मुंह के किस-किस हिस्से में होता है ओरल कैंसर? जानिए कैसे दिखते हैं लक्षण और किस तरह होती है जांच
Oral Cancer Symptoms: भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने बताए मुंह के कैंसर के लक्षण, जांच के तरीके, रिस्क फैक्टर और इलाज. ऐसे में मुंह के कैंसर का समय रहते पता लगा लिया जाए तो समय पर इलाज शुरू हो सकता है और कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों तक फैलने से रोका जा सकता है.
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स्वाइन फ्लू के लक्षणों को न करें नजरअंदाज, इन बातों का रखें ख्याल
नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। मौसम बदलने के साथ बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द और शरीर में दर्द जैसी परेशानियां आम लग सकती हैं। कई बार लोग इन्हें सामान्य वायरल या मौसम का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर ऐसे लक्षण लगातार बने रहें या बढ़ने लगें, तो सावधान होना जरूरी है। ये लक्षण स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 संक्रमण में भी दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में घबराने के बजाय सही सावधानी बरतना और डॉक्टर से सलाह लेना ज्यादा जरूरी है।
अगर बुखार, खांसी, गले में खराश या शरीर में दर्द जैसे लक्षण हैं, तो पर्याप्त आराम करें। शरीर को ठीक होने के लिए आराम की जरूरत होती है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी और दूसरे तरल पदार्थ लेते रहें, ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे। कमजोरी महसूस होने पर काम या बाहर निकलने की जल्दबाजी न करें।
अगर फ्लू जैसे लक्षण हैं तो दूसरों के संपर्क में आने से बचना बेहतर है। जरूरी होने पर मास्क पहनें, खासकर जब घर से बाहर निकलना पड़े या दूसरे लोगों के आसपास रहना हो। घर में बुजुर्ग, छोटे बच्चे या पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोग हों तो उनके करीब जाने में विशेष सावधानी बरतें। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है।
खांसी या छींक आने पर मुंह और नाक को टिश्यू पेपर से ढकें। इस्तेमाल किए गए पेपर को तुरंत कूड़ेदान में डालें। हाथों को बार-बार साबुन और पानी से अच्छी तरह धोना भी जरूरी है। हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
अगर लक्षण बने रहते हैं, ज्यादा बिगड़ते हैं या आपकी हालत में सुधार नहीं हो रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लें। खासकर बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं या किसी अन्य कारण से हाई-रिस्क ग्रुप में आने वाले लोगों को फ्लू जैसे लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।
बुखार या खांसी देखकर अपनी मर्जी से एंटीबायोटिक, एंटीवायरल या दूसरी दवाएं शुरू न करें। हर बुखार फ्लू नहीं होता और हर मरीज के लिए एक जैसा इलाज जरूरी नहीं होता। डॉक्टर लक्षणों और जरूरत के अनुसार जांच या उपचार की सलाह दे सकते हैं।
--आईएएनएस
पीआईएम/एएस
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