IND vs SL : शुभमन गिल कोलंबो में रचेंगे इतिहास, 3 बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर जो रूट को छोड़ सकते हैं पीछे
IND vs SL : भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल देश के स्टार बल्लेबाजों में शुमार हैं. उन्होंने वनडे और टेस्ट क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई है. इस समय गिल टीम में कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ बल्ले से भी अहम योगदान दे रहे हैं. गिल वनडे क्रिकेट में पारी की शुरुआत करते हैं, वहीं टेस्ट क्रिकेट में वो नंबर 4 पर आकर मिडिल ऑर्डर की जिम्मेदारी संभालते हैं. अब उनके पास भारत और श्रीलंका के बीच खेली जा रही दो मैचों की टेस्ट सीरीज के दूसरे मैच में धमाल मचाने का मौका होगा.
भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा और आखिरी मुकाबला रविवार से कोलंबो के सिंहली क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है. इस मुकाबले की शुरुआत भारतीय समय के अनुसार सुबह 10 बजे से होने वाली है. इस मैच में टॉस के लिए मैदान पर भारतीय कप्तान शुभमन गिल 9:30 बजे आएंगे. भारत और श्रीलंका के बीच होने वाले दूसरे टेस्ट मैच में गिल के पास कई बड़े रिकॉर्ड्स अपने नाम करने का सुनहरा मौका होगा. गिल जो रूट का एक बड़ा रिकॉर्ड इस दौरान तोड़ना चाहेंगे.
???????????????? ???????????????????????????????? ???????? ???????????? ???????????????? ???????? ???????????? ????????????????????!⚡
— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) August 20, 2026
Maximum points on the radar, a series win in sight, and no slowing down for #TeamIndia.????
Watch #SLvIND 2nd Test, starting 23rd August, 9 AM onwards, LIVE on Sony Sports Network TV channels & Sony LIV.… pic.twitter.com/Yj0A8vNgNU
गिल बनेंगे शतकों के बादशाह
वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के मौजूदा साइकल में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में शुभमन गिल अभी संयुक्त रूप से पहले स्थान पर हैं. गिल और इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान जो रूट ने डब्ल्यूटीसी 2025-27 में पांच-पांच शतक लगाए हैं. श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में अगर गिल शतक लगाने में सफल रहते हैं, तो वह मौजूदा डब्ल्यूटीसी साइकिल में सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे. वो इस उपलब्धि को हासिल करने के साथ साथ जो रूट को पीछे छोड़ देंगे.
गिल मारेंगे रूट और ब्रूक के क्लब में एंट्री
शुभमन गिल डब्ल्यूटीसी 2025-27 में एक हजार रन पूरे करने से सिर्फ 26 रन दूर हैं. गिल ने अब तक खेले 9 टेस्ट मैचों में 69.57 की औसत से 974 रन बनाए हैं. डब्ल्यूटीसी की मौजूदा साइकल में गिल से आगे जो रूट और हैरी ब्रूक हैं. रूट 1174 और ब्रूक 1147 रन बना चुके हैं. ऐसे में कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट मैच में शुभमन गिल 26 रन बनाते ही. ड्ब्लूयटीसी 2025-27 में 1000 रन पूरे कर लेंगे.
गिल के पास 3 हजार रन पूरे करने का मौका
टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल के पास एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने का मौका होगा. गिल के पास श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में 3000 टेस्ट रन पूरे करने का बेहतरीन मौका होगा. गिल अगर कोलंबो में 7 रन बनाने में सफल रहते हैं, तो वह टेस्ट क्रिकेट में 3 हजार भी पूरे कर लेंगे. गिल ने क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट में खेले 42 टेस्ट मैचों में 2,993 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 8 शतक और 11 अर्धशतक लगाए हैं.
All in readiness in Galle for the #SLvIND Test Series ????
— BCCI (@BCCI) August 14, 2026
Captain Shubman Gill and #TeamIndia are all set ????️ pic.twitter.com/58Yo7gb3yT
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल गाले में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए थे. गिल पहले टेस्ट की दोनों ही पारियों में बेरंग नजर आए थे. पहली पारी में गिल 28 गेंदों का सामना करने के बाद सिर्फ 16 रन ही बना सके थे, वहीं, दूसरी इनिंग में गिल महज 8 रन बनाकर पवेलियन लौटे थे. ऐसे में अब गिल के पास कोलंबो में एक बार फिर धमाल मचाने का मौका होगा. वो इस मैच में बल्ले से रनों की बारिश करना चाहेंगे.
ये भी पढ़ें : IND vs SL : दूसरे टेस्ट में बदल जाएगी टीम इंडिया की प्लेइंग-11, अनुभवी ऑलराउंडर को मिलेगा चांस, जानिए कौन होगा बाहर
बैक्टीरिया ‘फॉरएवर केमिकल्स’ को लेकर जापानी शोध में बड़ा खुलासा
टोक्यो, 22 अगस्त (आईएएनएस)। जापान में एक शोध दल ने नदी की तलछट में ऐसे बैक्टीरिया की पहचान की है, जो पानी और पर्यावरण में मौजूद बेहद टिकाऊ प्रदूषक पीएफएएस को हटाने में सक्षम हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक, यह खोज इन तथाकथित ‘फॉरएवर केमिकल्स’ से होने वाले प्रदूषण से निपटने का कम लागत वाला तरीका विकसित करने की उम्मीद जगाती है।
जापानी विश्वविद्यालय के नेतृत्व में किए गए अध्ययन में पाया गया कि प्रदूषित नदी की तलछट से अलग किए गए कुछ बैक्टीरियल स्ट्रेन पीएफओएस और पीएफओए की सांद्रता को कम कर सकते हैं। पीएफएएस ऐसे रसायनों का एक बड़ा समूह है, जिनके कार्बन-फ्लोरीन बंध बेहद मजबूत होते हैं। इसी वजह से ये प्राकृतिक वातावरण में आसानी से टूटते नहीं हैं और लंबे समय तक पानी, मिट्टी तथा वन्यजीवों में बने रह सकते हैं। इस कारण इन्हें ‘फॉरएवर केमिकल्स’ कहा जाता है।
इस का इस्तेमाल पानी और तेल को दूर रखने की क्षमता तथा रासायनिक स्थिरता के कारण विभिन्न उत्पादों में किया जाता है। इनका उपयोग कपड़ों से लेकर अग्निशमन फोम तक में किया गया है। सैन्य प्रतिष्ठानों और औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास भी इन रसायनों की अधिक मात्रा पाई गई है।
कोबे विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर हिदेयुकी इनुई ने कहा, “यदि हम प्राकृतिक पर्यावरण से एकत्र किए गए बैक्टीरिया को संवर्धित कर उनका इस्तेमाल कर सकें, तो कम लागत में प्रदूषण को दूर करना संभव होगा।”
क्योडो न्यूज एजेंसी के मुताबिक, शोध दल ने ओसाका प्रीफेक्चर की सामोंडो नदी के किनारे से तलछट (गाद) के नमूने एकत्र किए। इसके बाद वैज्ञानिकों ने ऐसे बैक्टीरियल स्ट्रेन को अलग कर उनकी पहचान की, जो पीएफओएस और पीएफओए की सांद्रता कम करने में सक्षम थे। यह अध्ययन जर्नल ऑफ वॉटर प्रोसेस इंजीनियरिंग के अगस्त अंक में ऑनलाइन प्रकाशित हुआ है।
शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला के बाहर भी इसकी उपयोगिता की जांच की। उन्होंने पाया कि एक बैक्टीरियल स्ट्रेन ने औद्योगिक कचरा लैंडफिल से निकलने वाले लीचेट में पीएफएएस की मात्रा को उल्लेखनीय रूप से कम कर दिया।
अध्ययन में यह भी सामने आया कि पीएफएएस का बैक्टीरियल कोशिकाओं पर अवशोषित होना इन हानिकारक रसायनों को हटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
शोधकर्ताओं के अनुसार, कुछ सूक्ष्मजीवों द्वारा पीएफएएस को तोड़ने की क्षमता पहले भी सामने आ चुकी है, लेकिन इस प्रक्रिया में कौन से बैक्टीरिया प्रमुख भूमिका निभाते हैं तथा रासायनिक विघटन और कोशिकाओं पर अवशोषण में से किसका कितना योगदान है, यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation









