DMK ने संगठन में किया बदलाव, MK Stalin की अगुवाई में तय हुई पदाधिकारियों की उम्र सीमा
इस वर्ष अप्रैल में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में हार के बाद राज्य के मुख्य विपक्षी दल द्रमुक ने शनिवार को अपने संगठन में बड़े बदलाव की घोषणा की। इसके तहत पार्टी के पदों के लिए उम्र की सीमा तय करने के साथ ही कार्यकाल भी सीमित करने का फैसला किया गया है। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के राज्य मुख्यालय अन्ना अरिवलयम में पार्टी अध्यक्ष एम.के. स्टालिन की अध्यक्षता में हुई कार्यकारी समिति की बैठक में संगठन के ढांचे में बड़े बदलाव लाने के लिए अहम प्रस्ताव पारित किए गए।
इस नयी व्यवस्था के तहत द्रमुक अपने संगठनात्मक जिलों की संख्या 78 से बढ़ाकर 110 करेगी, जिनमें स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक जिले को व्यापक रूप से दो विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत विभाजित किया जाएगा। कोयंबटूर और तांबरम जैसे बड़े शहरी केंद्रों में ‘शहर सचिव’ का अलग पद खत्म कर दिया गया है। इसके बजाय, शहरी क्षेत्रों का मतदाताओं की संख्या के आधार पर पुनर्गठन किया जाएगा।
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चेन्नई निगम क्षेत्र की प्रत्येक समिति में औसतन 40,000 मतदाता, जबकि अन्य निगमों में प्रत्येक समिति में औसतन 30,000 मतदाता होंगे। पार्टी के कामकाज को पेशेवर बनाने और नई पीढ़ी को आगे लाने के उद्देश्य से नेतृत्व ने उम्र की सख्त सीमा, सभी पदों के लिए अधिकतम दो कार्यकाल की अनिवार्यता और संगठनात्मक जिलों का व्यापक विस्तार किया है।
Champai Soren ने Jharkhand में भर्ती परीक्षा विवाद पर CBI जांच की मांग उठाई
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने शनिवार को झामुमो के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों को धोखा देने और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग करने वालों के खिलाफ पुलिस बल का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। सोरेन ने मांग की कि राज्य सरकार कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की सिफारिश करे। उन्होंने दावा किया कि नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने का सत्तारूढ़ गठबंधन का कोई इरादा नहीं है।
सोरेन ने आरोप लगाया, “झामुमो कार्यकर्ताओं और पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे और मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने की कोशिश कर रहे छात्रों की पिटाई की। उन्होंने प्रशासन से इसकी अनुमति भी ली थी। इसके बावजूद उन्हें पीटा गया।
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ऐसा केवल रांची में ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य जिलों में भी हुआ।” झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच शुक्रवार को रांची, हजारीबाग, गिरिडीह और अन्य जिलों में झड़प हुई थी।
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