Champai Soren ने Jharkhand में भर्ती परीक्षा विवाद पर CBI जांच की मांग उठाई
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने शनिवार को झामुमो के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों को धोखा देने और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग करने वालों के खिलाफ पुलिस बल का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। सोरेन ने मांग की कि राज्य सरकार कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की सिफारिश करे। उन्होंने दावा किया कि नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने का सत्तारूढ़ गठबंधन का कोई इरादा नहीं है।
सोरेन ने आरोप लगाया, “झामुमो कार्यकर्ताओं और पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे और मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने की कोशिश कर रहे छात्रों की पिटाई की। उन्होंने प्रशासन से इसकी अनुमति भी ली थी। इसके बावजूद उन्हें पीटा गया।
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ऐसा केवल रांची में ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य जिलों में भी हुआ।” झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच शुक्रवार को रांची, हजारीबाग, गिरिडीह और अन्य जिलों में झड़प हुई थी।
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झारखंड के रामगढ़ जिले में इस्पात के कारखाने में आग लगने से कम से कम तीन कर्मचारियों की मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल हो गया। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार की आधी रात के आसपास हेलाल स्थित इस्पात कारखाने के कैप्टिव पावर प्लांट में आग लग गई।
कैप्टिव पावर प्लांट का मतलब है किसी फैक्टरी या उद्योग द्वारा अपनी जरूरत की बिजली खुद पैदा करने के लिए लगाया गया बिजली संयंत्र। रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मुकेश कुमार लुनायत ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि हादसे में गंभीर रूप से झुलसे कम से कम चार कर्मचारियों में से तीन की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्होंने कहा कि आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
बरकाकाना थाना प्रभारी उमाशंकर वर्मा ने बताया कि मृतकों की पहचान रांची निवासी संजीव कुमार केसरी (50), बोकारो के रहने वाले विनीत महतो (25) और गढ़वा जिले के अभिषेक पांडे (24) के रूप में हुई है। घायल तरुण राजवार का रांची रोड स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। मुख्य कारखाना निरीक्षक मनीष सिन्हा ने कहा, इस्पात कारखाने मां छिन्नमस्तिका इस्पात के कैप्टिव पावर प्लांट में आग लग गई।
जांच के लिए दो-सदस्यीय टीम को मौके पर भेजा गया है, जिसमें एक कारखाना निरीक्षक और छोटानागपुर के मुख्य उपनिरीक्षक शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय कारखाने में बड़ी संख्या में मजदूर मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि नियंत्रण कक्ष के अत्यधिक गर्म होने के कारण टरबाइन में विस्फोट हुआ जिसके बाद संयंत्र में आग लग गई।
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