सावन के व्रत में अगर आप वही पुराना बोरिंग फलाहार खा-खाकर ऊब चुकी हैं। तो कुछ नया, क्रिस्पी और चटपटा ट्राई करना चाहती हैं। तो अरबी के कबाब आपके लिए परफेक्ट ऑप्शन हैं। इसकी खासियत यह है कि इसके लिए आपको घंटों का समय नहीं देना होगा। आप कुछ ही मिनटों में इसको बनाकर तैयार कर सकती हैं। इतना ही नहीं इसका स्वाद भी बेहद लाजवाब होता है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस डिश को बनाने के आसान तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं।
जनें अरबी के कबाब की रेसिपी
सावन के महीने में व्रत के लिए प्याज और लहसुन के बिना बनने वाले अरबी के कबाब सात्विक स्नैक हैं। यह बाहर से क्रिस्पी और अंदर से सॉफ्ट दिखने वाली डिश को बनाने की रेसिपी के बारे में बताने जा रहे हैं।
अरबी को उबालें
सबसे पहले अरबी को प्रेशर कुकर या फिर भगोने में डालकर उबालें। इसके पकने के बाद अरबी का छिलका उतार लें। वहीं हाथों में हल्का तेल लगाकर इसको अच्छे से मैश करें और ध्यान रहे कि इसमें गांठ न रहे।
कबाब के लिए मिश्रण
कबाब का मिश्रण बनाने के लिए मैश की हुई अरबी में अदरक, हरी मिर्च, भुना जीरा पाउडर, हरा धनिया, अमचूर या नींबू का रस, सेंधा नमक और काली मिर्च डालें। फिर इसको अच्छे से मिक्स कर लें।
अच्छी बाइंडिंग के लिए और कुरकुरेपन के लिए इसमें सिंघाड़े का आटा, कुट्टू का आटा या आरारोट डालें। सभी चीजों को अच्छे से मिलाते हुए आते की तरह डो तैयार करें।
जानें कबाब बनाने का तरीका
कबाब बनाने के लिए हाथों पर थोड़ा सा तेल या घी लगाएं। फिर मिश्रण में से थोड़ा-थोड़ा हिस्सा लेकर गोल टिक्की या कबाब का आकार बनाएं। इसको हल्के हाथों से प्रेस करें, वरना इनके टूटने का डर रहता है।
फ्राई करने का प्रोसेस
सभी कबाब बनाने के बाद इनको एक प्लेट में रख दें। फिर दूसरी ओर गैस जलाकर इसमें पैन रखें और 2-3 बड़े चम्मच तेल या घी डालें। अब एक-एक करके सभी कबाब को पैन में रखें और स्लो फ्लेम में इनको शैलो फ्राई होने दें।
जब एक ओर से कबाब सुनहरे और कुरकुरे हो जाएं, तो इनको पलटें और दूसरी तरफ से भी क्रिस्पी होने तक सेंके। इस तरह से सभी कबाब फ्राई कर लें।
जानें सर्व करने का तरीका
इस आसान तरीके से गरमा-गरम अरबी के कबाब बनकर तैयार हैं। आप इसको हरी चटनी, दही और चाय के साथ सर्व कर सकती हैं। अगर आप तीखा खाना पसंद करती हैं, इसको लाल चटनी के साथ भी खा सकती हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
उबली हुई अरबी को पूरी तरह से ठंडा होने के बाद ही इनको छीलें और मैश करें। वरना यह ज्यादा ही चिपचिपी हो जाएंगी।
कबाब को स्मूथ बनाने के लिए इसको मैशर की जगह मोटे कद्दूकस या कांटे से भी मैश कर सकते हैं।
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दरअसल, USB-C पोर्ट ने स्मार्टफोन, टैबलेट और लैपटॉप की दुनिया में चार्जिंग को पहले से कहीं ज्यादा आसान कर दिया है। अब एक ही तरह का पोर्ट में कई डिवाइसों में देखने को मिलता है। इसी वजह अधिकतर लोग समझ लेते हैं कि यदि लैपटॉप में USB-C पोर्ट है, तो वह किसी भी USB-C चार्जर से आसानी से चार्ज हो जाता है।
हालांकि, सच तो इससे काफी अलग है। कई बार यूजर नया चार्जर खरीदने के बाद भी हैरान हो जाते हैं कि उनका लैपटॉप चार्ज क्यों नहीं कर रहा। खासकर, हर टाइप-C पोर्ट का काम चार्जिंग करना होता ही नहीं है। आइए आपको USB Type-C पोर्ट के पीछे की पूरी कहानी बताते हैं।
सभी USB-C पोर्ट एक जैसे नहीं होते
- असल में आप USB-C कनेक्टर को तकनीकी दुनिया का 'स्विस आर्मी नाइफ'(मल्टी-टूल) मान लेते हैं। एक ही पोर्ट से डेटा ट्रांसफर हो सकता है, वीडियो आउटपुट दिया जा सकता है, ऑडियो सुना जा सकता है और डिवाइस को चार्ज भी किया जा सकता है।
- हालांकि, यह जरुरी नहीं है कि आपके लैपटॉप का पोर्ट इन सभी सुविधाओं को सपोर्ट करता है। कई बार बजट और मिड-रेंज लैपटॉप में कंपनियां एक USB-C पोर्ट सिर्फ डेटा (फाइल्स या फोटो) ट्रांसफर करने के लिए देती हैं। वहीं, कुछ अन्य लैपटॉप में एक पोर्ट सिर्फ डिस्प्ले कनेक्ट करने के काम आता है। लेकिन पोर्ट की शक्ल देखकर पता लगाना कि इससे चार्जिंग हो जाएगी, तो यह आपकी सबसे बड़ी भूल है।
USB-C का पॉवर डिलीवरी कॉम्पिटेबल होना जरूरी
यदि किसी USB-C पोर्ट से लैपटॉप को चार्ज होना, तो उस पोर्ट के भीतर USB पॉवर डिलीवरी (PD) नाम की तकनीकी का होना जरुरी है। यही वो तकनीक है जिससे USB-C पोर्ट चार्जिंग को सपोर्ट करने के लायक बन जाएगा और तय करेगा कि लैपटॉप को सुरक्षित तरीके से कितनी बिजली भेजी जानी चाहिए।
Thunderbolt और USB-C में कन्फ्यूज न हों
- ऐसे में कई यूजर Thunderbolt और USB-C को एक ही तकनीक समझ लेते हैं, बल्कि दोनों में काफी अंतर है। Thunderbolt भी USB-C कनेक्टर का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन इसमें सामान्य USB-C की तुलना में कई अतिरिक्त सुविधाएं मिलती हैं।
- Thunderbolt 4 और Thunderbolt 5 पोर्ट तेज डेटा ट्रांसफर स्पीड, हाई-रिजॉल्यूशन डिस्प्ले सपोर्ट और बेहतर चार्जिंग क्षमता प्रदान करता है। इसलिए हर Thunderbolt पोर्ट USB-C जरुर होता है, लेकिन हर USB-C पोर्ट Thunderbolt नहीं होता।
कैसे चेक करें आपका USB-C पोर्ट चार्जिंग सपोर्ट करता है या नहीं?
- क्या आपको भी अपने लैपटॉप के USB-C पोर्ट की क्षमता नहीं पता है, तो सबसे आसान तरीका है उसकी ऑफिशियल स्पेसिफिकेशन चेक करना। कुछ निर्माता USB-C पोर्ट के पास पावर, बैटरी या Thunderbolt का लोगो देते हैं, जिससे पहचान आसान हो जाती है। लेकिन सभी कंपनियां ऐसा नहीं करती है।
- वहीं, कुछ लैपटॉप में केवल एक USB-C पोर्ट चार्जिंग सपोर्ट करता है, जबकि बाकी पोर्ट सिर्फ डेटा ट्रांसफर के लिए होते हैं। ऐसे में यदि आपको जानना है कि आपके लैपटॉप का USB-C पोर्ट चार्जिंग सपोर्ट करना है या नहीं, तो आपको कंपनी की वेबसाइट या फिर यूजर मैनुअल को एक बार जरुर देख लें।
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