CDSCO जांच में 280 Medicine Samples मानकों पर विफल, राज्य और केंद्रीय लैब ने दी रिपोर्ट
केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने जुलाई महीने के अपने मासिक औषधि अलर्ट में विभिन्न कंपनियों द्वारा निर्मित दवा के 40 नमूनों को मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं (एनएसक्यू) पाया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने भी 240 दवा नमूनों को मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाया है।
नियमित विनियामक निगरानी गतिविधि के मुताबिक केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के पोर्टल पर हर महीने मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाई गई और नकली दवाओं की सूची जारी की जाती है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, अगस्त 2026 में केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने दवा के 40 नमूनों को मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं पाया है, जबकि राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 240 दवा नमूनों को एनएसक्यू पाया। बयान में कहा गया कि दवा के नमूनों को एनएसक्यू के रूप में चिन्हित करना निर्धारित गुणवत्ता मानकों में से किसी एक या अन्य मानक पर नमूने के विफल होने के आधार पर किया जाता है।
यह विफलता सरकारी प्रयोगशाला द्वारा जांचे गए बैच की दवा तक ही सीमित होती है और इससे बाजार में उपलब्ध अन्य दवाओं को लेकर किसी तरह की चिंता की जरूरत नहीं है। इसके अलावा, बिहार से लिए गए एक दवा के नमूने को नकली दवा के रूप में चिन्हित किया गया है। इसका निर्माण अनधिकृत निर्माताओं ने किसी अन्य कंपनी के स्वामित्व वाले ब्रांड नाम का इस्तेमाल करके किया था।
मामले की जांच चल रही है और अधिनियम एवं नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। एनएसक्यू और नकली दवाओं की पहचान करने की यह कार्रवाई नियमित रूप से राज्य नियामकों के सहयोग से की जाती है, ताकि ऐसी दवाओं की पहचान कर उन्हें बाजार से हटाया जा सके।
MEA ने Pakistan की आपत्ति खारिज की, जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की जम्मू-कश्मीर पर टिप्पणी को लेकर इस्लामाबाद में शीर्ष अमेरिकी राजनयिक को तलब किए जाने के संबंध में विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान की हताशा पर टिप्पणी करने का कोई कारण नजर नहीं आता। गोर ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘‘मुझे पाकिस्तान की हताशा पर टिप्पणी करने का कोई कारण नहीं दिखता।’’ गोर ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के दौरे के दौरान कहा था कि यह केंद्र शासित प्रदेश भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उनकी टिप्पणी के कुछ घंटों बाद, पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी को तलब किया और गोर की टिप्पणी पर ‘‘कड़ी आपत्ति’’ जताई। गोर ट्रंप प्रशासन में दक्षिण और मध्य एशिया के लिए विशेष दूत भी हैं। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘‘पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर को ‘भारत का हिस्सा’ बताए जाने की कड़ी निंदा की और इसे स्पष्ट रूप से खारिज किया।’’ जायसवाल ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं और हमेशा रहेंगे।
जायसवाल ने राष्ट्रीय राजधानी में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर कुछ अनधिकृत ढांचों को हटाने के भारत के जवाबी कदम पर पूछे गए एक सवाल का भी जवाब दिया। भारत का यह कदम पाकिस्तान द्वारा इस सप्ताह इस्लामाबाद में भारतीय मिशन के बाहर पार्किंग पोल हटाए जाने के बाद उठाया गया। जायसवाल ने कहा, ‘‘हमारे अनुरोध के बावजूद वहां (इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के बाहर) कुछ ढांचे हटा दिए गए थे।
ऐसा होने के बाद, हमने एक आनुपातिक कार्रवाई की - हमने यहां (दिल्ली में) पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर की लेन में स्थित कुछ अस्थायी ढांचे हटा दिए।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi










