रक्षाबंधन की सुबह नाश्ते में क्या बनाएं? पूरी आलू से पनीर पराठा तक ट्राई करें ये 7 स्वादिष्ट डिश, परिवार के साथ त्योहार बनेगा खास
Raksha Bandhan Breakfast Ideas: रक्षाबंधन की सुबह रोज के नाश्ते की जगह कुछ खास डिश बनाकर त्योहार का मजा बढ़ाया जा सकता है. पूरी आलू और छोले भटूरे पारंपरिक और भरपूर नाश्ते के अच्छे विकल्प हैं. कचौरी और पनीर पराठा भी पूरे परिवार के लिए स्वादिष्ट ब्रेकफास्ट बन सकते हैं. कुछ अलग खाना चाहते हैं तो मिसल पाव या पेसरट्टू और उपमा ट्राई कर सकते हैं. परिवार की पसंद के हिसाब से एक मुख्य डिश चुनें और उसके साथ चटनी, दही या अचार रखें. कुछ तैयारी रात में करने से रक्षाबंधन की सुबह किचन का काम भी आसान हो सकता है.
जापानी तकनीक और यूपी की युवा शक्ति से बनेगी हेल्थकेयर की नई साझेदारी, नए अवसर पैदा होंगे
UP News: इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित यूपी-जापान हेल्थकेयर एंड केयर इकॉनामी पार्टनरशिप के सेक्टोरल सेशन में उत्तर प्रदेश और जापान के बीच हेल्थकेयर, मेडिकल एजुकेशन, रोबोटिक्स, फार्मा और कुशल मानव संसाधन के क्षेत्र में साझेदारी की नई संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई. कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि यूपी की युवा शक्ति और जापान की अत्याधुनिक तकनीक का संगम दोनों देशों के लिए हेल्थकेयर सेक्टर में नए अवसर पैदा कर सकता है.
निवेश के लिए अनुकूल बनाया
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है. बेहतर कानून-व्यवस्था, एक्सप्रेसवे, एयर कनेक्टिविटी, बिजली और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास ने प्रदेश को निवेश के लिए अनुकूल बनाया है.
युवा आबादी और प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध
उन्होंने कहा कि जापान तकनीक, गुणवत्ता और कार्यकुशलता के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है, जबकि उत्तर प्रदेश के पास बड़ी युवा आबादी और प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 47 से बढ़कर 83 से अधिक हो गई है. मेडिकल कॉलेजों के साथ नर्सिंग कॉलेज भी विकसित किए जा रहे हैं और एमबीबीएस, एमडी, नर्सिंग तथा पैरामेडिकल सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. जापान में प्रशिक्षित और कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता को देखते हुए उत्तर प्रदेश वहां डॉक्टर, फार्मासिस्ट, नर्सिंग स्टाफ और मेडिकल तकनीशियन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. जापानी कंपनियों की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को जापानी भाषा और कार्य संस्कृति का प्रशिक्षण भी दिया जा सकता है.
12 कंपनियों के साथ एमओयू किए गए
अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष ने कहा कि हेल्थकेयर सेक्टर में जापान के साथ सहयोग के लिए उत्तर प्रदेश में व्यापक संभावनाएं हैं. उन्होंने कहा कि हाल में आयोजित निवेश कार्यक्रम में नई पीढ़ी के स्टार्टअप उद्यमियों ने भी भाग लिया. फार्मा क्षेत्र में एक ही दिन 12 कंपनियों के साथ एमओयू किए गए. जापानी कंपनियां उत्तर प्रदेश में निवेश करने की इच्छुक हैं और प्रदेश जापानी तकनीक को यहां लाने के लिए भी प्रयासरत है. उन्होंने बताया कि जापान के सहयोग से प्रदेश में रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी की नई संभावनाओं पर काम किया जा रहा है. इसके साथ ही करीब 400 एकड़ में मेडिकल टेक पार्क विकसित करने की योजना है. पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेजों के निर्माण में भी जापानी निवेशकों और कंपनियों की भागीदारी की संभावनाएं तलाशने की बात कही गई. उन्होंने कहा कि जापान की कार्य संस्कृति और तकनीकी दक्षता के साथ उत्तर प्रदेश का विकसित होता हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिलकर एक मजबूत मॉडल तैयार कर सकता है. व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से भारत की वैश्विक पहचान मजबूत हुई है.
विश्वास और मजबूत होते संबंधों का परिणाम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जापान यात्रा के बाद जापानी प्रतिनिधिमंडल का उत्तर प्रदेश आना दोनों देशों के बढ़ते विश्वास और मजबूत होते संबंधों का परिणाम है. उन्होंने कहा कि जापान की तकनीक और उत्तर प्रदेश की युवा शक्ति का संगम विकास की नई संभावनाएं पैदा करेगा. उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेशकों के लिए वन-विंडो सिस्टम के माध्यम से पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है. युवाओं को स्किल्ड बनाने के साथ विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, जिससे उन्हें देश-विदेश में रोजगार के अवसर मिल सकें.
आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के अभियान में निवेश
उन्होंने जापानी प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उत्तर प्रदेश सरकार कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने के साथ जापानी तकनीक को प्रदेश में लाने के लिए भी पूरा सहयोग करेगी. श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के अभियान में निवेश के साथ रोजगार सृजन भी सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि आज देश और विदेश में स्किल्ड, सेमी स्किल्ड और नॉन स्किल्ड मैनपावर की आवश्यकता है और उत्तर प्रदेश इस जरूरत को पूरा करने के लिए तैयार है. ‘हर हाथ को काम’ सरकार का संकल्प है और इसे देश के साथ विदेशों में भी रोजगार के अवसरों से जोड़कर पूरा किया जाएगा. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल लैंड लॉक्ड प्रदेश की पहचान तक सीमित नहीं है. सड़क, जल और वायु कनेक्टिविटी के क्षेत्र में प्रदेश ने तेजी से प्रगति की है.
स्रोत: आईएनएस
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