Tripura में NLFT और ATTF ने 4 सितंबर से दी 72 घंटे की हड़ताल की चेतावनी
त्रिपुरा के हथियार डालने वाले तीन उग्रवादी गुटों ने शुक्रवार को छह-सूत्री मांगों को लेकर चार सितंबर से 72 घंटे की राज्यव्यापी हड़ताल करने की धमकी दी। इन मांगों में उस त्रिपक्षीय समझौते को लागू करना भी शामिल है, जिसके तहत उन्होंने हथियार डाले थे। आत्मसमर्पण करने वाले इन तीन संगठनों में नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (एनएलएफटी) (ओरिजिनल), एनएलएफटी (पीडी) और ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स (एटीटीएफ) शामिल हैं।
इन संगठनों ने 2024 में केंद्र और राज्य सरकार के साथ त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद हथियार डाल दिए थे। एनएलएफटी (ओरिजिनल) के नेता परिमल देबबर्मा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, कई दौर की बातचीत के बाद हमने चार सितंबर, 2024 को केंद्र और राज्य सरकार के साथ त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए और शांति के लिए अपने हथियार और गोला-बारूद छोड़ दिए, लेकिन हमारी मांगें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। देबबर्मा ने कहा, सरकार ने हमारी जायज मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिये थे और दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है।
इसके कारण हमें छह-सूत्री मांगों को लेकर चार सितंबर से 72 घंटे के राज्यव्यापी बंद का आह्वान करना पड़ रहा है।
Khargone में बस का Brake Fail, खाई में गिरने से बाल-बाल बचे महाराष्ट्र के 50 छात्र
मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में एक खतरनाक मोड़ पर अचानक ब्रेक फेल होने के बाद महाराष्ट्र के 50 से अधिक कॉलेज छात्रों को लेकर जा रही एक बस खाई में गिरने से बाल-बाल बच गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना मंडलेश्वर पुलिस थाना क्षेत्र के जाम गेट घाट खंड में शाम करीब सात बजे हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि खतरनाक मोड़ पर बस के ब्रेक फेल हो गए, जिससे ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया। उन्होंने कहा कि नतीजतन, वाहन सड़क किनारे की रेलिंग को तोड़ते हुए खाई के पास अटक गया। बस में सवार छात्र महाराष्ट्र के थे और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर में एक सेमिनार में भाग लेने आए थे।
सेमिनार के बाद वे जाम गेट होते हुए इंदौर से महेश्वर जा रहे थे। अधिकारी ने बताया कि जाम गेट के नीचे घाट में एक खतरनाक मोड़ पर अचानक ब्रेक फेल होने से बस चालक ने उस पर नियंत्रण खो दिया। उन्होंने बताया कि सड़क किनारे लगे पत्थरों के ढेर से बस खाई में गिरने से बच गई।
अधिकारी ने बताया कि अगर बस थोड़ा भी आगे चली जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे और तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने सभी छात्रों को आपातकालीन निकास के जरिए सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इस घटना में किसी छात्र के घायल होने की खबर नहीं है। मंडलेश्वर थाना प्रभारी पंकज तिवारी और डायल-112 की टीम भी मौके पर पहुंची तथा सभी छात्रों को निजी वाहनों से सुरक्षित महेश्वर पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में माधव गौशाला स्थित धर्मशाला में प्रशासन द्वारा छात्रों को भोजन और आश्रय प्रदान किया जा रहा है।
फंसे हुए बस को निकालने के लिए क्रेन की सहायता ली जा रही है।
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