Rakhi Mehndi Design: सावन में रचाएं भाई के लिए प्यार, इस रक्षाबंधन ट्राई करें ये 6 खूबसूरत मेहंदी डिजाइन
Rakhi Mehndi Design: सावन की हरियाली के साथ रक्षाबंधन का त्योहार भी दस्तक दे चुका है। ऐसे में हाथों पर मेहंदी का रंग त्योहार की खुशी को और खास बना देता है। इस बार सिंपल फ्लोरल डिजाइन के साथ भाई के नाम, राखी और भाई-बहन थीम वाली 6 मेहंदी ट्राई करें। ये डिजाइन आपके रक्षाबंधन लुक में प्यार और अपनापन दोनों का रंग भर देंगी।
1.भाई के नाम वाली मेहंदी
हथेली के बीच में ‘भाई’ या प्यारा भैया मेरा जैसे शब्द लिखकर उसके चारों ओर फूल-पत्तियों की बेल बनाएं। सिंपल होने के साथ यह डिजाइन रक्षाबंधन के लिए खास लगेगी।
2.भाई-बहन वाली डिजाइन
हथेली पर भाई-बहन की छोटी-सी तस्वीर या राखी बांधते हुए डिजाइन बनवा सकती हैं। यह मेहंदी रक्षाबंधन की भावना को खूबसूरती से दिखाती है।
3.राखी मोटिफ मेहंदी
हथेली के बीच में एक खूबसूरत राखी का डिजाइन बनाएं और उसके आसपास छोटे फूल, पत्तियां और डॉट्स लगाएं। यह यूनिक और फेस्टिव लुक देगा।
4.फ्लोरल अरेबिक डिजाइन
अगर ज्यादा भरी हुई मेहंदी पसंद नहीं है, तो फूलों और बेल वाली अरेबिक डिजाइन चुनें। इसमें हाथ का कुछ हिस्सा खाली रहता है, जिससे लुक मॉडर्न और एलिगेंट दिखता है।
5.मंडला और जाली डिजाइन
हथेली के बीच छोटा मंडला बनाकर उंगलियों पर जाली या डॉट पैटर्न बनाएं। कम समय में तैयार होने वाली यह डिजाइन सिंपल लेकिन आकर्षक लगेगी।
6.सिर्फ उंगलियों पर मेहंदी
अगर मेहंदी लगाने का ज्यादा समय नहीं है, तो सिर्फ उंगलियों और कलाई पर छोटी-सी डिजाइन बनवा सकती हैं। फिंगर-टिप मेहंदी फेस्टिव लुक के साथ काफी मिनिमल भी रहती है।
अगर आप सिंपल डिजाइन पसंद करती हैं, तो फ्लोरल, अरेबिक या मिनिमल मेहंदी भी ट्राई कर सकती हैं। अपनी पसंद के हिसाब से डिजाइन चुनें और रक्षाबंधन की खुशियों को मेहंदी के रंग के साथ सेलिब्रेट करें।
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Kids Meal Plan: 2-3 साल के बच्चों के लिए बनाएं 7 दिन का हेल्दी मील प्लान, खाने में शामिल करें ये चीजें
Kids Meal Plan: 2-3 साल की उम्र में बच्चे तेजी से बढ़ते हैं और इस दौरान उन्हें अलग-अलग तरह के पोषक तत्वों की जरूरत होती है। बच्चे की प्लेट में अनाज, दाल, सब्जियां, फल, दही और अन्य पौष्टिक चीजों को उम्र और बच्चे की पसंद के अनुसार शामिल किया जा सकता है। बच्चे के लिए 7 दिनों का यह आसान रूटीन बेहतर विकल्प हो सकता है।
दिन 1: सॉफ्ट इडली और नारियल चटनी
पहले दिन नाश्ते में सॉफ्ट इडली दी जा सकती है। इडली को छोटे और नरम टुकड़ों में काटकर बच्चे को खिलाएं। इसके साथ हल्की नारियल चटनी दी जा सकती है। दोपहर या रात के खाने में दाल-चावल और नरम पकी सब्जियां शामिल करना आसान विकल्प है।
दिन 2: वेज दलिया
दूसरे दिन बच्चे को सब्जियों वाला दलिया खिलाया जा सकता है। दलिया में मूंग दाल, गाजर, मटर और थोड़ी हल्दी डालकर इसे नरम पकाएं। सब्जियों को अच्छी तरह गलाकर दें, ताकि बच्चे को चबाने में परेशानी न हो। जरूरत के अनुसार इसकी कंसिस्टेंसी थोड़ी नरम रखी जा सकती है।
दिन 3: मूंग दाल की खिचड़ी
तीसरे दिन मूंग दाल की खिचड़ी बच्चे के लिए हल्का और आसान भोजन हो सकती है। इसमें चावल, मूंग दाल, गाजर और मटर जैसी सब्जियां डाल सकते हैं। खिचड़ी को अच्छी तरह पकाकर नरम रखें। स्वाद के लिए हल्दी और जीरे का सीमित इस्तेमाल किया जा सकता है।
दिन 4: दही-चावल
चौथे दिन के मील में दही-चावल शामिल कर सकते हैं। नरम पके चावल में ताजा दही मिलाकर बच्चे को खिलाएं। दही बहुत ठंडा न हो और नमक की मात्रा भी कम रखें। अगर बच्चा किसी डेयरी प्रोडक्ट को आसानी से पचा नहीं पाता है, तो उसे देने से पहले बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।
दिन 5: सॉफ्ट वेज उपमा
पांचवें दिन नाश्ते में सब्जियों वाला उपमा दिया जा सकता है। इसमें गाजर, शिमला मिर्च, मटर और धनिया जैसी चीजें शामिल की जा सकती हैं। उपमा को अच्छी तरह पकाकर नरम रखें। बच्चे के लिए इसे कम मसाले और कम तेल में तैयार करें।
दिन 6: केला पैनकेक
छठे दिन नाश्ते में केले से बना सॉफ्ट पैनकेक एक आसान विकल्प हो सकता है। इसे आटे या सूजी और पके केले से तैयार किया जा सकता है। पैनकेक को बहुत ज्यादा मीठा करने की जरूरत नहीं है। इसे नरम रखें और बच्चे को छोटे टुकड़ों में परोसें।
दिन 7: वेज सूजी उपमा
सातवें दिन फिर से वेज सूजी उपमा को मेन्यू में शामिल किया जा सकता है। इसमें गाजर, मटर और थोड़ी सी धनिया डालकर इसे पौष्टिक और स्वादिष्ट बनाया जा सकता है।
बच्चों के लिए खाना बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
- खाने में नमक और चीनी सीमित रखें।
- भोजन को बहुत ज्यादा मसालेदार बनाने से बचें।
- बच्चे को खाना हमेशा उसकी उम्र के हिसाब से नरम और छोटे टुकड़ों में दें।
- साबुत मेवे, अंगूर जैसे गोल खाद्य पदार्थ, पॉपकॉर्न या अन्य चोकिंग-रिस्क वाली चीजें बिना उचित तैयारी के न दें।
इसके अलावा बच्चे की डाइट में सिर्फ एक सप्ताह के तय मेन्यू पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग अनाज, दालें, सब्जियां, फल और प्रोटीन स्रोतों को बदल-बदलकर शामिल करना बेहतर है।
(Disclaimer): यह एक सामान्य मील-प्लान आइडिया है। हर बच्चे की भूख, एलर्जी, पाचन और पोषण की जरूरत अलग हो सकती है। किसी बच्चे को एलर्जी, वजन से जुड़ी समस्या या अन्य विशेष डाइट की जरूरत हो, तो बाल रोग विशेषज्ञ या योग्य डाइटीशियन की सलाह लें।
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