांचें और उसमें किसी बकाया या गलती को ठीक करा लें।

कम आय या ज्यादा EMI
अच्छा क्रेडिट स्कोर होने के बावजूद लोन मिलना तय नहीं है। बैंक यह भी देखता है कि आपकी आमदनी कितनी है और पहले से कितनी EMI चल रही हैं। अगर आपकी कमाई का बड़ा हिस्सा मौजूदा कर्ज चुकाने में जा रहा है तो बैंक को लग सकता है कि नई EMI आपके बजट पर ज्यादा बोझ डालेगी। ऐसे में लोन आवेदन खारिज हो सकता है।

नौकरी या कमाई में स्थिरता न होना
पर्सनल लोन में कोई संपत्ति गिरवी नहीं होती, इसलिए बैंक यह भरोसा चाहता है कि आपकी कमाई लगातार आती रहेगी। बार-बार नौकरी बदलना, कम समय का नौकरी रिकॉर्ड या आय का अस्थिर स्रोत आवेदन पर असर डाल सकता है। स्वरोजगार करने वालों से बैंक आमदनी की स्थिरता साबित करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय दस्तावेज भी मांग सकता है।

कम समय में कई लोन के लिए आवेदन
अगर आप थोड़े समय में कई लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते हैं तो यह भी परेशानी बन सकता है। हर आवेदन पर क्रेडिट जांच हो सकती है और कम समय में कई जांच आपके क्रेडिट प्रोफाइल पर असर डाल सकती हैं। इसलिए एक आवेदन खारिज होने के बाद तुरंत कई दूसरे बैंकों में आवेदन करने से बचें।

दस्तावेजों में गड़बड़ी
कई बार आर्थिक स्थिति ठीक होने के बावजूद दस्तावेजों की वजह से लोन अटक जाता है। आय के दस्तावेज अधूरे होना, सैलरी की जानकारी में अंतर, पुरानी नौकरी की जानकारी या व्यक्तिगत विवरण में गलती से सत्यापन में समस्या आ सकती है। आवेदन से पहले पहचान, आय, नौकरी और बैंक खाते की जानकारी एक जैसी और सही रखें।

लोन रिजेक्ट हो जाए तो क्या करें?
लोन खारिज होने के बाद तुरंत दूसरे बैंक में आवेदन न करें। पहले बैंक से आवेदन खारिज होने की वजह पूछें। RBI के दिशानिर्देशों के अनुसार, लोन आवेदन ठुकराने पर ग्राहक को मुख्य कारण बताया जाना चाहिए। इसके बाद अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जांचें, संभव हो तो मौजूदा कर्ज कम करें और गलत जानकारी ठीक कराएं। लोन रिजेक्ट होना हमेशा स्थायी समस्या नहीं है। जरूरी है कि अगला आवेदन करने से पहले असली कमी को दूर किया जाए।

(प्रियंका कुमारी)

Continue reading on the app

  Sports

IND vs SL: टीम इंडिया को बड़ा झटका, Kuldeep Yadav बाहर, सारांश जैन का 33 की उम्र में ऐतिहासिक Test Debut

कोलंबो में रविवार को भारत और श्रीलंका के बीच दूसरे टेस्ट की शुरुआत टॉस के साथ हुई, जहां भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। पहले टेस्ट में 165 रन की शानदार जीत के बाद भारत के पास दो मैचों की श्रृंखला में 1-0 की अजेय बढ़त है। हालांकि, दूसरे मुकाबले से पहले टीम को कुलदीप यादव के रूप में बड़ा झटका लगा है।

कुलदीप वायरल संक्रमण से पूरी तरह ठीक नहीं हो पाए हैं और इसी वजह से उन्हें अंतिम एकादश में जगह नहीं मिली है। भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने बताया कि कुलदीप चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे। हालांकि, जरूरत पड़ने पर उन्हें मस्तिष्काघात के विकल्प के तौर पर मैदान पर उतारा जा सकता है।

कुलदीप की अनुपस्थिति में सारांश जैन को टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिला है। 33 वर्षीय सारांश को टीम के खिलाड़ियों के बीच मैच से पहले रवींद्र जडेजा ने भारत की टोपी पहनाई। वह 1998 में रॉबिन सिंह के बाद 33 वर्ष की उम्र पार करने के बाद अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बने हैं।

शुभमन गिल ने भी कुलदीप की अनुपस्थिति की पुष्टि करते हुए कहा कि संक्रमण के कारण बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर को बाहर बैठना पड़ा और सारांश को उनकी जगह मौका मिला है।

गिल ने कोलंबो की पिच को लेकर भी अपनी राय रखी। उनके मुताबिक यहां की सतह गाले की तुलना में अधिक सख्त और बल्लेबाजी के लिए बेहतर दिखाई दे रही है। भारतीय कप्तान का मानना है कि शुरुआती दो से तीन दिन बल्लेबाजों के लिए अच्छे हो सकते हैं, हालांकि मुकाबला आगे बढ़ने पर गेंद के घूमने और पिच के धीमा होने की संभावना है।

गौरतलब है कि गाले में खेले गए पहले टेस्ट में भारत ने हर विभाग में प्रभावी प्रदर्शन किया था। गिल ने उस जीत को दस में से नौ अंक दिए। उन्होंने कहा कि पांच दिन तक लगभग हर सत्र में लगातार अच्छा खेलना आसान नहीं होता और टीम के प्रदर्शन में अभी सुधार की गुंजाइश मौजूद है।

श्रीलंका ने भी दूसरे टेस्ट के लिए दो खिलाड़ियों को पदार्पण का मौका दिया है। कामिल मिशारा और पसिंदु सूरियाबंदर को पहली बार टेस्ट खेलने का अवसर मिला है। कप्तान धनंजय डी सिल्वा की अगुवाई वाली टीम में लाहिरू उदारा, कामिंदु मेंडिस, सोनल दिनूषा, निरोशन डिकवेला, केशारा नुवंथा, प्रभात जयसूर्या, लाहिरू कुमारा और असिता फर्नांडो भी शामिल हैं।

भारत की अंतिम एकादश में यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, शुभमन गिल, ऋषभ पंत, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल, सारांश जैन, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा शामिल हैं।

मौजूदा स्थिति में भारत की नजर श्रृंखला अपने नाम करने के साथ-साथ कोलंबो में भी दबदबा कायम रखने पर है, जबकि श्रीलंका घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर वापसी करना चाहेगा।
Sun, 23 Aug 2026 22:06:00 +0530

  Videos
See all

UP Politics Live: UP की 'सियासी करेंसी', फिर चल पड़ी चवन्नी! | Akhilesh Yadav vs Jayant Chaudhray #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-23T16:43:17+00:00

News Ki Pathshala | Rubika Liyaquat: मोदी या राहुल... Gen-Z को किस पर ज्यादा भरोसा? #rahulgandhi #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-23T16:41:06+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers